एक माँ अपनी 3 साल की बच्ची को बचाने के लिए तेंदुए से भिड़ गई, फिर क्या हुआ जानें: VIDEO

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Leopard Attack
Woman fights off leopard to save daughter in Maharashtra. A Mother clashed with leopard to save 3-year-old girl in Chandrapur.

File Photo

Chandrapur: माँ दुनिया कि सबसे बडी योद्धा होती है। यह कहावत हमने अक्‍सर सुनी है। एक माँ जो अपनी अपने बच्‍चे कि खुशी के लिए किसी से भी भिड़ जाती है। कहा जाता है कि एक माँ अपने बच्‍चे के सारे दुख हर लेती है। एक माँ अपना पूरा जीवन अपने बच्‍चों कि खुशी और उनके अच्‍छे भविष्‍य के लिए कुरबान कर देती है।

माँ कि जगह कोई नहीं ले सकता यह बात तो हमने पहले कई बार सुना है कि माँ कि ममता दुनिया में सबसे बड़ी होती है। वह अपने बच्‍चे के लिए अपनी जान देने से भी पीछ़े नहीं हटती। इसी बात को सच साबित करते हुए हम आपके पास एक ऐसी खबर लेकर आये है, जिसे सुन कर आप कि ऑखे भी नम हो जायेगी और मॉं का दर्जा आपके मन में और भी ऊँचा हो जायेगा।

एक माँ के लिए अपने बेटे से बढ़कर कुछ नहीं होता है। यहॉं तक कि वह अपनी जान भी अपने बच्‍चों पर न्‍यौछवर कर देती है। कुछ ऐसा ही हुआ महारष्‍ट्र के चंद्रपुर (Chandrapur) नाम कि जगह में जहॉं एक माँ जिनका नाम ज्‍योति (Jyoti Pupalwar) है।

वह अपनी बच्‍ची कि जान बचाने के लिए एक तेंदुए से भिड़ गई। जी हॉं यह बात पुरी तरह से सही है, कि चंद्रपुर में रहने वाले एक परिवार की बच्‍ची को जब एक तेंदुआ लेकर भाग रहा था, तो उसकी मॉं अपनी जान के बारे में सोचे बगैर अपनी बच्‍ची को बचाने के लिए इस तेंदुए से भिड़ गई।

बच्‍ची को लेकर भाग रहा था तेंदुआ

यह किस्‍सा महाराष्‍ट्र के चंद्रपुर के दुर्गापुर (Durgapur) नाम के एक जगह का है। जहॉं पर एक परिवार की छोटी सी तीन साल की बच्‍ची घर में खाना खा रही थी। उतने में ही उनके घर पर एक तेंदुआ आया और उस बच्‍ची को अपने जबड़े में फसा कर लेकर जाने लगा।

जब यह दृश्‍य उस बच्‍ची कि माँ ने देखा, तो वह यह घटना देख कर घबरा गई। उस समय उन्‍हें समझ नहीं आ रहा था, कि वह क्‍या करें। अपनी बच्‍ची को इस हालत में देख कर उस मॉं को कुछ समझ नहीं आया। तो वह अपनी बच्‍ची को बचाने के लिए एक डंडा लेकर उस तेंदुए के पीछे दौड़ने लगी। यह सोचे बगैर कि तेंदुआ आक्रामक होता है और वह उन पर भी हमला कर सकता है। अपनी जान कि परवाह किये बगैर वह उस तेंदुए से भिड़ गई।

ड़डे से किया उस तेंदुए पर वार

उस माँ (Mother) ने अपनी बच्‍ची को बचाने के लिए तेंदुए के मुँह पर डंडे से वार किया। जैसे ही डंडा तेंदुए के मुँह पर लगा उसने उस बच्‍ची को छोड़ दिया। लेकिन तेंदुआ उस मॉं को मारने के लिए उन पर छपटने लगा। पर वह मॉं डरी नहीं बल्‍कि डट कर उस तेंदुए का सामना किया।

तेंदुए को और डंडो से मारा, तो वह तेंदुआ घायल हो गया। जब तेंदुए को लगा कि माँ उस पर भारी पड़ रही है। तो यह देख कर तेंदुआ वहा से भाग गया। इस घटना के दौरान स्‍थानीय लोगों ने माँ और बच्‍ची दोनों को पास के हॉस्पिटल में ले गये। जहॉ उनका इलाज चला।

