
Demo Image Used
Delhi: सपने को पूरा करने के लिए उम्र नही देखी जाती। बस सपनो की उड़ान लम्बी होनी चाहिये। सपने को पूरा करने का जुनून होना चाहिये। प्रतिभा जन्म से मिलती है, लेकिन वह निखरती कठिन परिश्रम से है। प्रखंड के पूर्वी ठोरसन गांव के निवासी गोपाल सिंह की बहू व रवि कुमार पटेल की पत्नी कंचन कुमारी ने दारोगा परीक्षा में उत्तीर्ण होकर परिवार को गौरान्वित कर दिया।
कंचन ने दारोगा बन न सिर्फ ससुराल बल्कि मायके का भी नाम गर्व से ऊंचा कर दिया है। पूरा गांव और समाज उनकी सफलता पर गर्व कर रहा है। परिवारजन उनकी कामयाबी पर खुशी से फूले नहीं समा रहे हैं। वहीं कंचन कुमारी का कहना है कि ससुरालवालों ने शादी के बाद भी पढ़ाई जारी रखने और पुरुषों के वर्चस्व वाले क्षेत्र में कॅरियर बनाने की हिम्मत दी।
ससुराल वालों ने कभी हौसला नही टूटने दिया। हर परिस्थिति में ढाल बनकर खड़े रहे। ससुराल वालों ने कभी बेटी बहु में फर्क नही समझा, बहु को भी बेटी जैसा प्यार दिया। बेटी की तरह बहु भी सफलता की सीढ़ी पर चढ़े। गौरतलब है कि कुछ दिन पूर्व ठोरसन गांव की ही निवासी कंचन कुमारी की पड़ोसी अमृता कुमारी भी BPSC की परीक्षा में कामयाबी हासिल कर आपूर्ति पदाधिकारी बनी है।
दोनों की सफलता पर उनके रिश्तेदारों व शुभचिंतकों द्वारा बधाई देने का सिलसिला बना हुआ है। ठोरसन गांव अपनी बेटी-बहू पर गर्व कर रहा है। गांव में बेटी और बहू में कोई अंतर नही है। ये उन लोगो के मुंह मे तमाचा है जो कहते है कि बहु कुछ नही कर सकती। लेकिन ठोरसन गांव की बहू ने ये गलत साबित करके बेटी से बहु बनी लड़कियों का हौसला बढ़ाया है।
कंचन उन सभी लड़कियों के लिए प्रेरणा बनी है जो शादी के बाद सोचती है कि अब वो अपने सपनो को पूरा नही कर सकती।
परिवार वालो के अनुसार कंचन बचपन से ही पढ़ने में होशियार थी। उसने अपने मायके कोचस हाई स्कूल से मैट्रिक पास करने के बाद गिरीश नारायण मिश्र महाविद्यालय परसथुआ से स्नातक की डिग्री प्राप्त की।
पढ़ाई के प्रति उसकी लगन व मेधा देख ससुराल वालों ने सहयोग व प्रोत्साहन देना शुरू किया और तैयारी के लिए उसे पटना भेज दिया। इस सफलता का श्रेय कंचन अपने माता पिता, सास ससुर, पति काे देती हैं। उन्होंने बताया कि पुलिस विभाग में कार्य करने के केवल पुरुष ही योग्य हैं, यह मंशा अब टूट गई है। लड़की पुरुषों से कम नही है। आज महिला भी हर क्षेत्र में पुरुषों से कंधा से कंधा मिलाकर चल रही है।
कंचन का कहना है कि दारोगा बन कानून का पालन करते हुए समाज की सेवा करूंगी। कंचन कहती हैं कि शादी के बाद घर-परिवार की जिम्मेदारियां बढ़ जाती है, ऐसे में पति व ससुरालवालों ने बहुत साथ दिया। अपनी जिम्मेदारियों को समझते हुए कंचन ने कभी हौसला नही हारा। ससुराल वालों ने उसका हर पल हौसला बढ़ाया। उसके सपनो को कभी टूटने नही दिया।



