शख्स के पिता DM के ड्राइवर रहे और बेटा SDM बन गया, गरीब पापा का गर्व से चौड़ा हो गया

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Kalyan Singh Maurya SDM
Son of DM Driver Kalyan Singh Maurya Became SDM. DM driver Kalyan Singh Maurya cleared UPSC exam and got 40th rank.

Bahraich: अपने लाइफ़ मे सक्सेस होना कौन नही चाहता है। लेकिन सक्सेस और कामयाब वही लोग होते हैं। जो अपने सपने के लिए जी जान लगा सकते हैं, ताकि उन्हें अपनी मंजिल मिल सके। कोई भी व्यक्ति जिसमे सफल होना चाहता है, उसके लिए कडी मेहनत करके सफ़लता पा ही लेता है। चाहे फ़िर वह UPPSC की परीक्षा ही क्यो ना हो।

आप भी जानते होंगे कि यह परीक्षा कितनी टफ होती है। लेकिन जिनमे मेहनत करने का जुनुन हो तो वह इसमे सफ़ल हो ही जाते है। ऐसे मे एक कहावत याद आती हैं। जिसे आपने अवश्य ही कही ना कही सुनी होगी।

वह है कि “मंजिल तो उनको ही मिलती है, जिनके सपनो मे जान होती हैं। कहने से कुछ नहीं होता व्यक्ति में सपने पुरा कर दिखाने का हौसला होना चाहिए” लेकिन आपने भी देखा होगा कुछ लोग ऐसे होते हैं कि कहते तो बहुत कुछ है लेकिन करके कुछ नहीं दिखाते।

यह कहावत एक शख्स जवाहरलाल मौर्या पर जमती हैं। जोकि बहराइच के DM आफ़िसर के ड्राइवर है। जिनके साहस ने उनके बेटों को एक ऊँची मंजिल पर पहुंचाया है। जिसके बारे मे कोई अंदाजा भी नहीं लगा सकता था।

आज हम आपके लिए एक DM के ड्राइवर पिता (Driver Father) के बेटों की कामयाबी के बारे मे कहानी लेकर आए है। जिसे जानकर आप भी Motivate हो जाएंगे। जिस बाप ने अपनी पूरी उम्र DM का ड्राइवर बनकर बिताया। आज उनका बेटा SDM है। आइए कहानी विस्तार से जानते है।

बेटे की सफ़लता के पीछे है, पत्नी का पुरा योगदान

जवाहर लाल मोर्या (Jawahar Lal Maura) अपने बेटों कि कामयाबी की कहानी भावुकता से बताते हुए कहते हैं कि मेरे बेटों की बड़ी कामयाबी का पुरा श्रेय मेरी पत्नी को जाता है। जोकि आज यह सब खुशी को देखने के लिए इस दुनिया मे नही है। क्योकि 5 वर्ष पहले उनकी किसी कारणवस मृत्यु हो गयी थी। शायद उनके भाग्य मे यह खुशिया देखना लिखा ही नहीं था।

वह बताते हैं कि DM आफ़िसर के ड्राइवर बनकर पुरा टाइम वह अपने काम पर ही रहते थे। वह कहते है लेकिन मेरी वाइफ़ मेरे बेटों के साथ टाइम बिताकर उन्हें कुछ बनने की सलाह के साथ-साथ हौसला भी देती थीं। उनके कारण ही आज यह संभव हो पाया है कि बेटों ने कामयाबी हासिल की है, लेकिन बेटों को सफ़ल होते देखने से पहले ही वह चली गई।

UPPSC की परीक्षा मे प्राप्त किया छोटे बेटे ने 40 वा रैंक

जवाहर लाल मौर्य बताते है कि मैने अपने जीवन के 35 वर्ष से DM साहब के पास कर रहे नौकरी से जो सिखा है। उसी की प्रेरणा देकर अपने बच्चों को भी उसी तरह के आफिसर बने वैसी पढ़ाई करने को कहा।

वह बताते है मेरे छोटे बेटे ने उसी तरह की पढ़ाई कि और वह SDM बन गया है आज। बता दे कि इनके छोटे बेटे कल्याण सिंह मौर्य (Kalyan Singh Maurya) है। जिन्होंने 2021 की यूपीपीएससी परीक्षा उतीर्ण कर 40वा रैंक प्राप्त किया है।

महाराष्ट्र के एनटीपीसी मे कर रहे है कल्याण सिंह काम

बता दे कि जवाहर लाल के छोटे बेटे कल्याण सिंह ने बहराइच के नानपारा से अपनी 12 तक की पढ़ाई सम्पन्न की है। उसके बाद उन्होने केमिस्ट्री से MSC की पढ़ाई काशी हिन्दू विश्वविद्यालय से पुरी की है।

फिर कल्याण सिंह का 2021 के UPSC के इन्ट्रव्यु राउंड मे 5 अंक कम होने के कारण चयन नहीं हों पाया। परंतु उन्होने UPPSC की परीक्षा मे सबको अचंभित कर दिया। इसे पास कर वह SDM बन गए। सोलापूर, महाराष्ट्र के एनटीपीसी मे आज वह नौकरी कर रहे है। जिससे इनकी कामयाबी देश के अन्य छात्रों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन चुकी हैं।

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