
File Photo Credits: Twitter
Mumbai: जीवन में कठिन परिस्थितियों का सामना हर किसी को कभी न कभी करना होता है। ऐसे मोड़ पर हमें बेहद सचेत रहना पड़ता है। आवश्यक परिवर्तन और योजनाबद्ध तरीके से इस मुश्किल समय पर काबू पाकर लोग विजयी हो सकते हैं। हालांकि, यह सब लोगों के लिए आसान नहीं होता। अधिकतर लोग अपनी कठिनाई के समय का ही रोना रोते है, समस्या का क्या समाधान होगा नही खोजते। समस्या को ही लेकर समय व्यतीत कर देते है।
हर मनुष्य का जीवन बिना समस्याओं व विपरीत परिस्थितियों के नही गुजरता। यह जीवन का नियम है, जिसे कई लोग समझकर अपने हालातो से लड़कर जीवन में आगे बढ़ जाते है। हर व्यक्ति जीवन में आयी किसी भी परिस्थिति व हालात से लड़ सकता है बस इसके लिए हिम्मत और जुनून इंसान के अंदर होना चाहिए। जीवन में परिस्थितियों से कैसे लड़ा जा सकता है।
कुछ लोग ऐसे होते है, जो समस्या को दरकिनारे कर अपनी मंजिल की ओर आगे बढ़ते चले जाते है। समस्या का हल अपने आप निकलता चला जाता है शर्त ये है कि आपको कठिन परिस्थितियों से डरना नही है, हर परिस्थिति का डटकर सामना करना है। जीत का सबसे बड़ा मूलमंत्र (Success Mantra) यही है कि समस्या का हल निकालना सपनो से पीछे नही हटना। हर मुश्किल सफर में भी लक्ष्य को हासिल करना।
ध्यान देने वाली बात यह है कि ऐसी परिस्थिति से बाहर निकलने के लिए आपको दूसरे लोगों को होने वाली कठिनाइयों के बारे में जानना चाहिए। इंसान के हौसले जितने स्ट्रोंग होते हैं, उसे सफलता भी उतनी बड़ी मिलती है। अपनी जिंदगी की हर परिस्थितियों का सामना हिम्मत के साथ करने से ही हम वो सब हासिल कर सकते हैं, जो हम पाना चाहते हैं। आज हम एक ऐसे ही शख्स की कहानी लेकर आए हैं, जो आपके भीतर भी नई ऊर्जा और आत्मविश्वास भरेगी।
जिसने अपने हौसले की वजह से आज 7 करोड़ की कंपनी खड़ी की है। चीनू काला (Chinu Kala) के जीवन की कहानी उन लाखों महिलाओं के लिए प्रेरणादायक (Inspirational) है, जो अपने जीवन में कुछ हासिल करना चाहती हैं और अपने पैरों पर खड़ा होना चाहती हैं। चीनू काला (Chinu Kala) ने 15 साल की आयु से ही पैसे कमाने शुरू कर दिए थे और इन्होंने महज 300 रूपए के साथ अपनी जिंदगी शुरू की थी।
15 साल में छोड़ा था घर
पारिवारिक मतभेदों से तंग आकर एक दिन उसने अपना घर छोड़ दिया। चीनू काला जब 15 साल की थी तो उन्हें किन्हीं कारणों के चलते अपना घर छोड़ना पड़ा। चीनू काला के अनुसार जब उन्होंने अपना घर छोड़ने का निर्णय लिया तो उस समय उनके पास केवल 300 रुपए और दो जोड़ी कपड़े थे। चीनू काला के अनुसार 15 साल की आयु में अपना घर छोड़ने का फैसला लेना बेहद ही कठिन था।
Chinu Kala looking oh-so-gorgeous in a gold outfit with an indo western look in a off-shoulder top and skirt with a big bold silver choker pic.twitter.com/IlUxx6C8zv
— Plugg Networks (@PluggNetworks) November 14, 2016
उन्होंने हिम्मत बनाये रखी और अपने फैसले पर डटी रहीं। घर छोड़ने के बाद चीनू काला को रहने के लिए सराय मिली जहां पर उन्हें रहने के लिए 20 रुपए रोज देने पड़ते थे। जब उन्होंने घर छोड़ने का फैसला लिया तो वो बहुत अकेला महसूस कर रही थी। उनके मन मे बहुत बाते घूम रही थी। लेकिन अपने सपनो को पूरा करना था। चीनू काला के अनुसार घर छोड़ने के बाद वो काफी घबराई हुई थी लेकिन धीरे-धीरे सब सही हो गया।
कुछ दिन बाद नोकरी की तलाश में निकली
उनको कुछ दिन बाद सेल्सगर्ल की एक नौकरी हाथ लगी, जिसमें वो घर-घर जाकर चाकू के सेट आदि सामान बेचना था, ये उनके लिए एक चुनौती भरा काम था। सेल्सगर्ल की इस नौकरी से उन्हें हर दिन 20 से 60 रुपये की कमाई हो जाती थी। चीनू के लिए सेल्सगर्ल का काम करना मुश्किलों से भरा हुआ था दिखने में आसान था लेकिन उतना ही करने में कठिन था।
