रेल्वे स्टेशन पर भूखे सोकर पूरा किया रमेश यादव से रेमो डिसूजा बनने का सफर, घर से भागकर मुंबई आये

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Remo DSouza Story
Best Motivational Story Of Remo DSouza. Remo D'Souza's Success Story After Struggling Is Inspirational in Hindi: Ek Number News

File Photo Credits: Twitter

Mumbai: हाल ही में अपनी मौत के साथ लड़ाई जीतकर वापस लौटे मशहूर कोरियोग्राफर रेमो डिसूजा (Remo DSouza) 2 अप्रैल को 49 साल के हो गए हैं। साल 2 अप्रैल 1972 में बेंगलुरु सिटी में जन्में रेमो का असली नाम रमेश यादव है। गुजरात (Gujarat) के जामनगर से अपनी पढ़ाई आधी अधूरी छोड़कर रेमो घर से भागकर मुंबई (Mumbai) आएं थे, अपने सपनो को पूरा करना।

रेमो (Remo D’Souza) को बचपन से ही डांस करने का बहुत शौक था। लेकिन उन्होंने कभी भी डांस की ट्रेनिंग कहीं से नहीं ली। वो आज भी दिवंगत डांसर और सिंगर माइकल जैक्सन को अपना डांस गुरु (Dance Guru) मानते हैं। तो आइए उनके ऊपर एक नजर डालते हैं उनके सफर पर चलते है।

रेमो (Remo) ने अपने जिंदगी में मनचाहा मुकाम पाने के लिए बहुत संघर्ष (Struggle) किया है। पैसों की तंगी के कारण उन्हे कई रातें बिना कुछ खाए-पिए सड़कों ओर ट्रेनों पर गुजारनी पड़ी। जब रेमो बॉलीवुड में अपना स्ट्रगल दिनों में थे तभी उन्होंने और लिजेल (lizelle) ने शादी कर ली थी।

यही वो मुश्किल समय था, जब रेमो को अपनी राते स्टेशन पर बितानी पड़ती थी। लेकिन इस मुश्किल समय में उनकी पत्नी, लिजेल उनका सपोर्ट सिस्टम बनी रहीं और उनके मुश्किल वक़्त में उनके साथ खड़ी रहीं। इसलिए रेमो उन्हें उनकी जिंदगी की सुपरवूमन मानते हैं।

रंगीला से चमकी किस्मत

अपने स्ट्रगलिंग दिनों में रेमो ने एक डांस कॉम्पिटिशन जीता। जिसके बाद उन्हें आमिर खान और उर्मिला मांतोडकर की फिल्म ‘रंगीला’ में डांस करने का मौका मिला। इस फिल्म के बाद वो बड़े कोरियोग्राफर अहमद खान को असिस्ट करने लगे। एक साल बाद उन्होंने सोनू निगम का एल्बम ‘दीवाना’ भी कोरियोग्राफ किया। जो सुपरहिट साबित हुआ।

इस सफलता के बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। रेमो के करियर को फिल्म ‘कांटे’ के आइटम नंबर ‘इश्क समंदर’ ने ओर चार चांद लगा दिए। अब रेमो को कोरियोग्राफ के लिए कई ऑफर्स आने लगे। एक समय खुद स्ट्रगल करने वाला ये कोरियोग्राफर आज डांस की दुनिया में अपना फ्यूचर ऑर नसीब आजमाना वाले बाकी बच्चों की बहुत मदद करता है।

लाखों लोगों की दुवाएं आईं काम

उनके शिष्य धर्मेश येलाण्डे (Dharmesh Yelande), राघव जुयाल ( Raghav Juyal ), पुनीत पाठक (Puneet Pathak) जैसे कई डांसर्स की जिंदगी में कामयाबी के रंग भरने वाले ओर रेमो के परिवार की जिंदगी तब एकदम से बेरंग हो गई जब उन्हें हार्ट अटैक आया था।

हार्ट अटैक आने पर रेमो डिसूजा को मुंबई के कोकिलाबेन अस्‍पताल में तुरंत भर्ती किया गया। उनकी पत्नी लिजेल हर वक्त उनके साथ मौजूद रहती थी। इस कठिन समय पर उनके लाखों चाहने वालों की दुवाएं बहुत काम आईं। मौत को हराते हुए रेमो डांस की दुनिया में वापस लौट आये।

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