
Presentation Photo
Bhopal: आने वाले समय में आपका बिजली बिल का भुगतान करने का तरीका बदलने वाला है। भारत के कई शहरो में स्मार्ट मीटर (Smart Meter) का उपयोग होना शुरू हो गया है। बहुत से बदलाब के बाद भारत इस मुकाम पर पंहुचा है कि वह अन्य देशों की तरह विकासशील देशो में आ सके।
सरकार की कुछ पहल से ही भारत में बदलाब आए है। जैसे नोट बंदी के बाद काले धन को निकाला गया इसी तरह हो रही बिजली चोरी से बचने का एक और तोड़ सरकार द्वारा निकाला गया वह है, स्मार्ट मीटर।
हम टीवी और मोबाईल की तरह रिचार्ज (Recharge) कर अपने वजट में बिजली का उपयोग (Electricity Uses) कर पाएंगे, पुराने मीटर से बहुत बिजली चोरी हो रही है, जिसका सीधा असर भारत सरकार को पड़ रहा है इस लिए इसका हल निकाला गया आइये जानते है, क्या फ़ीचर है, इस स्मार्ट मीटर के।
कहा से हुई शुरुआत
भारत के राजस्थान राज्य के जोधपुर शहर से हुई इसकी शुरुआत रिवेम्प्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम (आरडीएसएस) के तहत केन्द्र सरकार यह बदलाव पूरे देश में करना चाहती है। इसके अंतर्गत मार्च 2025 तक पूरे देश के बिजली मीटरों को स्मार्ट मीटर्स में बदलना है। इस योजना (Smart Meter National Programme) से देशभर के डिस्कॉम की आर्थिक स्थिति सुधारेगी और होने वाले घाटे को कम किया जाएगा।
इस योजना को लाने का मुख्य कारण यही है। जोधपुर के कुछ इलाके जैसे शास्त्री नगर, सेक्शन 7, मसूरिया, चौपासनी व कुड़ी हाउसिंग बोर्ड, पाल रोड, बोरानाडा, झालामंड, रामेश्वर नगर में IPDS स्किम के अन्तर्गत कुल 56108 उपभोक्ताओं के निवास में स्मार्ट मीटर लगा दिए गए हैं। शेष इलाको में आरडीएसएस प्लानिंग के तहत स्मार्ट मीटर लगाना बाकि है। मीटर लगाने का कोई चार्ज नहीं लिया जाएगा।
कब तक है पूरा करने का लक्ष्य
आने वाले 3 सालों में पूरे भारत में लग जाएंगे स्मार्ट मीटर दिसम्बर 2023 तक 15 लाख और इसके पश्चात मार्च 2025 तक बचे हुए 25 लाख मीटर लगा दिये जाएंगे। कृषि कार्य के लिए गये बिजली कनेक्शन को छोड़ कर सभी प्रकार के कनेक्शन बदले जाएंगे।
विद्युत निगम के निदेशक अधिकारी आरके सोडा ने अपनी जानकारी के अनुसार बताया कि फिलहाल स्मार्ट मीटर लगाए जाने की योजना प्रस्तावित है। नए मीटर से भी पुराने मीटरों की तरह रीडिंग निकाली जाएगी, बस फर्क यह है कि कुछ नए फीचर होंगे।

जिनकी सप्लाई कार्यालय से संचालित होगी। मोबाइल की तरफ प्रीपेड कार्ड के माध्यम से रिचार्ज किया जाएगा। इसके अलावा भी अन्य नए फीचर हैं। यह भी बताया कि हर प्रदेश में दस लाख स्मार्ट मीटर लगाने की प्लानिंग है।
क्या है स्मार्ट मीटर के फायदे
समार्ट मीटर का पहला और महत्वपूर्ण फायदा यह है। कि बिजली को चोरी होने से रोका जा सकेगा। विद्युत् उपभोक्ता पर हर समय नजर रखा जाएगा। विद्युत संबंधी अलर्ट मोबाइल स्क्रीन पर देखे जा सकेंगे, मीटर रीडिंग में किसी भी प्रकार की कोई गडबडी नहीं होगी।
With #SmartMeter enjoy the benefits like paying electricity bills online, low credit notification, real-time data & much more.
Make a #SmartChoice &#SwitchtoSmartMeter#SmartMeterSmartShuruat pic.twitter.com/CsseuYnoq5
— Smart Meter Smart Shuruat (@SmartMeterIN) April 12, 2022
जिससे उपभोक्ता को भी पूरा सेटिस्फिकेशन मिलेगा। प्री-पेड रिचार्जिंग की सुविधा से उपभोक्ता अपने वजट में बिजली का इस्तेमाल कर सकेगा। बिल न भरने पर खुद ही बिजली सप्लाई बंद हो जाएगी और बिल भरने के बाद में विद्युत सप्लाई चालू हो जाएगी।
किन कारणों से लिया गया फैसला स्मार्ट मीटर लगाने का
भारत के प्रत्येक राज्य के प्रदेशो में विद्युत निगम विभाग द्वारा स्मार्ट मीटर लगाने का फैसला लिया। इसका प्रमुख कारण बिजली की चोरी रोकने तथा बाकी रह गया बिजली के बिल की धनराशि को बढने से रोका जा सके। इन्ही कारणो से नई नीति लागू की गई।
Take a step closer to a smarter future. Enjoy the benefits like real-time monitoring of your electricity usage, easy recharge options and much more.
Get your Smart Meter today & start saving your time and money. #SwitchtoSmartMeter #SmartMeterSmartShuruat #SmartHome pic.twitter.com/yqYROt3vyx
— Smart Meter Smart Shuruat (@SmartMeterIN) April 8, 2022
निगम के द्वारा भारत के प्रत्येक प्रदेश में दस लाख स्मार्ट बिजली के मीटर लगाने की स्किम निकाली गई। कई बार उपयोग से ज्यादा बिजली बिल आ जाने से उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ता है और ज्यादा धन राशि देनी पड़ती है। इस अव्यवस्था में रोक लगाने के लिए भी इन मीटरों का उपयोग जरुरी माना है।



