इस राज्य की खूबसूरत चुराह वेली पर्यटकों का मन मोह लेती है, प्रकृति प्रेमी एक बार घूमने जरूर आयें

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Churah Valley
Himachal Pradesh Beautiful Tourist Place Is Churah Valley. Nature lovers should visit Churah Valley and its temples near Chamba.

Shimla: ईश्वर की देन पृथ्वी के अंदर कई सारे खूबसूरत नजारे हैं, जो व्यक्तियों को खूब भाते हैं। जिस व्यक्ति को घूमना फिरना पसंद होता है उनसे दुनिया का कोई भी कोना नहीं छुपता। वे हर कहीं घूमते हैं और हर क्षेत्र की खूबसूरती को महसूस करते है।

आज हम ऐसी जगह के बारे में बात करेंगे, जिसके बारे में शायद बहुत कम लोग जानते हैं। हिमाचल प्रदेश की खूबसूरती से तो हर कोई वाकिफ है, परंतु हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) की कुछ शानदार खूबसूरत जगह के बारे में अभी बहुत कम लोग जानते हैं, जो शांती और अपनी खूबसूरती के लिए जानी जाती है।

हम बात कर रहे हैं हिमाचल की चुराह वेली (Churah Valley) की। जो प्रदेश के चंबा जिले के अंतर्गत आने वाली तहसील चुराह में स्थित है। चंबा जिले से 65 किलोमीटर की दूरी पर स्थित चुराह अपने चार रास्तों के लिए फेमस है। जी हां दोस्तों चुराह का नाम उसके चार रास्तों से पड़ा पंगी वैली, पंजाब, चंबा, और जम्मू कश्मीर आदि शहर के रास्ते इसी तहसील से होकर जाते है।

चुराहवेली ऐतिहासिक और खूबसूरती को समेटे एक ऐसी जगह है, जो लोगों के मन को बहुत जल्दी जीत लेती हैं। इस जगह पर कई सारे मंदिर है जिस वजह से लोग इसे मंदिरों (Temples) का गण भी कहते हैं। यहां घूमने और कैमरे में यहां की खूबसूरती को कैद करने के लिए ढेर सारे नजारे हैं एक बार आप जरूर इस जगह घूमे।

चुराहवेली तक पहुंचने की रास्ता

हिमाचल प्रदेश एक सुविकसित प्रदेश है, यहां के सभी मार्ग अच्छी तरह से निर्मित है और यातायात के परिवहन भी अच्छे हैं। आप सड़क मार्ग रेल मार्ग या फिर हवाई मार्ग से भी आसानी से चुराहवेली पहुंच सकते हैं।

यदि आप हवाई मार्ग से चुरा हवेली जा रहे हैं, तो आपको सबसे पास का हवाई अड्डा पठानकोट मिलेगा, जिसकी दूरी चुरा तहसील से मात्र 160 किलोमीटर है उसके बाद आप चुराहवेली तक किसी बस या फिर टैक्सी की सहायता से जा सकते है।

यदि आपका मन ट्रेन से जाने का है, तो आपको पठानकोट रेलवे स्टेशन से ही चुराह तहसील के लिए ट्रेन मिलेगी। यहां से आप बस या कैप से चुराहवेली तक काफी आसानी से पहुंच सकते हैं।

फिर आप सड़क मार्ग से जाना चाहते हैं, तो आपको चंबा जिले तक पहुंचने के लिए बस का उपयोग करना पड़ेगा इसके बाद मात्र 65 किलोमीटर की दूरी पर चुरा हवेली मिल जाती है। सड़क व्यवस्था अच्छी होने के कारण यदि आप चाहे तो खुद के वाहन से भी चुराहवेली का भ्रमण कर सकते हैं।

चुराह वेली के कुछ रमणीय स्थल

चुराहवेली के अंतर्गत कई सारी ऐसी जगह है, जहां का नजारा इतना खूबसूरत है कि लोगों की नजरें उस नजारे पर थम जाती हैं सबसे पहले आप चुराहवेली पहुंचने के बाद आप “सच पास” (Saach Pass) जगह को देखेंगे जो चंबा जिले से करीब 127 किलोमीटर की दूरी पर बना हुआ है।

हिमाचल प्रदेश की सुंदर वादियों में से एक सच पास 14700 फीट की ऊंचाई पर हिमालय के पीर पंजाल रेंज नजर आती है। यह रेंज वर्ष के 12 महीनों बर्फ की चादर ओढ़े नजर आती है यहां पर केबल जुलाई से अक्टूबर के बीच पर्यटकों का आना जाना होता है। इसके बाद हम बात करेंगे “गडासरू महादेव लेक”।

समुद्री तल से लगभग 4300 मीटर की ऊंचाई पर वनी गडासरु महादेव झील करीब 2 किलोमीटर की दूरीतक विस्तृत है। चारों तरफ हरियाली से घिरी इस झील को लोग डल लेक के नाम से भी जानते है। इस झील के करीब एक महाकाली झील भी है जहां पर मां महाकाली का मंदिर बना हुआ है, जिसके कारण इस झील का नाम “महाकाली झील” पड़ा चुरा हवेली की सुंदरता बढ़ाने वाले यह झील काफी खूबसूरत है।

गदासरू महादेव लेक जाते हुए आपको रास्ते में मां चामुण्डा का प्रसिद्ध मंदिर पड़ता है, जिसका नाम “देवी कोठी मंदिर” है। स्थानीय लोग इस मंदिर को काफी ज्यादा मानते है। इस मंदिर से आप हिमाचल प्रदेश की खूबसूरती को बहुत ही आसानी से देख सकते हैं।

देवी कोठी मंदिर के जैसा ही एक और मंदिर जिसका नाम “चंजु माता मंदिर” है यह मंदिर मां काली का मंदिर है और यहां की मान्यता बहुत ही ज्यादा है। यह मंदिर पूरी तरह लकड़ी से बनाया गया है, जो देखने में काफी खूबसूरत है। मंदिरों के साथ-साथ हिमाचल प्रदेश पहाड़ियों में ट्रेकिंग के भी आनंद ले सकते हैं, यहां एक नहीं बल्कि कई सारे ट्रैकिंग प्वाइंट हैं जहां से आप ट्रैकिंग कर सकते हैं।

चुराहवेली घूमने का उम्दा समय

चुकी चुराह वेली हिमाचल प्रदेश में होने के कारण वर्ष के 6 महीने बर्फ की सफेद चादर ओढ़े रहती है। 6 महीने जो ठंडी और गर्मी के होते हैं उस समय वेली घूमने के लिए काफी अच्छी होती गर्मी और ठंडी के मौसम में इस जगह पर हरियाली का मौसम होता है जो देखने में काफी खूबसूरत लगती है।

यहां पर पर्यटकों की भीड़ भी मार्च से जून के महीने में देखने को मिलती है। बारिश के मौसम में यह जगह काफी खतरनाक होती है इसीलिए आप कभी भी बारिश के मौसम में चौराहा वैली घूमने की कतई ना सोचे।

स्टे करने के लिए नहीं है ज्यादा विकल्प

चुराहवेली हिमाचल प्रदेश के उस क्षेत्र में है जहां पर लोगों की पहुंच बहुत दूर है। इसी कारण से इस क्षेत्र में ज्यादा लोगों का आना जाना नहीं होता इसीलिए इस क्षेत्र में लोगों की रोकने की ज्यादा उत्तम व्यवस्था नहीं है यहां पर गिने-चुने होटल हैं और सरकार के द्वारा निर्मित गेस्ट हाउस है जहां पर लोग अपना कुछ समय बता सकते हैं।

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