इस घटना में बच्‍ची कि जान को कोई नुकसान नहीं हुआ, लेकिन माँ जो कि तेंदुए से एक वीर योद्धा कि तरह लड़ रही थी उन्‍हें काफी गंभीर चोट आई। हालांकि आपको बता दे कि अब वह माँ ओैर बच्‍ची दोनों ठीक है।

बच्‍ची को बचाने के लिए भिड़ गई तेंदुए से

हम जिस माँ कि बात कर रहे है उनका नाम ज्‍योति पुप्‍पलार है। जो अपनी बच्‍ची को खाना देकर नहाने चली गई थी। लेकिन उसी समय तेंदुआ (Leopard) आ गया और यह हादसा हो गया। जब उनसे इस घटना के बारे में बात कि गई तो वह कहती है, कि उस समय उनके दिमाग में बस अपनी बच्‍ची थी। वह बस किसी भी हालत में अपनी बच्‍ची को बचाना चाहती थी। इसलिए उन्‍होंने अपनी जान कि परवाह किए बगैर उस तेंदुए से लड़ाई कि और अपनी बच्‍ची को बचा कर ले आई।

वन अधिकारीयो को बना लिया बंधक स्थानीय लोगों ने

जैसे ही यह खबर पूरे गॉंव में फैली कि तेंदुए ने एक छोटी बच्‍ची पर हमला किया है। तो गॉव वाले आग बबूला हो गये और उन्‍होने वन विभाग के अधिकारियों और 10 कर्मचारियों को बंधक बना लिया। क्‍योंकि गॉंव वाले इस बात से नाराज थे, कि वन विभाग के इतने सारे लोग होने के बाद भी वह तेंदुआ रिहायशी इलाके में कैसे आया।

गॉंव वाले इस घटना से इतने गुस्‍साए थे, कि वह लोग तेंदुए को मारने कि मांग कर रहे थे। गॉंव वालो का गुस्‍सा देखकर वन अधिकारी ने उस तेंदुए को मारने के आर्डर दिए। ऑर्डर देने के बाद ही गॉंव वालों ने बंधकों को छोड़ा और उन्‍हें जाने दिया।

मॉं की ममता के आगे सब नतमस्तक

इस घटना से यह बात साबित होती है। कि जगह से फर्क नहीं पड़ता माँ हर जगह माँ होती है। चाहे वह जंगल में रहने वाले पशु पक्षियों कि माँ हो या फिर इंसानी माँ वह हर रूप में समान होती है। वह अपने बच्‍चे के लिए कुछ भी कर गुजरती है। वह अपने बच्‍चे के आगे अपनी जान तक कि परवाह नहीं करती है।

इसी तरह कि एक बार पहले भी घटना सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी। जहॉं जंगल में एक ‘याक’ (Yak) को खाने के लिए एक तेंदुआ उसके ऊपर झपट गया था। उस समय उस याक कि माँ (Yak Mother) ने उस तेंदुए से भिड़ कर अपने बच्‍चे कि जान बचाई थी और अब यह घटना भी कुछ इसी तरह कि है। जो कि यह साबित करता है, कि माँ चाहे किसी भी रूप में हो माँ आखिर माँ होती है। वह अपने बच्‍चे के लिए कुछ भी कर गुजरती है।

आईएफएस के प्रमुख सुरेन्‍द्र नाथ ने इस घटना के वीडियों को शेयर किया और इस पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए लिखा कि, ‘जंगल में जीवन समान होता है, लेकिन शिकार और शिकारी को कई तरह कि दिक्‍कतों का सामना करना पड़ता है, इस तरह कि खबरे हर बार साबित कर देती है कि मुश्किल चाहे जितनी बड़ी ही क्‍यों ना हो अगर माँ आपके साथ हो तो वह आपका कुछ नहीं बिगाड़ सकती।’ एक माँ अपने बच्‍चे के लिए हमेशा खडी होती है और वह उसके लिए अपने प्राण को न्‍यौछावर करने के लिए भी हमेशा तत्‍पर रहती है। मॉं कि जगह कभी कोई भी नहीं ले सकता। माँ कि छवि अतुलनीय है।

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