आशुतोष दुबे नें मात्र 9 साल की उम्र में चारों वेद सीखे, CM योगी नें सम्मानित किया, यह काम करेंगे

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Ashutosh Duney And Yogi
Pandit Ashutosh Dubey 9 Year Old who has learnt all Vedas just at the age of 9. Yogi Adityanath ne apne nivas Mei bulakar Inka yathochit samman Kiya. Nine year old Ashutosh Dubey learnt all Vedas and Sanskrit Language. CM Yogi Meet with Baal Vidhwan Ashutosh Dubey.

Photo Credits: Twitter

Lucknow: प्राचीन भारत का विज्ञान और चिकित्सा की प्राचिन तकनीकें वेद में समाहित है। वेदों से हमें भारत की प्राचीनता और इतिहास भी जानने को मिलता है। वेदों में जीवन का रहस्य भी छुपा हुआ है। पहले के लोग वैदिक पद्धति से ही जीवन यापन किया करते थे। ऐसे में विदों का ज्ञान होना आज भी जरुरी है। परन्तु बहुत काम लोग ऐसे है जो की वेदों का पूरा ज्ञान रखते हैं।

संस्कृत और विदों के विद्वान अब देश में गिने चुने गई है। लोग इनसे ज्ञान प्राप्त करने और सलाह लेने भी जाने है। परन्तु जिस उम्र के बच्चे खेल-कूद और वीडियो गेम में ही अपना जीवन व्यतीत कर रहे है, वहीँ उसी उम्र में उत्तर प्रदेश के गाजीपुर है एक छोटा बच्चा देववाणी में पांडित्य का ज्ञान प्राप्त करके विदों का ज्ञांता बन गया है।

ऐसे में इस अध्भुत और असाधारण महाज्ञानी बच्चे की खबर जब उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लगी, तो उन्हें बहुत ही ख़ुशी हुई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने ट्विटर अकाउंट से इसकी तस्वीर की साँझा की। मुख्यमंत्री योगी नें लखनऊ स्थित सरकारी आवास पर सिद्धपीठ हथियाराम मठ, 9 साल के गाजीपुर के बाल विद्वान आशुतोष दुबे (Pandit Ashutosh Dubey) से मिलकर, उन्हें भी सम्मानित किया है।

योगी ने संस्कृत और वेदों के बाल विद्वान आशुतोष दुबे से मिलकर उनकी तारीफ में कहा कि “इतनी कम वय में ही संस्कृत भाषा में पाण्डित्य प्राप्त कर लेने वाले श्री आशुतोष दुबे का संस्कृत ज्ञान सराहनीय, प्रेरक और अनुकरणीय है।” योगी ने बाल विद्वान आशुतोष दुबे को हर संभव मदत का आश्वासन भी दिया है।

आपको बता दे की आशुतोष दुबे जिस संस्कृत विद्यालय से शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं, उसी विद्यालय के सिद्धपीठ हथियाराम मठ, गाजीपुर के महंत महामंडलेश्वर भवानी नंदन यति जी महाराज से भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ नें मुलाकात की और इस अवसर पर उन्हें प्रयागराज कुम्भ-2019 से सम्बन्धित एक पुस्तक भी उपहार में दी। इस पुस्तक में कुम्भ-2019 मेले से सम्बन्धित अनेक जानकारी और रीती रिवाज़ पर विस्तृत उल्लेख है।

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अब केंदा से भी शिक्षा के क्षेत्र ने यह खबर भी आ रही है की केंद्र की मोदी सरकार ने मंत्रिमंडल की बैठक में आज कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। वहीं देश में नई शिक्षा नीति को लेकर भी केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने भी महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। HRD नें आज NCERT के लिए शिक्षण सत्र 2020-21 का रोडमैप भी जारी कर दिया है।

देश में जिस नई शिक्षा नीति का इंतजार शिक्षाविद कर रहे थे उसपर आज HRD नें आवश्यक कदम उठाए हैं। इसी सिलसिले में स्कूल शिक्षा के लिए नया राष्ट्रीय पाठ्यक्रम रूपरेखा (NCF) भी शुरू किया गया है। सीधा मतलब है की नई शिक्षा व्यवस्था किस तरह होगी उसका एक प्रारूप तैयार किया जाएगा, जिसे अंग्रेजी में नेशनल करिकुलम फ़्रेमवर्क या NCF कहते हैं।

NCF के अनुसार NCERT पाठ्यपुस्तकों में नए बदलाव होंगे। विषय विशेषज्ञ स्कूल शिक्षा के लिए बदलाव वाला काम दिसंबर 2020 तक पूरा कर अपनी अंतरिम रिपोर्ट दे देंगे। स्कूल के पाठ्यपुस्तकों में नए चेंज के तहत यह सुनिश्चित किया जाएगा कि पाठ्यपुस्तकों में मुुख्य सामग्री के अलावा कुछ भी नहीं हो ताकि बच्चो में जबर्दस्ती प्रेशर न पड़े। जबकि नए कोर्स में भारतीय संस्कारों, मूल्यों व संस्कृति को बढ़ावा दिया जाएगा।

इसमें भारतीय जीवन शैली को शामिल कर छात्रों में देश की संस्कृति का ज्ञान कराने का के मकसद से ऐसा किया जाएगा। इस पाठ्यक्रम के अंतर्गत रचनात्मक सोच, जीवन कौशल, भारतीय संस्कार, संस्कृति आदि को जोड़े जाने का प्रस्ताव रखा गया है। नए NCF के आधार पर NCERT नई पाठ्यपुस्तकों के लेआउट और डिजाइन तैयार करेगा। नया NCF मार्च 2021 तक तैयार होने की पीरी संभावना है।

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