योगी ने जौनपुर घटना में नूर आलम और जावेद सिद्दीकी पर यह कार्यवाही की, जानें पूरा मामला

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CM Yogi Adityanath Image Credits: IANS




Jaunpur/Uttar Pradesh: उत्तर प्रदेश के जौनपुर (Jaunpur UP) में एक मामूली कहा सुनी में दो वर्गों में टकराव उग्र होने के बाद दलितों के घर फूंकने के मामले में सीएम योगी आदित्यनाथ (Yogi Adiyanath) बहुत ही नाराज हैं। उन्होंने दलितों के घर फूंकने के सभी आरोपियों के खिलाफ तत्काल रासुका के तहत मुकदमा दर्ज करने के अलावा बहुत ही सख्त कार्रवाई का निर्देश दिया है।

खबर आई थी की जौनपुर के एक गांव में दलितों (Jaunpur Dalit Houses) के घर फूंकने की घटना पर सीएम योगी आदित्यनाथ बहुत स्ट्रिक्ट हैं। उन्होंने दलितों के घर फूंकने के मुख्य आरोपी नूर आलम (Noor Alam) और जावेद सिद्दीकी (Javed Siddique) सहित सभी आरोपियों पर तत्काल रासुका लगाने का आदेश दिया है। मुख्यमंत्री योगी ने इसके साथ ही वहां पर तत्काल स्थिति कंट्रोल न कर पाने के दोषी थाना प्रभारी के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई का निर्देश दिया है।



UP CM योगी आदित्यनाथ ने आला अधिकारियों को निर्देश दिए है कि जिनके घर फूंके गए हैं, उन सभी पीड़ित दलितों को तत्काल सीएम या पीएम आवास सहित अन्य सरकारी सहायता उपलब्ध करवाई जाये। CM योगी (CM Yogi) ने आरोपितों पर रासुका लगाने के अलावा पीड़ित दलितों को मुख्यमंत्री राहत कोष से 10 लाख 26 हजार 450 रुपये देने का आदेश दिया है और समाज कल्याण विभाग के जरिये पीड़ितों को एक लाख रुपये की सहायता राशि देने का निर्देश दिया।

लापरवाही बरतने वाले थानाध्यक्ष पर भी सख्त जांच के आदेश

अब खबर आ रही है की इस घटना में लापरवाही बरतने वाले थानाध्यक्ष पर भी सख्त जांच के आदेश दिए गए हैं। घटना को लेकर मुख्यमंत्री के स्ट्रिक्ट एक्शन से पुलिस महकमे में अफसर काम पर लग गए है। पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार ने मीडिया में बताया की थानाध्यक्ष के खिलाफ अभी जांच की जा रही है। जिलाधिकारी दिनेश कुमार सिंह का कहना है कि पीडि़त परिवारों को पूरी मदद करने के साथ ही उनकी सुरक्षा भी सुनिश्चित की जाएगी।

आपको बता दें कि मंगलवार की शाम बकरी और भैंस चराने को लेकर बच्चों के बीच कुछ कहा सुनी के बाद विवाद हुआ और फिर दो पक्षों में उग्र घटनाएं हुई थी। इस दौरान एक पक्ष के आधा दर्जन छप्पर में आग लगा दी गई थी। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे अधिकारियों की सूझबूझ से घटना पर काबू पा लिया गया। इस घटना को लेकर क्षेत्र में तनाव हो गया।

पीड़ित परिवार को तत्काल सहायता और राशन दिया गया

मौके पर पहुंचे जिलाधिकारी ने पीड़ित परिवार को सहायता और राशन देने के साथ-साथ दोषियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर सख्त कार्रवाई करने की भी बात कही है। वहीं पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि इस मामले में मुकदमा दर्ज कर कई लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

असल में उत्तरा प्रदेश के जौनपुर में क्या हुआ था, जानें

मीडिया की खबर में बताया गया था कि मंगलवार देर शाम सरायख्वाजा थाना क्षेत्र के भदेठी गांव में बच्चों के विवाद के चलते दो वर्गों के बीच जमकर संघर्ष हुआ। इसके बाद एक पक्ष के लोगो ने अनुसूचित जाति (दलित) की बस्ती में आगजनी की और नुकसान पहुँचाया। इस मामले में 58 नामजद व 100 अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने 35 आरोपितों को गिरफ्तार किया है।

इस घटना को लेकर मीडिया में बताया गया है की भदेठी गांव का शहबाज (13) बाग में अपने पेड़ से आम तोडऩे गया था। वहां तालाब के पास बकरियां चरा रहे अनुसूचित जाति बस्ती (Jaunpur Dalit Basti) के बच्चों से किसी बात को लेकर उसका विवाद हो गया। शहबाज ने वापस घर जाकर पाने परिजनों को इसकी सुचना दी। इसके बाद शहबाज (Shahbaaz) के लोगो और अनुसूचित जाति बस्ती के लोगों में बात उग्र हो गई। बताया जाता है की इस मसले पर गांव की प्रधान के पति आफताब उर्फ हिटलर ने मामला शांत कराया।

मीडिया की खबर की माने तो ऐसा आरोप लगाया जा रहा है कि मामला शांत होने के बाद रात लगभग 8.30 बजे एक वर्ग विशेष के 100 से अधिक लोगों ने असला समेत अनुसूचित जाति बस्ती पर आक्रमण कर दिया। जिसमे कोई घरो को आंग लगा दी गई और नुक्सान पहुँचाया गया। इस वहीं घटना के बाद अब लोग भयभीत हैं।


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