
शिव की अपार शक्ति के सबूत हमे अपने वेदों में मिल ही जाते है और शिव का निवास स्थान आज भी सबसे बड़ा रहस्य बना हुआ है। कैलाश पर्वत को हम जितना जानने की कोशिश करते है उतने ही बड़े रहस्य सामने आने लगते है। आज तक कैलाश पर्वत के शिखर तक कोई भी नही पहुच पाया। एक पर्वत होने के कारण इस पर चड़ने की कोशिशें बेहद ही कम हुई। जितनी भी कोशिशें हुई वो सब असफल ही रही। कैलाश पर्वत बहुत रहस्यमय है।
वेदों में भी इस बात का जिक्र किया गया है कि शिव से मिलने का रास्ता कैलाश पर्वत में ही कही छूपा हुआ है। इसलिए इस पर सिर्फ वही जा सकता है जिसकी आत्मा शुद्ध हो। वैज्ञानिको ने भी माना है कि कैलाश पर्वत बेहद ही रेडियो एक्टिव है, इसलिए इसका असर आसपास भी पड़ता है और यहाँ उम्र तेजी से बढ़ने लगती है। वैज्ञानिको ने ये भी पाया कि इसके आसपास नाखून तेजी से बढ़ने लगते है।
जब कैलाश पर्वत को सेटेलाइट तस्बीरों से देखा जाता है तो इस पर्वत की चार भुजा प्रतीत होती है। और ये चारों उत्तर, दक्षिण, पूर्व और पश्चिम की सीध में है। तिब्बत में ऐसा भी माना जाता है कि कैलाश पर्वत से शम्भाला(Kingdom of Shambhala) जाने का रास्ता है। अब आप पूछेंगे की ये संभाला कोनसी जगह है? तो हम आपको बता दें की ये Shambhala वो जगह है जो बाहरी दुनिया से आज भी छिपी हुई है।
20 वी सदी की शुरुआत में हिमालय पर शोध करने वाले सबसे बड़े रिसर्चर निकुलिस ने भी इस बात का जिक्र किया था कि संबाला इसी के आसपास कही है और इसका रहस्य कैलैश पर्वत से जुड़ा रहेगा। प्रोफेसर मलदुप ने भी इस बात का जिक्र किया था कि तिब्बत में इस बात पर पूरा यकीन किया जाता है कि इसके नीचे दो शहर वसे हुये है, जिसमे से एक शम्भाला और दूसरा आकाथा है। संबाला की रक्षा शिव की लौकिक शक्तियां कर रही है। इस लिए इसकी जानकारी बाहरी दुनिया नही जान सकती।
वेदों में भी संबाला का जिक्र किया गया है, कि शम्भाला में ही विष्णु भगवान कल्कि अवतार में आबतारित होंगे। धर्म मे कैलाश पर्वत को शिव से जोड़कर देखा जाता है और ऐसा आज भी माना जाता है कि शिव को हम कैलाश पर्वत से ही जान सकते है । कैलाश पर्वत तिब्बत में आता है। तिब्बत पर चीन की सरकार चलती है। आज भी कैलाश पर्वत पर चढ़ने पर प्रतिबंध लगा हुआ है।
कैलाश पर्वत के नीचे सच मे शम्भाला शहर बसा हुआ और शिव की आलोकिक शक्ति से आज भी पूरी दुनिया इससे दूर है। इन सब सवालो के जवाव इस पर्वत में ही छुपे हुए है। ये जवाव सही समय आने पर ही मिलेंगे। हिन्दू धर्म मे कहा जाता है कि जब वक्त आता है तो शिव की विध्वंसक शक्ति का अहसास सबको होता है फिर चाहे वो शिव को मानता हो या ना मानता हो वो अपना अहसास करवा ही देते है।



