पिता के आखरी समय में साथ न होने के अफ़सोस में, बेसहारों तक भोजन, कपड़ा और मदद करती है

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Saathi Seva Group
JALPA PATEL AND SEVA GROUP STORY: Jalpa Patel of 'Saathi Seva Group' that works for the homeless on Monday. Guj Three siblings locked up in room rescued after 10 years

Rajkot: अक्सर सड़क के किनारे ऐसे बेसहारा लोग दिख जाते हैं। जिनका न परिवार होता न पैसे कमाने के लिए कोई काम। इनमें से ज्यादातर लोग तो होते हैं और इधर-उधर से मिली मदद के भरोसे ही उनका गुज़ारा चलाते हैं। उनका कोई स्थायी ठिकाना और दो वक़्त की रोटी का इंतजाम तक नहीं होता है।

हममें से कई लोग रास्ते से गुजरते वक़्त, उनकी दयनीय दशा देखकर बहुत अफ़सोस करते हैं। कुछ लोग पैसों से उनकी मदद तक कर देते हैं। लेकिन क्या कभी हम उनके लिए हर दिन कुछ करने की सोचते हैं? हम अपने जीवन की समस्याओं से ही घिरे रहते हैं कि दूसरों के बारे में सोचने का समय तक नहीं मिल पाता।

वहीं, समाज में कई ऐसे संस्थान होते हैं, जहां ऐसे लोगों को रखने और इनकी देखभाल के लिए बहुत काम किया जा रहा है। लेकिन आज हम आपको एक ऐसे शख़्स के बारे में बताने जा रहे हैं, जिन्होंने खुद अपने दम पर इन सभी बेसहारा लोगों की मदद करने का फैसला किया है।

राजकोट (Rajkot) की जल्पा पटेल (Jalpa Patel), पिछले आठ सालों से सड़क के किनारे और स्टेशन के पास रहते लोगों के लिए भोजन, कपड़ा और स्वास्थ्य सबंधी आदि जरूरतों का ध्यान रख रही हैं। सोशल मीडिया के माध्यम से गुजरात के कई लोग उनसे जुड़कर ऐसे काम कर रहे हैं। चार महीने पहले ही उन्होंने, साथी ग्रुप नाम से अपना NGO रजिस्टर भी करवाया है।

साथी ग्रुप (Saathi Seva Group) का काम है, फुटपाथ पर रहने वाले जो बेसहारा लोगों को हर रोज पेट भर के खाना, पहनने के लिए कपड़े और बीमार होने पर दवाइयां मुहैया कराना। इसके अलावा, वह इन लोगों के रहने के लिए एक घर बनाने के प्रयास में लगी हुई हैं।

एक सोच के साथ शुरू हुआ काम

जल्पा एक बिज़नेसवुमन हैं। वह राजकोट में एक सुपरमार्केट और रिधम कार जोन नाम का ऑटोमोबाइल शोरूम चलाया करती हैं। साल 2009 तक ऑटोमोबाइल कंपनी में काम करने के बाद, उन्होंने अपने स्टार्टअप की भी शुरुआत की थी। हालांकि वह पहले से ही जरूरतमंद लोगों की मदद का कार्य करना चाहती थीं। लेकिन अपने करियर और परिवार की जिम्मेदारियों के बीच वह ज्यादा कुछ भी नहीं कर पा रही थीं।

लेकिन वह कहते हैं न कि कभी-कभी एक क्षण ही इंसान के जीवन में बड़े बदलाव ले कर आता है। ऐसा ही कुछ जल्पा के साथ भी हुआ है। साल 2013 में दिल का दौरा पड़ने से उनके पिता का तो निधन हो गया था। उस समय जल्पा अपने ऑफिस में थीं।

समय पर घर तक नहीं पहुंच पाई थीं। जिसका उन्हें बेहद अफ़सोस हुआ। इस घटना ने उनकी पूरी जिंदगी बदल दी। वह कहती हैं, उस दिन मैं समय से अपने पिता के पास तक नहीं पहुंच पाई। मैंने ठान लिया कि मैं जितना हो सके जरूरतमंद लोगों की पूरी मदद करुँगी।

वह कहती हैं कि पहले वह हफ्ते के पांच दिन काम करती थीं और दो दिन इनके लिए खाना और बाकि जरूरतों का सामान लेकर जाया करती थीं। लेकिन वह अपना काम घर और फ़ोन से संभालती हैं। इसलिए वह ज्यादा से ज्यादा समय सेवा कार्यो के लिए दे रही हैं।

साथी सेवा

जल्पा शुरुआती आठ सालों तक अपने खुद के खर्च से सेवा कार्य करती थीं। जिसमें उनके कुछ दोस्त और परिवार के लोग बाकी लोग भी उनका साथ देते थे। इस काम के लिए उन्होंने सोशल मीडिया का भी सहारा लिया। कभी भी उन्हें पता चलता कि कहीं किसी को भोजन आदि की जरूरत है। तो वह वहां पहुंच जाती थीं। धीरे-धीरे राजकोट के कई लोग उनसे धीरे धीरे जुड़ने लगे।

साथी सेवा ग्रुप

इस तरह, उनका साथी ग्रुप राजकोट के अलग-अलग हिस्सों में कार्य करता है। अगर किसी को कोई भी समस्या है, तो तुरंत उन्हें दूर करने का प्रयास किया जाता है। इसके अलावा, वह दीपावली पर जरूरतमंदों को कपड़े व मिठाइयां बाकी चीज देते हैं। वह, समय-समय पर लोगों को अनाज किट भी देते हैं। फ़िलहाल इन ग्रुप से लगभग 40 से 45 स्वयंसेवक जुड़कर काम कर रहे हैं जो जल्पा की मदद भी करते हैं। इसी साल उन्होंने अपने साथी ग्रुप को NGO के रूप में रजिस्टर भी करवाया है।

इस NGO के तहत, वह लोगों से पैसों के बजाय राशन, कपड़े और दवाइयां आदि की मदद लेते हैं। वहीं, अगर कोई दूसरे शहर से कुछ मदद करता है। तो पैसे दे सकता हैं। साथी ग्रुप हर दिन 400 से 500 लोगों के लिए भोजन तैयार करता है। भोजन बनाने के लिए भी किसी को काम पर नहीं रखा गया है। जल्पा और उनके स्वयंसेवी ही मिलकर रोज का भोजन बनाने का काम काज करते हैं।

वह बताती हैं, सड़क किनारे रहने वाले ज्यादातर लोग अकेले और स्वास्थ्य से कमजोर होते हैं। वह हमसे बात भी नहीं कर पाते। लेकिन हमारा ग्रुप इन लोगों की मदद करके, इनकी हालत में सुधार लाने का कार्य करता है। आने वाले दिनों में हम इनके रहने की व्यवस्था भी करने वाले हैं। आप जल्पा या उनके साथी सेवा ग्रुप (Saathi Seva Group) के बारे में जानने या मदद के लिए उनके फेसबुक पेज पर संपर्क कर सकते हैं।

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