भारत में इस जगह की पहाड़ियों में पहली बार देखा गया क्लाउडेड तेंदुआ: Clouded Leopard Seen

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Clouded Leopard
Mysterious clouded leopard spotted for the first time at record heights in Nagaland mountains. Clouded leopard seen in Nagaland forest.

Photo Credits: Twitter

Kohima: आपने ऐसे बहुत से वीडियो देखे होंगे और खबरें सुनी-पढ़ी होंगी की देश में कई रिहायशी इलाकों में तेंदुआ (Leopard) देखा गया। अब तो जंगल के बाहर गावों में तेंदुए का आना आम बात हो गई है। वो अलग बता है की तेंदुआ को देख अच्छे-खासे लोगो के पसीने छूट जाते हैं। अब तक तेंदुआ जहाँ नहीं देखा गया था, वहां भी दिखाई दे गया है।

भारत के नॉर्थ ईस्ट के राज्य नागालैंड की पहाड़ियों (Nagaland Mountains) में एक अजीब जानवर (Mystery Animal) देखा गया है। जो एकदम तेंदुए की तरह लग रहा है। तेंदुए और इस जानवर की खाल में कुछ फर्क दखा जा सकता है। यह अब काफी चर्चा का विषय भी बन गया है।

यह तेंदुआ कुछ कुछ बिल्ली की तरह होता है

एक अंग्रेजी वेबसाइट में प्रकाशित खबर के अनुसार भारत-म्यांमायर बॉर्डर पर लगभग 3700 मीटर की ऊंचाई पर क्लाउडेड तेंदुआ (Clouded Leopard) देखा गया है। यह तेंदुआ कुछ कुछ बिल्ली (Cat) की तरह दिखता है। कहा जा रहा है कि नागालैंड के पहाड़ों में इस क्लाउडेड तेंदुए को ही देखा गया है।

क्लाउडेड तेंदुआ के अलावा अन्न जानकार भी है

यह तेंदुआ शोधकर्ताओं द्वारा रखे गए ट्रैप कैमरे में आ गया है। शोधार्थियों की एक टीम ने नागालैंड के कम्युनिटी फ़ॉरेस्ट (Nagaland Community Forest) में क्लाउडेड तेंदुआ (Clouded Leopard) खोज निकाला है। इस क्षेत्र में एसियाटिक ब्लैक बेयर, येलो थ्रोटेड मार्टेन, स्टम्प टेल्ड मकाऊं, असेमीज़ मकाऊ और एसियाटिक गोल्डन कैट, मार्बल्ड कैट और लेपर्ड कैट की भी तस्वीरें ली गई हैं।

यह एक शक्तिशाली और फुर्तीला जानवर है

शोधकर्ताओं के मुताबिक नागालैंड में इन जंगलों में कई खतरे वाले जानवर हैं। बताया जा रहा है की ये तेंदुआ पेड़ पर चढ़ने में माहिर है। इसके पैरों में बहुत ताकत होती है। ये तुरंत ही पेढ़ पर चढ़ जाता है। क्लाउडेड तेंदुए के पंजे बहुत बड़े होते हैं। यह पेड़ पर उल्टा भी लटक सकता है।

वल्नरेबल कैटगरी में रखा गया

क्लाउडेड तेंदुआ लार्ज वाइल्ड कैट्स में सबसे छोटा है। इसे IUCN Red List of Threatened Species के वल्नरेबल कैटगरी में रखा गया है। भारत में किसी क्लाउडेड तेंदुआ को इससे पहले इतनी ऊंचाई पर नहीं देखा गया। इस जंगल में नागालैंड की सबसे ऊंची चोटी, माउंट सरमती 65 वर्ग किलोमीटर में फैली है।

दिल्ली के वाइल्डलाइफ प्रोटेक्शन सोसाइटी ऑफ़ इंडिया (Wildlife Protection Society of India, WPSI) के शोधार्थियों और थानामीर गांव (Thanamir Village) ने साथ मिलकर इसे खोजा है। शोधार्थियों की टीम में गांव के 5 लोग भी शामिल थे। सामुदायिक जंगल में 50 से अधिक कैमरा ट्रैप लगाए और इसकी मदत से तस्वीरें ली गई।

स्थानीय निवासी यहाँ के जंगलों के एक हिस्से के मालिक हैं

शोधार्थियों ने एक रिपोर्ट जारी करते हुए कहा की नागालैंड के स्थानीय निवासी (Nagaland Local Villagers) यहाँ के जंगलों के एक बड़े हिस्से के मालिक हैं और उसका रख-रखाव खुद ही करते हैं। जंगल के रख-रखाव और संरक्षण के लिए गाँव के लोग खुद के तौर-तरीकों इस्तेमाल हैं।

आपको बता दें की बाकी देश में क़ानून की वजह से वन्य जीवों का संरक्षण किया जाता है। परन्तु उत्तर-पूर्वी राज्यों के स्थानीय निवासी ही जंगल और जीव-जन्तुओं की देख रेख और उनका संरक्षण करते हैं। अब इस जगह और यहाँ के जानवरों के बारे में नए सिरे से खोज और रिसर्च करने की जरुरत है, जिससे इस बारे में और अधिक जानकारी हासिल हो सके।

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