जब वो सामान बेचने घर-घर जाती थी, तो लोग उन्हें देखते ही दरवाज़े लगा लेते थे, लेकिन चीनू ने अपनी हिम्मत टूटने नही दी। वो पहले से अधिक मजबूत बनती चली गईं। जब वो महज 15 साल की थी तब न घर था न कोई काम, बस कुछ था तो बुरे समय से लड़कर बाहर निकलने का जुनून था। चीनू वो लड़की है, जिसने अपने जीवन में आयी हर विपरीत परिस्थिति का डटकर मुकाबला किया और अपने लक्ष्य की और आगे बढ़ती गई।
#AtmanirbharBharat | Women cannot stop buying, women cannot stop shopping. For us, the demand really went up. : Chinu Kala – Founder, Rubans Accessories (@chinu_kala) on #NewsX @anuragbatrayo @BWBusinessworld @malhotravineet7 pic.twitter.com/Q8rZYtgcec
— NewsX (@NewsX) November 20, 2020
चीनू ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा की यदि आप मुझसे इस बारे में प्रश्न करना चाहते है की मेरे अंदर यह सब करने की हिम्मत कहां से आयी तो इस प्रश्न का मेरे पास कोई उत्तर नही है। बस मै इतना जानती हुँ की जब मेने घर छोड़ा तब मेरे पास केवल दो जोड़ी कपड़े व एक जोड़ी चप्पल थी। शुरुआत में मुझे कुछ अच्छा नही लगा, अकेली निराश हो गई थी। लेकिन हिम्मत नही हारी थी।
फिर दो तीन दिन बाद थोड़ा खुद में परिवर्तन आया, रहने के लिए एक कमरा मिला जहां एक कमरे में 5 से 6 लोग रहते थे। जिस कमरे में चीनू रुकी थी वहां रूम में गद्दे की किमत थी 20 रुपये एक रात की थी। यह भी चीनू के जीवन के संघर्ष भरे दिन थे। शुरुआत में नौकरी मिलने में चीनू को समय लगा। सेल्स वूमन के इस काम में चीनू दिन भर घर-घर जाती और समान को सैल करती।
जब किसी भी व्यक्ति के घर की घंटी बजाकर उनसे सम्पर्क किया जा सकता था। तब लोगो के हर सवाल का जबाब मेरे अंदर हुनार को मजबूत करता था। चीनू को करीब 1 साल बाद इस कंपनी में मेहनत का फल मिला और उनका प्रमोशन हो गया। इस कार्य के लिए चीनू को अब महज 16 साल की उम्र में 3 लड़कियों को इस कार्य के लिए ट्रेनिंग देने का कार्य मिला।
This is Chinu Kala. She was 15 when she left home with only 300 bucks. She worked as a door-to-door saleswoman earning between 20-60 bucks. At 37, she proudly owns her own company with a 7.5 crore turnover. Where there’s a will, there’s a way and Chinu found hers by hard work. 👏 pic.twitter.com/mDNzVmMEvF
— Anjali B. (@MsAnjaliB) August 27, 2020
चीनू ने बताया की मेरा सपना था की मेरा खुद का बिजनेस हो में उसकी मालकिन रहूं। मै जीवन में कुछ अलग करना चाहती थी और तब मेरे लिए सफलता का अर्थ एक दिन खाना होता था। जब महज 15 साल की उम्र ने चीनू ने अपना घर छोड़ा था। तब चीनू को शिक्षा का ज्ञान भी नही था। चीनू ने जो कुछ भी सिखा वो सब अपने व्यावहारिक कार्य के दौरान ही सिखा था। लोगो के सवालों ने उनको बहुत मजबूत कर दिया था। हर सवाल का जवाब देना उनके हुनार का हिस्सा बन गया था।
इस नौकरी के बाद चीनू ने एक रेस्तरां में बतौर वेट्रेस नौकरी की। चीनू ने जो भी नौकरी की उससे हमेशा कुछ नया सिखा। अपने इस हुनर के चलते चीनू ने 3 साल के भीतर ही अपनी आर्थिक स्थिति को पहले से अधिक ताकतवर बना लिया। समय बीतने के साथ साल 2004 में चीनू ने अमित कला नाम के व्यक्ति के साथ शादी कर ली। शादी के कुछ समय बाद ही वो बेंगलुरु चली गई। तब बेंगलुरु में अपने एक मित्र की नसीहत पर करीब 2 साल तक ग्लैडरैगस मिसेज़ इंडिया में भाग लिया।
Chinu Kala left home at 15, with Rs 300 in her pocket.
