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Delhi: कड़ी मेहनत, शिक्षा और इंसान का हौसला ही उसके जीवन की हर कठिन परिस्थितियों को दूर कर सकता है। इस बात का बहुत अच्छा उदहारण हैं, उड़ीसा के एक छोटे से गाँव की रहने वाली IRS सारिका जैन। बचपन में ही पोलियो का शिकार हुई सारिका को जब समाज ने तानों और कड़वी बातों से रोका, तो उनके आगे बढ़ने के हौसले और पढ़ाई करने के जज़्बे ने ही उनके जीवन को सही रास्ता दिखाया।
लोगो के ताने से हार नही मानी। उन तानो को ही अपनी मंजिल मानकर आगे बढ़ाना शुरू कर दिया। IRS सारिका जैन का जीवन साधरण लोगो की तरह नही था।बहुत संघर्ष भरा जीवन था। हर एक इंसान जिंदगी में मुश्किलों से जूझते हुए किसी न किसी दिन सफलता हासिल करता है।
एक ऐसी ही स्टोरी की बात करने जा रहे है, जिसे महज 2 साल की उम्र में पोलियो हो गया था, इसके बाद वो कोमा में चली गई। डेढ़ साल तक कोमा से लड़ने के बाद बड़ी कठिनाई से स्कूल और कॉलेज की पढ़ाई पूरी की। फाइनली साल 2013 में एग्जाम क्रैक कर IRS ऑफिसर बनी।
सारिका का जन्म उड़ीसा के एक छोटे से कस्बे काटावांझी में एक संयुक्त परिवार में हुआ था। महज 2 साल की उम्र में उन्हें पोलियो हो गया था। सारिका के माता-पिता को तो उस समय ये भी पता नहीं था कि पोलियो आखिर होता क्या है।
मम्मी-पापा जब सारिका को डॉक्टर के पास ले गए तो उस वक्त डॉक्टर को भी,ये लगा कि उन्हें शायद मलेरिया हो गया है, इसके बाद डॉक्टर ने उन्हें इंजेक्शन दे दिया। इंजेक्शन के बाद उनके 50 पर्सेंट शरीर ने काम करना बंद कर दिया था, वे कोमा में चली गई थींं।
सारिका ने बताया कैसे उन्हें किसी भी स्कूल में दाखिला नहीं दिया गया, बच्चे उन्हें विकलांग होने के कारण चिढ़ाते थे पत्थर फेंक कर मारते थे। सारिका बताती हैं कि, मैं ओडिसा के एक छोटे से कस्बे काटावांझी से हूं। विकलांगता की वजह से मोहल्ले वाले कहते थे। IAS बनना बहुत कठिन है हर किसी के बस में नही है, तुम तो बन ही नहीं पाओगी। तब सारिका ने हौसला नही हारा, अपने आपको मजबूत बनाये रखा, हर परिस्थिति का डट कर सामना किया।
What to do during #lockdown? Well, Sarika Jain is using the time for preparing masks which she distributes to the needy in her neighbourhood in Bandra, Mumbai.
Sarika is an IRS officer & posted as Deputy Commissioner of Income Tax in Mumbai. She belongs kantabanji in #Odisha. pic.twitter.com/bfsqjkScC5
— Arun Bothra 🇮🇳 (@arunbothra) March 23, 2020
माता-पिता से कहा मैं इस माहौल में तैयारी नहीं कर पाऊंगी दिल्ली में तैयारी करना होगी। पिता साधुराम जैन और मां संतोष देवी ने कबि हौसला कम नही होने दिया अपनी बेटी का। हमेशा उसको आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया। 2012 में दिल्ली में तैयारी शुरू की। 2013 में पहले प्रयास में IRS में सिलेक्शन हो गया।
IRS बनने के बाद अब वे लड़कियों को प्रोत्साहित करने के लिए प्रोग्राम चलाती हैं। इसमें आईएएस को लेकर लड़कियों का डर दूर कर रही हैं। सारिका ने बताया IAS बनना हर किसी का सपना रहता है लेकिन लोगो के ताने उन्हें आगे बढ़ने नही देते। लेकिन परिणाम के डर से अपने हौसले खो देती है। मुझे भी पहले यही डर था लेकिन सकारात्मक नहीं सोचती तो अभी भी कस्बे में ही रहती।



