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Delhi: गलवान घाटी पर भारत और चीन सीमा पर चीनी आर्मी की कायराना हरकत और जारी तनाव के बाद भारतीय खुफिया एजेंसियों ने भारत सरकार को चीनी मोबाइल एप्स बेन करवाने की वकालत की है। मीडिया में खबर आई है की खुफिया एजेंसियों ने TikTok सहित कुल 52 चीनी एप्स को देह में बेन करने का अनुरोध किया है। सुरक्षा एजेंसियों की राये है कि इन एप्स को या तो सरकार ब्लॉक कर दे, या फिर लोगों को इन सभी एप्प का उपयोग ना करने के लिए कहे।
खुफिया एजेंसियों का मानना है कि चीन की ये एप्स सुरक्षित नहीं है। इनसे राष्ट्रीय सुरक्षा को भी नुकसान पहुंचने की आशंका है। यह एप्स बड़े पैमाने पर डेटा भारत से बाहर भेज रहे हैं। इसमें भारतीय यूजर की निजी जानकारियां होती हैं, जो लीक नहीं होनी चाहिए। सुरक्षा एजेंसियों ने सरकार को एप्प की सूचि भी भेजी है, उसमें टिकटॉक, यूसी ब्राउजर, एक्सएंडर, शेयर इट, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग एप जूम, क्लीन मास्टर और अन्न एप्प ने नाम बताये गए है।
आपको बता दे की ताइवान जर्मनी और अमेरिका जूम एप्प के इस्तेमाल पर रोक लगा चुके है। पुछले माह भारतीय गृह मंत्रालय ने भी जूम एप्प को लेकर एक एडवाइजरी दी थी की यह एप्प उस्तेमाल करने से बचे। नेशनल साइबर सिक्यॉरिटी एजेंसी कंप्यूटर इमर्जेंसी रेस्पॉन्स टीम के सुझाव पर गृहमंत्रालय ने अपील की थी।
हम आपको कुछ मुख्या चीनी एप्प के नाम बता रहे है जो अधिकतर भारतीय उपयोग कर रहे है जैसे Tik Tok, Zoom, Vault-Hide, Vigo Video, Bigo Live, Weibo, We Chat, SHAREit, UC News, UC Browser, Beauty Plus, Xender, Club Factory, Helo, LIKE और अन्न एप्प भी है। अब चीनी सामन के बहिष्कार का बिगुल बाज़ चुका है तो चीनी मोबाइल एप्प को भी बायकाट किये जाने की जरुरत है, अन्यथा चीन आपके मोबाइल और आपके डाटा पर भी कब्ज़ा मज़ा लेने में देर नहीं करेगा।
Boycott Chinese product,app.
And those who are thinking ki why not government ban import from china..
Bhai ye tmhare aur tmhare padosi ki baat nhi h,ye 2 desh ki bich ki baat h.
Professional tarike se pelenge
#HindiCheeniByeBye pic.twitter.com/P7DMY2pi4g— Satyajeet kumar (@Satyaje37830926) June 17, 2020
लद्दाख में चीन के साथ गलवान घाटी वाले सीन और चीनी सेना की हरकत के बाद देश की मोदी सरकार और जनता दोनों में दुःख और रोष व्याप्त है। ऐसे में अब इस चीज़ की प्रबल संभावना है की चीन को आर्थिक तौर से गच्चा देने के लिए मोदी सरकार काम कर रही है। इस सिलसिले पर केंद्र सरकार चीनी कंपनी को दिये ठेके को रद्द करने मन बना रही है।
I saw many influencer they are showing sympathy for Martyr Soldier who fight for our country and sacrifice life.but our indian influencer will never ban chinese apps.shame on our influencer if you are real indian then uninstall chinese app and influence our youth.#banchineseapps pic.twitter.com/3s4OUw3nl8
— Karanvir (@Karanvir7271) June 18, 2020
भारत-चीन सीमा पर संघर्ष के हालात पैदा होने के बाद एयरफोर्स के बरेली स्थित त्रिशूल एयरबेस में हलचल बढ़ गई है। एयरबेस के आसपास स्थित कालोनियों में रहने वाले लोगों की नींद बुधवार सुबह फाइटर प्लेनों की उड़ानें भरने की आवाजों से खुली। आसपास रहने वाले लोगों का कहना है कि त्रिशूल एयरबेस से बुधवार सुबह 6 बजे से लेकर 9 बजे के बीच तीन सुखोई विमान ने उड़ान भरी।
इस सबसे बीच भारतीय सेना चीन को उसी की भाषा में जवाब देने के लिए तैयार खड़ी है। इसका अहसास पीठ पीछे धोखा देने वाली चीन की सेना को भी है। इस समय पूर्वी लद्दाख में तैनात भारतीय जवान इस वीरता की परंपरा को कायम रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं। सेना की उत्तरी कमान के आर्मी कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल वाईके जोशी ने भी अपने शहीदों को श्रद्धांजलि देने के साथ ही स्पष्ट कर दिया है कि सेना देश की एकता व अखंडता बरकरार रखने के लिए प्रतिबद्ध है। देश और सीमा की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जायेगा।



