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Delhi: भारतीय रेलवे ने पटरी पर दौड़ती ट्रेनों की सुरक्षा को और पुख्ता करने के लिए अपनी स्वदेशी स्वचालित ट्रेन सुरक्षा (Automatic Train Protection (ATP) प्रणाली तैयार कर ली है, जिसका नाम ‘कवच’ (KAWACH) रखा गया है। भारतीय रेलवे इस कवच को दुनिया की सबसे सस्ती स्वचालित ट्रैन दुर्घटना की सुरक्षा तकनीक बताकर बढ़ावा दे रही है।
अब इस कवच (Kawach) को टेस्ट भी किया जा रहा है। सिकंदराबाद के पास दो ट्रेनें पूरी स्पीड से एक-दूसरे की ओर टकराएँगी। उस वक़्त एक ट्रैन में सवार होंगे रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और दूसरी में रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष सवार होंग। बताया जा रहा है की ‘स्वदेशी कवच तकनीक’ के चलते, ट्रेनों के बीच कोई टक्कर नहीं हो सकेगी। अब जब इसका सफल परीक्षण किया गया, तो 380 मीटर पहले ही कवच ने ट्रेन को रोक दिया था।
भारतीय रेलवे को जीरो दुर्घटनाओं के लक्ष्य को पूरा करने में मदत करने के लिए स्वचालित ट्रेन सुरक्षा (ATP) प्रणाली को इन-हाउस बनाया गया। यह कवच एक ऐसी प्रणाली है, जो एक तय सीमा के अंदर ही उसी ट्रैक पर दूसरी ट्रेन का पता लगाने पर ऑटोमेटिक रूप से एक ट्रेन को रोक देता है।
मीडिया रिपोर्ट्स बनती है की देश की मोदी सरकार ने कवच तकनीक के रूप में जो अपना मिशन बताया है। इसके लिए 2000 किलोमीटर के रेलवे नेटवर्क को तैयार किया जाएगा। इससे यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा दोनों पर ध्यान दिया जायेगा।
KAVACH is in progress!
KAVACH – An indigenous Automatic Train Protection system has been designed to provide trains with safety and automatic brake system.
So far, 1098 RKM has been commissioned.#BharatKaKavach pic.twitter.com/hSiilXFgdK— Ministry of Railways (@RailMinIndia) March 4, 2022
इसके अलावा ट्रेन की स्पीड में भी सुधार आएगा और दुर्घटनाएँ रोकी जा सकेंगी। भारत सरकार के रेलवे मंत्री अश्विन वैष्णव (Railway Minister Ashwini Vaishnaw) ने इस तकनीक के बार में बताया कि ये SIL4 प्रमाणित है, मतलब 10000 सालों में कोई एक गलती की संभावना हो बन सकती है बस।
Successful trial of Kavach!!
A Rear End Collision was avoided with the help of Kavach between two trains/locos approaching each other on same track.
Loco was stopped automatically by Kavach at a distance of around 380 metres between them.#BharatKaKavach pic.twitter.com/t7BP4Tx0XY
— Ministry of Railways (@RailMinIndia) March 4, 2022
मिली खबर के अनुसार यह कवच एक एंटी कोलिजन डिवाइस नेटवर्क (Anti-Collision System) है, जिसे रेडियो कम्युनिकेशन, माइक्रोप्रोसेसर, ग्लोबर पोजिशनिंग सिस्टम तकनीक पर बेस्ड बनाया गया है। इस तकनीक के ज़रिये रेलवे जीरो एक्सीडेंट के लक्ष्य को प्राप्त करने में सफल रहेगा।
Successful Trial of KAVACH!
Hon’ble MR @AshwiniVaishnaw witnessed the functioning of KAVACH in South Central Railway. Brakes were applied automatically in the locomotive. The Loco pilot said KAVACH is great.#BharatKaKavach #NationalSafetyDay pic.twitter.com/mwr8VUS9c3
— Ministry of Railways (@RailMinIndia) March 4, 2022
मतलब जब दो आमने सामने आने वाली ट्रेनों पर इसका इस्तेमाल होगा, तो ये तकनीक उन्हें एक दूसरे का पता लगाने और टक्कर को कम करने में ऑटोमेटिक ब्रेकिंग (Automatic Braking) का काम करेगी। फिर ट्रेनें टकराने से बच जाएँगी।





