लद्दाख सांसद की चीन को साफ़ चेतावनी, चीन की दीवार से भी मजबूत दिवार भारत के पास है, देखें

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Image Credits: Twitter(@MPLadakh)

Leh/Laddakh: भारत सरकार और भारतीय सेना से जोरदार टक्कर मिलने के बाद अब चीन और जिनपिंग को टक्कर देने एक और ताकत आ खड़ी हुई है। इस ताकत को चीन के खिलाफ भारतीय दिवार कहा जाना गलत नहीं होगा। लद्दाख के पास भारत और चीन के बीच सीमा को लेकर चल रहे तनाव पर लद्दाख से भाजपा सांसद जाम्यांग सेरिंग नामग्याल (Jamyang Tsering Namgyal) ने चीन को आड़े हांथो लेते हुए साफ़ शब्दों में कह दिया है कि हम किसी भी स्थिति में वाद विवाद के समर्थक नहीं हैं, परन्तु जरूरत जरुरत पड़ने पर लद्दाखी पीछे भी नहीं हटेंगे।

लद्दाख सांसद जाम्यांग सेरिंग नामग्याल तीन दिन के दौरे पर पूर्वी लद्दाख में चीनी सीमा लके पास वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर पैंगोंग झील के पास आये हुए थे। लद्दाख सांसद जाम्यांग ने भारत-चीन में सीमा विवाद के तनाव के बीच लद्दाख के स्थानीय लोगो का से बातचीत करके उनमे धैर्य बंधा। भारतीय सेना और चीन की सेना के मध्य तनाव के मुख्या स्थान पैंगोंग झील से सटे गांवों में लोग भय में माहोल में जी रहे हैं। उनसे लद्दाख सांसद ने बातचीत कर भरोसा दिलाया।

Ladakh MP
File Image

पैंगोंग झील किनारे पहुंचे सांसद नामग्याल (Jamyang Tsering Namgyal) ने कहा कि लद्दाख के एक तरफ पाकिस्तान और दूसरी तरफ चीन बैठा है। लद्दाखी लोग किसी से वाद विवाद नहीं चाहते है, परन्तु देश की रक्षा और सम्मान पर बात आई, तो लद्दाखी लोग किसी भी हालत में देश का गौरव कम नहीं होने देंगे। सांसद जमयंग ने तनातनीचीनी तनाव वाले स्थानों का दूरबीन की मदत से निरिक्षण किया और जानकरी जुटाई।

आपको बता दे की लद्दाख में भारतीय सेना (Indian Army) की ज़बरदस्त तैयारियों से भौखलाये चीन ने लगभग एक साल पहले से ही ‘कारगिल’ जैसी घुसपैठ की तैयारी करना शुरू कर दी थी। ताजा तस्वीरों को ओपन सोर्स इंटेलिजेंस एनॉलिस्ट Detresfa ने जारी किया है। हालिया तनाव के बीच सैटलाइट से मिली तस्‍वीरों में यह खुलासा हुआ है कि चीनी सेना ने बीते एक साल से पैंगोंग शो झील से 100 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में अपनी मोर्चाबंदी की रफ़्तार में इज़ाफ़ा किया था।

इसके बाद कोरोना संकट में भारत को उलझा देखकर चीन ने भारतीय क्षेत्र में घुसपैठ कर दी। इसके साथ ही बड़ी तादाद में सैन्‍य उपकरण जमा किया गया। चीन ने पैंगोंग शो झील (Pangong Tso Lake) से 180 किलोमीटर दूर स्थित नागरी नामक क्षेत्र में बड़ी हवाई पट्टी भी बना ली। इसके अलावा नागरी में बहुत से ऐसे सैन्‍य वाहन जमा किये, जिससे जरीरत पड़ने पर ज़बरदस्त तेजी से सैनिकों को भारतीय सीमा तक पहुंचाया जा सके।

चीन ने भारतीय सेना की तरह ही कोरोना महामारी के चलते अपने सैन्य अभ्यास को एक महीने के लिए स्थगित कर दिया था, परंतु चीन ने बड़ी हो चतुराई दिखाते हुए गलवान घाटी और पैंगोंग शो झील के पास फिंगर एरिया में मौका पाते ही सैनिकों की तैनाती कर दी। वदेशी मीडिया ने सबसे पहले गलवान तनाव के बारे में जानकारी दी थी। चीनी सैनिकों के पहुंचने के कारण दौलत बेग ओल्‍डी और काराकोरम पास से लेह तक जाने के लिए पिछले साल बनाए गए सड़क से संपर्क टूट जाने की संभावना बन गई है।

Leh District
File Image Of Pangong Tso Lake

अब चीन (China) की इस चालाकी को भांपते हुए भारत ने सभी कोविड-19 प्रोटोकॉल तोड़ते हुए लेह (Leh) में तैनात अपने सैनिकों तो तत्काल उस क्षेत्र में रवाना कर दिया। अब अपना पहला कदम रख चुके चीन को भारतीय क्षेत्र गलवान और फिंगर इलाके में अहम रणनीतिक बढ़त हासिल हो चुकी थी।

सूत्रों ने बताया कि गलवान में चीन के करीब 3,400 सैनिक तैनात हैं और पैंगोंग लेक के पास 3,600 चीनी सैनिक तैनात होने की खबर हैं। इस पर भारत ने भी चीनी सीमा पर अपनी सैनिक तैनात किये है। भारत का कहना है की चीन जितने सैनिक तैनात करेगा, उतने सैनिक हम भी तैनात करेंगे। जैसे को तैसा की तर्ज़ पर भारत सरकार और भारतीय सेना।

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