
Raipur: 15 अगस्त सन् 1947 को हमारे देश को अंग्रेजो की गुलामी से आजाद मिली थी। तब से हर वर्ष इस दिन को आजादी दिवस के रूप में मनाया जाता है। हमारे देश के लिए काफी खुशी की बात है की इस वर्ष हमे आजाद हुए 75 वर्ष हो गए है, इसलिए आजादी की 75 वीं सालगिरह के रूप में हमारे भारत देश के माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के द्वारा इस वर्ष को आजादी का अमृत महोत्सव नाम दिया।
हमारे देश को आजादी बेहद संघर्षों के बाद मिली। स्वतंत्र क्रांति की ज्वाला में कई देश प्रेमियों की आहुति लगी। तब जाकर यह देश फिरंगियों की कैद से आजाद हुआ। इसी लिए प्रधानमंत्री मोदी ने इस देश के वीर सपूतों की याद में इस वर्ष को आजादी के अमृत महोत्सव के रूप में मनाया।
इस आजादी के अमृत महोत्सव को खास बनाने के लिए देश के हर युवा ने बढ़ चढ़ कर भाग लिया। और युवतियां भी पीछे नहीं रही। आज हम बात करेंगे देश की ऐसी बेटी जो माउंट एल्ब्रुस की चोटी पर हमारे देश की शान को लहराया। आइए विस्तार से जानते है।
पर्वतारोही अंकिता गुप्ता ने माउंट एल्ब्रुस पर भारत की शान को फहराया
आजादी के अमृत महोत्सव के उपलक्ष्य में देश का हर युवा अपना योगदान दे कर इस अवसर को और खूबसूरत बना रहा है। इन्ही में से एक बिटिया जो छतीसगढ़ राज्य के कवर्धा जिले की निवासी है। अंकिता गुप्ता (Ankita Gupta) ने माउंट एल्ब्रुस (Mount Elbrus) की बर्फीली चोटी में 18,510 फीट ऊंचाई पर भारत देश का तिरंगा लहराया। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्रीमान भूपेश बघेल के द्वारा कवर्धा की बेटी अंकिता गुप्ता को ढेर सारी बधाइयां दी।
अंकिता गुप्ता 8 अगस्त को माउंट एल्ब्रुस की चोटी पर चढ़ाई करने के लिए पहले यूरोप गई और वहा से 15 अगस्त तक उन्होंने माउंट एल्ब्रुस पर चढ़ाई की और 15 अगस्त को ही उन्होंने भारत की शान को उस चोटी पर लहराया। उनकी इस सफलता पर छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) राज्य के मुख्य मंत्री ने बेटी अंकिता गुप्ता को ढेर सारी बधाइयां दी और ट्विटर के माध्यम से हर जगह उनकी सफलता की जानकारी दी।
सरकार ने 5 लाख रुपया की मदद मोहिया कराई
एक रिपोर्ट के मुताबिक अंकिता की इस पूरी यात्रा में उन्हे करीब पांच लाख रुपया की जरूरत पड़ी। इस लिए उनकी मदद के लिए मुख्य मंत्री भूपेश बघेल ने उन्हें पांच लाख रुपए दिए। अंकिता के द्वारा देखा गया सपने में उनकी सबसे बड़ी रुकावट पैसे थे। वे आर्थिक परेशानियों के कारण काफी निराश हो गई थी। परंतु जब उन्हे सरकार से मदद मिली तो उन्होंने अपने सपने को पूरा कर देश और राज्य दोनो को गौरवान्वित किया।
माउंट एलब्रुस फतेह करने से पहले भी कर चुकी है चढ़ाई
एल्ब्रुस चोटी को फतेह करने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने अंकिता को 5 लाख रुपए की मदद की। और पर्वतारोही बिटिया अंकिता को हमारे देश की शान तिरंगा को उनके हवाले किया। इसके साथ ही उन्होंने अंकिता को उसकी जीत के लिए पहले ही शुभकामनाएं दी।
माउंट एल्ब्रुस पर लहराएगा तिरंगा
15 अगस्त को माउंट एल्ब्रुस की चोटी पर छत्तीसगढ़ की बेटी पर्वतारोही सुश्री अंकिता गुप्ता फहराएंगी मुख्यमंत्री श्री @bhupeshbaghel द्वारा प्रदत्त राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा
मुख्यमंत्री ने पर्वतारोहण अभियान हेतु अंकिता को दी अग्रिम बधाई#Chhattisgarh pic.twitter.com/9pnJMRa3Rx
— CMO Chhattisgarh (@ChhattisgarhCMO) August 3, 2022
आपको बता दें अंकिता ने माउंट एलब्रुस को फतेह करने से पहले भी जनवरी 2022 में लद्दाख के यूटी कांगरी की 19 हजार बर्फीले शिखर पर चढ़ाई की और विजय रही। जानकारी के अनुसार उस वक्त चोटी का तापमान माइनस 19 डिग्री सेल्सियस था। अंकिता ने पहली बार चढ़ाई का जोर अजमाया था और इसी लिए उन्हे बिरानी अवॉर्ड भी दिया गया था।
पिता एक किराना दुकान संचालक है
अंकिता एक मिडिल क्लास फैमिली से है, उनके पिता का पेशा एक दुकान संचालक का है और मां गृहणी हैं। अंकिता वर्तमान में छत्तीसगढ़ पुलिस में कॉन्स्टेबल के पद पर कार्यरत हैं। नक्सल सेल में तैनात अंकिता गुप्ता काफी अच्छी एथलेटिक्स हैं।
छत्तीसगढ़ की बेटी अंकिता गुप्ता ने यूरोप की सबसे ऊंची चोटी में तिरंगा फहरा कर प्रदेश का नाम रोशन किया है।
मुख्यमंत्री श्री @bhupeshbaghel
ने अंकिता को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी है। इस अभियान के लिए राज्य सरकार ने अंकिता को 5 लाख रु की आर्थिक सहायता भी प्रदान की थी।#HamarTiranga pic.twitter.com/D6sdZFoTSD— CMO Chhattisgarh (@ChhattisgarhCMO) August 17, 2022
उन्होंने नेशनल लेवल पर कई पदक जीते है और अपना नाम बनाया है। अंकिता देश के युवाओं के लिए और देश के भविष्य को संवारने के लिए काम कर रही है। वे 400 से भी अधिक युवक-युवतियों को पुलिस और सेंट्रल फोर्स की भर्ती के लिए फिजिकल ट्रेनिंग देती है।




