Delhi: दोस्तों लॉकडाउन के बाद से लोगों को एक बात महसूस हुए कि करंट प्रोफेशन, जिससे वह अभी पैसे अर्न कर रहे हैं। इसके अलावा एक एक्स्ट्रा सोर्स ऑफ इनकम होना भी बहुत ज्यादा जरूरी है, जो इमरजेंसी में परिवार की जरूरतों को पूरा कर सकें।
बढ़ती हुई महंगाई एवं सीमित आमदनी के कारण भी आज आम जनमानस में एक्स्ट्रा इनकम को लेकर के अलग ही रुचि देखने को मिलती है। इसके लिए लोग तरह-तरह के काम कर रहे हैं, लेकिन सबसे ज्यादा लोगों का ध्यान इन्वेस्टमेंट पॉलिसी (Investment Policy) ने आकर्षित किया है।
पहले लोग पैसे को सिर्फ जोड़ा करते थे, चाहे वह घर में बच्चों की गुल्लाक हो या फिर सेविंग अकाउंट में पैसे को जमा करना। जबकि आज लोग पैसे का सदुपयोग करने के बारे में अधिक जानकारी ले रहे।

वह अपनी मेहनत की कमाई (Income) को कुछ ऐसी पॉलिसीज में इन्वेस्ट करना चाहते हैं, जिससे उन्हें अच्छा खासा मंथली रिटर्न मिल सके। इसके तहत बाजार में ढेरों स्कीम देखे जा सकते हैं, परंतु उनमें से सही स्कीम का चुनाव बहुत आवश्यक है। आज हम ऐसी ही एक स्कीम कि आप को जानकारी देने वाले हैं, जिसे SBI ले के आई है।
SBI द्वारा प्रदत्त क्या है यह योजना आइए जानते हैं डिटेल से
जानकारी के अनुसार एसबीआई ने जो पॉलिसी (SBI Policy) निकाली है, इसको ‘Annuity’ के नाम से जाना जाता है। इसमें हम मंथली बेसिस पर कैसे इन्वेस्ट कर सकते हैं एवं इसमें इंटरेस्ट का कैलकुलेशन क्वार्टरली एक्युमलेशन के आधार पर होगा, हर 3 महीने में जो भी ब्याज बनेगा। उसे आमदनी के तौर पर आपके सेविंग अकाउंट या करंट अकाउंट वाले खाते पर डाला जा सकता है।

इंटरेस्ट की कैलकुलेशन के लिए अभी कोई खास इंफॉर्मेशन जारी नहीं की गई, पर अनुमान लगाया जा रहा है कि ये FD में मिलने वाले ब्याज के करीब हो सकती है या उससे ज्यादा भी जा सकता है।
इस पॉलिसी की सबसे खास बात यह होगी कि आप इसमें इन्वेस्टमेंट के साथ-साथ ब्याज निकासी कर पा रहे हैं और अपना इन्वेस्टमेंट समय के हिसाब से कम या ज्यादा भी कर सकते हैं।
इमरजेंसी की सिचुएशन में ग्राहक लोन भी ले सकता है इस पॉलिसी के अगेंस्ट
आपको बताना चाहेंगे यदि आप इस पॉलिसी को लगातार चलाते हैं, तो भविष्य में किसी इमरजेंसी के आने पर आपको लोन लेने के लिए यहां-वहां भटकने की आवश्यकता नहीं होगी। उस समय आपके पॉलिसी की जो भी वैल्यू होगी। उसके 75 प्रतिशत की वैल्यू तक का लोन आपको बैंक आसानी से दे देगा।

इसके दो फायदे होंगे पहला लोन लेने में आसानी होगी पेपर फॉर्मेलिटी से ले के डॉक्यूमेंटेशन में ज्यादा वक्त नहीं लगेगा साथ ही इस लोन में ब्याज भी बहुत कम लगेगा। चुकी है एनुइटी पॉलिसी के जरिए आप एक इनकम कर रहे हैं, इसलिए जब भी आप इस पॉलिसी के पैसे को विड्रॉ करेंगे टीडीएस काट के ही बैंक आपके खाते पर रकम ट्रांसफर करेगा।
कितने महीनों के लिए करना होगा इन्वेस्टमेंट और कैसे ऑपरेट होगा अकाउंट
एसबीआई आपको एक खास तरह की पासबुक प्रदान करेगा, जिसके जरिए आप पूरे भारत से इसके ट्रांजैक्शन कर सकते हैं। Annuity स्कीम कुछ फिक्स महीनों जैसे 36 मंथ, 60 मंथ या 84 मंथ के पैकेज के रूप में ही ली जा सकती है। इसमें कम से कम 36 महीने से शुरुवात करनी होगी।
एसबीआई बैंक समय-समय पर ग्राहकों की जरूरत अनुसार डिजाइन करता है अपनी पॉलिसी
एसबीआई की कुछ और स्कीम्स आपको बेहतर मंथली रिटर्न (Monthly Return) दे सकती है जैसे, मैग्नम मल्टी कैप फंड, मल्टीटैक्स गेन फंड, स्मॉल एंड मिड कैप फंड, इन सभी फंड्स में मंथली रिटर्न 7 प्रतिशत सालाना से 15 प्रतिशत साल तक हो सकता है।

आप अपनी जरूरत अनुसार किसी अच्छे फंड सलाहकार से जानकारी ले के पैसे इन्वेस्ट कर सकते हैं। इनके जरिए आप अपने पैसों को इन्वेस्ट कर एक अच्छी राशि मंथली साइड इनकम जनरेट कर सकते हैं। एसआईपी भी एक बेहतर लॉन्गटर्न रिटर्न पॉलिसी हो सकती है आपके लिए।
एसआईपी (SIP) में बेहतर रिटर्न पाने के लिए कम से कम 15 से 20 साल की अवधि का चुनाव करें। इसलिए ज्यादातर लोग एसआईपी को भविष्य में आने वाले किसी बड़ी जरूरत के अनुसार प्लान करते हैं जैसे बच्चों की हायर स्टडीज बेटियों की शादी इत्यादि।