Started selling knives door to door. Survived on one meal a day.
Started her business with Rs 3 lakh & recorded a turnover of Rs 13 cr in 6 yrs@Twitter #entrepreneurs #entrepreneurship #startups #business #leadership pic.twitter.com/yUgWN1OY8z
— Ravi Shankar Sharma (@Raviss108) December 28, 2020
ग्लैडरैगस मिसेज इंडिया में भाग लेने के बाद में सब सुपर अचीवर्स के साथ एक ही कमरे में थी। लोगो के पास एक तरफ कई तरह की डिग्रीयां थी, दुसरी तरफ मै अकेली थी। मैने इस परिस्थिति में खुद को संभाला और मेरे पास शिक्षा तो नही थी लेकिन इस परिस्थिति में मेरा अनुभव ने मेरे को बहुत मजबूत बनाया। हर परिस्थिति का डटकर सामना करना सीखा दिया था।
चीनू इस प्रतियोगिता में फाइनलिस्ट की सूची में रही। इस प्रतियोगिता के साथ उनके जीवन में कई मौके आए। चीनू ने कहा- की मुझे फैशन से काफी रुचि थी। लेकिन एक समय ऐसा था की मेरे पास इतने पेसे नही थे की में कुछ अपने लिए खरीद सकू। अपने विचारो के साथ आगे बढते हुए साल 2014 में चीनू ने अपनी कंपनी को स्टार्ट किया। चीनू ने बताया मेरे दिमाग में सिर्फ यही विचार था। जब मेने कंपनी की शुरुआत की तो उसके लिए दुकान ढूंढना सबसे बड़ा काम था इसके लिए मुझे करीब 6 महिने का समय लग गया।
चीनू ने बताया की जब इस कंपनी की शुरुआत कर रही थी। तब हमें कंपनी को स्थापित करने के लिए जगह नही मिल रही थी। करीब 6 माह तक एक मैनेज़र से मॉल के लिए बात करने के बाद हमें कोरमंगला के फोरम मॉल में एक जगह मिली। चीनू की कंपनी एथनिक आज वेस्टर्न ज्वेलरी बनाती है। इन प्रोड्क्स की कीमत 229 रूपये से स्टार्ट होती है और 10,000 तक है। बेंगलूरु से शुरु हुआ चीनू की कंपनी के बा्रंड आज भारत के शहर और कोची से लेकर हैदराबाद अपनी पहचान बना ली है।
"Work without a fallback plan and you will succeed" says, Chinu Kala, founder CEO of Fonte Fashionshttps://t.co/Jg8kpyKwXd#fashionjewellery #rubansaccessories @RubansIndia @businessline @dinakaran @chinu_kala pic.twitter.com/3pSdQFpWFJ
— sangeetha chengappa (@SMedappa) March 10, 2020
आज चीनू अपनी कंपनी में अलग-अलग व न्यू लुक्स की डिजाइन तैयार करती है। चीनू ने अपने इस पुरे सफर पर बात करते हुए कहा की जब भी हम कोई काम कर रहे है, उस दिन से कुछ नया सिखे जैसे कोई खास विषय की जानकारी साथ ही कहा की में इस बात को नजरअदाज नही करती की मेने किस स्टेज से अपने करियर की शुरुआत की थी।
आज मेरी अपनी कंपनी में करीब 25 लोग काम करते है। जो मुझे सूकून का अहसास देता है। मै जीवन में हमेशा अपनी मेहनत पर विश्वास रखती हुँ।चीनू के अनुसार साल 2016-17 के बीच कंपनी की आय रही 56 लाख रुपये। बाद में अगले साल इस मुनाफा में बढ़ोतरी हुईं और इसमें कुल 670 प्रतिशत तक का इजाफा हुआ। जो प्रोफिट रहा 3.5 करोड़ रुपये। बीते वर्ष कंपनी से प्रॉफिट 7.5 करोड़ रुपये रहा।
सफलता का मूलमंत्र (Success Key)
चीनू की इस सक्सेस स्टोरी (Success Story) को जानने के बाद हमें एक बात की शिक्षा मिलती है की यदि हम अपनी मेहनत और लगन से कुछ करने की ठान ले तो, इस दुनिया में कोई ऐसी कोई मंजिल नही है, जिसे हम हासिल नही कर सकते। ज़मीन से उठकर शिखर तक पहुंचने वाले नामों में चीनू कला का नाम भी बेशक शुमार किया जाएगा। घर-घर जाकर घंटी बजाकर सामान बेचने वाली चीनू ने कभी अपना आत्मसम्मान नहीं खोया और यही वजह है कि उनकी मेहनत और विश्वास की बदौलत आज वह एक सफल महिला हैं, जिनकी कहानी सुनकर हर किसी को प्रेरणा मिलती है।



