बिजनेस करने का नया मौका, अब देश में बिना लाईसेंस के कोई भी इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशन लगा सकता है

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There is no possibility of an electric car breaking down on the road as said by Nitin Gadkari. 15,000 charging stations to roll out in India.

Presentation Photo Used

Delhi: अब देश में इलेक्ट्रिक से चलने वाले वाहनों (Electric vehicle) को बढ़ावा देने पर ज़ोर दिया जा रहा है। भारत सरकार भी इस काम में कई तरह के जरुरी कदम उठा रही है। अभी देश में ऐसी स्थिति है की कई लोग बिजली से चलने वाली बाइक या कारों को नहीं खरीदना चाह रहे है, क्यूंकि इन वाहनों को चार्ज करने की पर्याप्त सुविधा और संसाधन उपलब्ध नहीं है।

ऐसे में लोग इलेक्ट्रिक कारें (Electric Car) लेने से अभी कतरा रहे हैं। देश की सरकार ने अब बिजली से चलने वाले वाहनों को लेकर एक नई नीति लेकर आई है, जिसके अंतर्गत देश में हर 3 किमी पर चार्जिंग स्टेशन (Electric Vehicle Charging Station) की सुविधा देने की बता कही गई है। हाल ही में केंद्र सरकार की तरफ से इलेक्ट्रिक वाहनों को लेकर नई नीति बनाई गई है।

इस नीति के मुताबिक अगले 5 सालों में सभी राज्यों की राजधानी, बड़े शहरों, राष्ट्रीय राजमार्गों और एक्सप्रेसवे हाईवे पर चार्जिंग स्टेशन लगाए जाने की योजना हैं। सरकार का मकसद देश के शहरों में हर 3 किमी के क्षेत्र में चार्जिंग स्टेशन (Electric Charging Station) बनाए जाने का है। राष्ट्रीय राजमार्गों पर 25 किमी और 100 किमी के क्षेत्र में एक फास्ट चार्जिंग स्टेशन की सुविधा देना पर काम चल भी रहा है।

चार्जिंग शुल्क को भी कम रखने पर विचार

सरकार की इस योजना को अक्टूबर 2019 में भी जारी किया गया था। फिर आपदा और लॉक डाउन का समय आ गया था। अब इसमें कई चेंज भी किए गए हैं। इस बार चार्जिंग शुल्क को भी कम रखे जाने पर विचार किया जा रहा है, जिससे लोगो को भी बिजली के वाहनों का इस्तेमाल करने का बढ़ावा मिले।

Electric Car Charging Point
Electric Car Charging Station in India presentation image

इसके अंतर्गत सरकारी जमीन पर भी चार्जिंग स्टेशन लगाने की छूट दी गई है। सभी को सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशन शुरू करने की छूट दी गई है। किसी को भी चार्जिंग स्टेशन शुरू करने के लिए किसी लाइसेंस भी आवशयकता नहीं होगी। इसमें सरकार द्वारा तय मानकों को फॉलो करना होगा, जो की बहुत कठिन नहीं होंगे।

चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने के नियम आसान

चार्जिंग स्टेशन लगाने के नियमों के तहत कम दामों पर जमीन देने की बात भी कही गई है। इस नीति में रेवेन्यू शेयरिंग मॉडल का भी प्रस्ताव रखा गया है, जिसमें जमीन देने वाले, चार्जिंग स्टेशन लगाने वाले और सर्विस देने वाली कंपनियों के बीच राजस्व दिया जाएगा।

जमीन देने वाली एजेंसी को भी 1 रुपये प्रति किलो वाट की दर से चार्जिंग शुल्क का पेमेंट किया जाएगा। बड़े और मेट्रो सिटीज में आवेदन करने के महज़ 7 दिनों बाद ही बिजली उपलब्ध करवाने की नीति बनाई जा रही है। नगर निगम क्षेत्रों में 15 दिन और गाँव में एक महीने का समय दिया गया है।

देश की सडकों पर इलेक्ट्रिक वाहन ही दिखाई देंगे

इस योजना के अंतर्गत बिजली कंपनियाँ भी चार्जिंग स्टेशनों से तय शुल्क बस ले सकेंगी। जो 31 मार्च 2025 तक बिजली आपूर्ति का औसत रहेगा। वहीं कोई भी चार्जिंग स्टेशनों को कनेक्शन देने से इंकार भी नहीं कर सकता है। ऐसा करने पर कार्यवाही की जावेगी। अब कितना शुल्क लेना है, इसे तय करने की ज़िम्मेदारी को राज्य सरकारों के ऊपर छोड़ा गया है। अब आने वाले समय में देश की सडकों पर इलेक्ट्रिक वाहन ही दिखाई देंगे।

बीते महीने एक न्यूज़ चैनल पर बातचीन के दौरान देश के परिवहन मंत्री नितिन गडकरी (Nitin Gadkari) ने पत्रकार के एक सवाल पर कहा था की ‘आने वाले 2 सालों में आपकी पेट्रोल कार की जगह इलेक्ट्रिक कार होगी। देश की सडकों पर भारी तादात में इलेक्ट्रिक कारण चलेंगी। हम इस योजना पर कार्य कर रहे हैं।’ केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का यह दावा फूल कॉन्फिडेंस में किया गया था।

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