
Kanpur: पुराने समय से अगर हम आज के एजुकेशन सिस्टम को कंपेयर करे, तो पाते है कि आज शिक्षा का पहले से बहुत सुधार हुआ है। हालांकि बहुत से बच्चे ऐसे है, जो आज भी इससे वंछित रह जाते है। इसका कारण यह है कि जहॉं हमारे देश में अंबानी, अडानी जैसे अमीर घराने है, वही ऐसे लोग भी है जो सिर्फ 2 वक्त की रोटी के लिये संघर्ष करते है।
गरीब परिवार के बच्चो में टेलेंट होने के बावजूद भी आर्थिक तंगी के कारण वह शिक्षा से दूर हो जाते है। लेकिन कुछ लोग ऐसे भी होते है, जो कि अपनी आर्थिक स्थिति से लड़कर आगे निकलकर आते है। आज की हमारी कहानी एक ऐसे ही आर्थिक तंगी से गुजरने वाले शख्स की है।
यूपी के अलख पांडे
आज की हमारी कहानी यूपी प्रयागराज में निवास करने वाले अलख पांडे (Alakh Pandey) की है। अलख पांडे वह शख्स है, जिन्होंने बचपन में आर्थिक तंगी देखी। लेकिन पैसे की कमी से डरकर पढ़ाई नहीं छोडी। आज वह एक ऐसी पॉजीशन पर है कि दूसरो को भी आगे बढ़ने में मदद कर सही रास्ता दिखाते है।
अलख पांडे की शुरूआती शिक्षा की बात करे तो वह उन्होंने प्रयागराज से ही की। स्नातक के लिये उन्होंने इंजीनियरिंग (Engineering) को चूज किया। हम जानते है कि इंजीनियरिंग करने में बहुत ज्यादा पैसा खर्च होता है। एक साधारण परिवार के बच्चे का इसे कर पाना काफी मुश्किल है।
ऐसा ही कुछ अलख पांडे के साथ में भी हुआ। इस कोर्स को करते हुये उन्हें काफी ज्यादा दिक्क्त झेलनी पड़ी। इंजीनियरिंग करने के लिये होने वाली प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के उद्देश्य से अलख पांडे ने प्रयागराज में ही एक कोचिंग संस्थान को चुना। जिसे करके वह एक कॉलेज में दाखिला ले पाये।
इस तरह आर्थिक तंगी से गुजरकर की शिक्षा पूरी
अलख पांडे बताते है कि पढ़ाई के लिये जब उन्हें पैसों की आवश्यकता थी, उस समय उनको साउथ मलाका का घर बेचना पड़ा। घर बेचकर उस समय उनका परिवार प्रयागराज छोड़कर कालिंदीपुरम में चला गया।
2011 में अलख पांडें ने एचबीटीआई कॉलेज जो कि कानपुर में है, वहॉं एडमिशन लिया। 2015 मे पढ़ाई पूरी होने के बाद वह अपने शहर लौट आये। अपने शहर आने के बाद में अलख पांडे ने एक कोचिंग इंस्टीट्यूट छोटे से कमरे से शुरू की।
गरीब बच्चो के लिये बनाया फिजिक्स वाला चैनल
जब कोचिंग संस्थान अलख पांडे ने खोली, तो इसे चलाते चलाते ही उनके दिमाग में आया कि जिस स्थिति से वह गुजरे है। ऐसे बहुत से बच्चे भी होंगे जो पैसों की तंगी के कारण कोचिंग संस्थान (Coaching Institute) जॉइन नहीं कर पा रहे होंगे। वह बच्चे जिनके पास पैसे नहीं है वह किस तरह पढ़ाई कर पाते होंगे।
सभी बच्चो को शिक्षा मिले यह सोचकर अलख पांडे ने कोचिंग इंस्टीट्यूट बंद कर यटयूब पर एक चैनल (Youtube Channel) बनाया। यह चैनल अलख ने 2017 में बनाया। इसका नाम अलख पांडे जी ने फिजिक्सवाला रखा।
Alakh Pandey and Prateek Maheshwari, co-founders of PhysicsWallah, also made their debut on the list.
According to the report, both Pandey and Maheshwari have personal wealth of Rs 4,000 Cr and are ranked 399th on the list of 1,103 individuals. pic.twitter.com/REdwkjyhVe
— Young Turks (@CNBCYoungTurks) September 21, 2022
इस चैनल में अलख ने इंजीनियरिंग प्रतियोगिता की तैयारी के लिये रसायन और भौतिक विषय पढाना प्रारंभ किया। आज यह स्थिति है कि अलख के यूटृयूब चैनल (Youtube Channel) के पूरे 8.43 मिलियन सब्सक्राइबर है। वही इस कंपनी की मार्केट वैल्यू 8000 करोड़ है।
अन्य भाषाओं मे भी चैनल शुरू करने का लक्ष्य
अलख पांडे के यूट्यूब चैनल फिजिक्सवाला (Physics Wallah) को हर दिन हर महीने कई हजार, कई लाख लोग देखते है। यह कामयाबी अलख को उनके परिश्रम और नेक दिल की वजह से मिली है।
Alakh Pandey, popularly known as 'Physics Wallah', and his co-founder Prateek Boob debuted in the list, and both are ranked at 399th position with a wealth of INR 4,000 crore on the back of their Start-up-Physics Wallah, turning Unicorn. pic.twitter.com/wrnrCMavXW
— HURUN INDIA (@HurunReportInd) September 27, 2022
अलख कहते है कि वह तुलुगु, ओडिशा, मलयालम, कन्नड़ और बंगाली, मराठी, तमिल जैसी ओर भी भाषाओ में आपना शैक्षिक चैनल स्टार्ट करना चाहते है। अलख जी का अब लक्ष्य 2025 तक यूट्यूब पर 250 मिलियन छात्र को अपने चैनल से जोड़ने का है।
ऑफलाइन खोलेंगे 20 कोचिंग संस्थान
वही ऑफलाइन क्लास की बात करे, तो फिजिक्सवाला जो की एक कंपनी बन चुकी है उसका लक्ष्य लगभग 20 कोचिंग इंसटीट्यूट ऑफलाइन खोलने का है। अलख पांडे वह शख्स है जिसने गरीबी देखी ओर उससे निकलकर गरीब बच्चो के लिये ही कार्य किया। नेकी ओर मेहनत ही उनके जीवन की सफलता का राज बनी। वह इसी तरह आगे भी गरीब बच्चो की मदद करे और जो उनका लक्ष्य है वह पूरा हो यही हमारी कामना है।



