
Muzaffarnagar: दोस्तों जब हम किसी व्यक्ति की पर्सनालिटी के बारे में बात करते हैं तो, सबसे पहले नजर हमारी उनके कद की ओर जाती है। दुनिया भर में ऐसे कई महानायक हुए जो अपनी अपनी क्षेत्र में माहिर थे और उनका कद भी अच्छा खासा था। ऐसे में यदि कोई छोटे कद का व्यक्ति नजर आता है, तो अक्सर हमारे दिमाग में उसकी काबिलियत को लेकर शक होता है।
अगर इसका कद छोटा (Short Height Man) है, तो निश्चय ही यह बुद्धि विवेक और स्किल के मामले में भी कमजोर ही होगा। इस वजह से जिन शख्स का कद जन्म की किसी बीमारी की वजह से सामान्य लोगों की अपेक्षा कम होता है, वह अक्सर समाज और मोहल्ले में लोगों के दिए जाने वाले नेगेटिव कमेंट से ग्रसित होते हैं। लोग इन्हें चिढ़ाने के लिए किस किस नाम से बुलाते हैं, यह लिखने की जरूरत नहीं है आप सब बेहतर जानते हैं।
वास्तविकता यही है कि आप कद से किसी की काबिलियत नहीं माप सकते। दुनिया भर में कई ऐसे शख्स हुए हैं, जिनका कद भले छोटा था पर उन्होंने बड़ा नाम कमाया। इसी कड़ी में आज बिहार (Bihar) के एक ऐसे शख्स की बात कर रहे हैं जिनकी उम्र 22 साल है, परंतु उनका कद मात्र ढाई फीट ही बढ़ पाया। इसी वजह से एग्जाम देने के दौरान लोगों ने उन्हें घेर लिया और कई लोगों ने सेल्फी भी खिंचवाई।
बिहार के इस छोटे से गांव का रहने वाला है यह शख्स
जिस शख्स की हम बात कर रहे हैं, वह बिहार के मुजफ्फरनगर (Muzaffarnagar) जिले के अंतर्गत आने वाले बोहचा ग्राम के रहने वाले हैं। इनका पूरा नाम इंद्रजीत कुमार (Indrajeet Kumar) है जिनकी उम्र 22 साल हो चुकी है। परंतु बचपन में हुई किसी बीमारी की वजह से इनका कद सिर्फ ढाई फीट (2.5 Feet) तक ही बढ़ पाया था। तो भले ही उम्र में यह वयस्क हो चुके हो परंतु कद के मामले में यह अभी भी बच्चे ही है।
इंद्रजीत का कहना है कि बचपन में अन्य बच्चों की तुलना में असामान्य कद होने की वजह से ही वह लोगों से दूरियां बनाकर रहने लगा था जिस वजह से पढ़ाई में पिछड़ गया। परंतु अब उसने फैसला किया है कि जीवन में आगे बढ़ना है तो, उसके लिए पढ़ाई लिखाई बेहद जरूरी है। जिस वजह से अब वह आगे की पढ़ाई को कंटिन्यू करना चाह रहे।
साथ ना मिला तो 22 साल की उम्र में देनी पड़ रही है मैट्रिक की परीक्षा
बातचीत के दौरान इंद्रजीत ने बताया की बचपन में जब वे स्कूल जाया करते थे तो अपने कद को लेकर काफी कमैंट्स सुनने पड़ते थे, जिस वजह से उनका पढ़ाई मैं आगे बढ़ने और घर से निकलने का कॉन्फिडेंस टूट चुका था।
अब जब उन्होंने दोबारा पढ़ाई का फैसला किया, तो उन्हें तीन अच्छे मित्र मिल गए जो हर परिस्थिति में इंद्रजीत को सपोर्ट करते हैं। तो यही वजह है कि अब 2023 में इन्होंने दसवीं बोर्ड का एग्जाम दिया वह भी 22 साल की उम्र पूरी होने पर।
20 किलोमीटर दूर है परीक्षा केंद्र, एग्जाम देने कर रहे अप डाउन
इंद्रजीत बोहचा ग्राम के पारसनाथ हाई स्कूल के विद्यार्थी हैं। जबकि दसवीं बोर्ड एग्जाम के लिए उनका एग्जाम सेंटर राम दयालु सिंह महाविद्यालय है। यह उनके ग्राम से करीब 20 किलोमीटर दूर पड़ता है जिस वजह से उन्हें अपने दोस्तों के साथ हर एग्जाम के दिन इस 20 किलोमीटर की दूरी को तय करके परीक्षा देने आना पड़ता है। आपको बता दें बिहार बोर्ड के एग्जाम 14 फरवरी 2023 से ही शुरू हो गए हैं।
एग्जाम सेंटर में ढाई फीट के शक्श को देखकर फोटो खिंचवाने वालों का लग गया तांता
वैसे तो बिहार बोर्ड के एग्जाम हर साल किसी ना किसी वजह से चर्चा में होते ही है चाहे पर्चा लीक हो या एग्जाम सेंटर में नकल की घटनाएं हो परंतु, इस बार दयालु सिंह महाविद्यालय में जैसे ही इंद्रजीत एग्जाम देने पहुंचे वहां के लोगों में उनके कद को लेकर काफी उत्सुकता हुई और हर कोई उनके साथ सेल्फी खिंचवाता नजर आया।
हाथों हाथ बच्चों और पेरेंट्स ने इंद्रजीत के साथ खींची गई सेल्फी को सोशल मीडिया पर भी अपलोड कर दिया। जिस वजह से यह इंटरनेट पर काफी चर्चा में आ गए। इंद्रजीत का कहना है कि, भले ही उनका कद छोटा है परंतु उनका नाम बड़ा होना चाहिए।



