
Delhi: दोस्तों हवाई जहाज (Airplane) में बैठना हर किसी का सपना है, हमने नीचे से उड़ते हुए कितनी बार ही एयरप्लेन को देखा है और हर बार दिल में एक तमन्ना उठती है कि काश हम भी कभी उसमें सफर कर सके, वैसे तो कई लोगों के लिए हवाई जहाज का सफर आम बात है, परंतु भारत में आज भी यह ज्यादातर लोगों की पहुंच से बाहर है।
आज हम आपको ऐसा ही एक वाकया सुनाने वाले हैं, जिसमें उत्तर प्रदेश के एक छोटे से गांव से एक बुजुर्ग दंपत्ति (Senior Citizen Couple) एयरपोर्ट पहुंच तो गए, परंतु पढ़ाई लिखाई ना होने की वजह से वहां की व्यवस्थाओं और सिस्टम से अनजान थे। नतीजा बहुत देर तक वह हैरान-परेशान रहे।

वे समझ नहीं पाए कि कहां जाना है और क्या करना है, परंतु ऊपरवाला अनजानों की मदद के लिए किसी ना किसी को भेज ही देता है, उस वे खबर दंपती को भी एक शख्स मददगार के रूप में मिला, जिसका नाम था अमिताभ कांत आइए जानते हैं इस मजेदार कहानी को।
किसी रिश्तेदार ने पहुंचाया दिल्ली एयरपोर्ट तक आगे का सफर अकेले ही तय करना था
जानकारी के अनुसार उस बुजुर्ग दंपत्ति को उनका ही कोई एक रिश्तेदार दिल्ली एयरपोर्ट (Delhi Airport) तक छोड़ कर के गया था और एयरपोर्ट चेकिंग से लेकर के एंट्री तक के सारे स्टेप्स पर एयरपोर्ट के जो अधिकारी एवं सुरक्षा गार्ड होते हैं।
उन्होंने समय-समय पर उनकी मदद की उनका लगेज एवं उनके टिकट प्रोसेस करने के लिए। तो यहां तक का सफर तो एयरपोर्ट के अधिकारियों के द्वारा उनका शुरू हो चुका था, परंतु एयरपोर्ट के अंदर आने के बाद फ्लाइट उन्हें कहां से पकड़नी है, उसका गेट कहां है, इन सब को ले करके वह बहुत परेशान थे।
वहां से गुजर रहे एक यात्री ने देखा कि वह कुछ परेशान से है और परिवेश से ग्रामीण लग रहे हैं, तो उसने रुक कर के उनसे बात की तो बुजुर्ग दंपति ने बताया कि हमें कानपुर (Kanpur) की फ्लाइट पकड़नी है, पर कहां से मिलेगी समझ नहीं आ रहा और इत्तेफाक देखिए दोस्तों वह शख्स भी कानपुर ही जा रहा था, उसी फ्लाइट से।
एक अनजान सहयात्री ने ऑफर किया फूड
आपको बताना चाहेंगे दोस्तों कि उस अनजान शख्स ने बुजुर्ग दंपति को अपने साथ ही ले लिया और उनसे कहा कि मैं भी आपकी ही फ्लाइट से कानपुर जा रहा हूं, तो चलिए मैं आपको आगे का रास्ता दिखाता हूं।
शुरू में तो बुजुर्गों को यह लगा कि शायद यह एयरपोर्ट के ही अधिकारी है, परंतु बाद में उन्होंने जब उसे अपनी सीट के सामने देखा, तो समझ गए कि उनका सहयात्री ही है। अब जब बात खाने पीने की आई तो एयर होस्टेस के पूछने पर क्योंकि वह ग्रामीण परिवेश के थे, वह थोड़े घबराए हुए थे, तो कोई भी आर्डर ना दे सके।
उस शख्स ने देखा कि देखने में तो दोनों बुजुर्ग भूखे और प्यासे लग रहे हैं, परंतु शायद संकोच में या पैसे की कमी होने की वजह से वह बोल नहीं पा रहे, तो उसने तुरंत एयर होस्टेस को संपर्क किया और उसे कहा कि इन्हें सैंडविच के साथ जूस और पानी वगैरह दें और यह कहे कि यह बुजुर्गों के लिए हमारे फ्लाइट की तरफ से फ्री सर्विस है।
ऐसा ही हुआ उन्होंने बकायदा उस पूरे भोजन (Food) का आनंद लिया, पर इस बात से अनजान थे कि उनका बिल उनके सामने बैठे उस अनजान सहयात्री ने दिया, जो उन्हें शुरू से मदद करता रहा है।
यह पूरी कहानी लिंक्डइन के एक्यूजर द्वारा शेयर की गई
जानकारी के अनुसार लिंक्डइन (Linkedin) सोशल मीडिया के एक एक्टिव यूजर (User) जिनका नाम अमिताभ शाह है, ने अपने ही वॉल पर यह स्टोरी शेयर की उन्होंने लिखते हुए अपने उस अनुभव को एक्सप्रेस किया की एक बुजुर्ग दंपत्ति की मदद करके उन्हे कितना आनंद और सुख प्राप्त हुआ।
साथ ही उनके लिए भी यह सफर एक हमेशा की याद बन कर रह गई। आज इंटरनेट पर सैकड़ों लोगों ने इस स्टोरी को शेयर किया और अमिताभ शाह (Amitabh Shah) को बधाई भी दी, उनके द्वारा किए गए इस मदद के लिए।
एयरपोर्ट ऐसे यात्रियों के लिए हमेशा से मददगार साबित हुआ है
आपको बताना चाहेंगे दोस्तों एयरपोर्ट की संपूर्ण व्यवस्था बहुत ही चाक-चौबंद के साथ हमेशा तत्पर होती है और एक खास स्टाफ होता है, जो हमेशा ऐसे लोगों की मदद के लिए तैयार रहता है, जो स्वयं अपना ध्यान ना रख सके या पहली बार सफर कर रहे हो।
यदि आप भी सफर करने वाले हैं, एयरपोर्ट से तो किसी भी प्रकार की परेशानी के लिए एयरपोर्ट अथॉरिटी को संपर्क करने से जरा भी ना कतराएं। वह हमारी सेवा के लिए हमेशा तत्पर होते हैं।



