Image Credits: Twitter and ANI
Delhi: पूरे विश्व में कोरोना वायरस महामारी फ़ैलाने और फिर अकड़ दिखाने का आरोप झेल रहे चीन ने अब भारतीय सेना क्षेत्र पर भी अपनी हरकतें तेज कर दी है। चीन की हर हरकत का भारतीय सेना सीमा पर करारा जवाब दे रही है। भारत ने भी चीनी सीमा पर चौकसी बढ़ा दी है और हर स्थिति से निपटने के लिए तैयार है। परन्तु सबसे पहले भारत को अपने ही देश में बैठे चीनी सेना और चीनी सरकार के मदतगार और प्रवक्ताओं पर कार्यवाही करने की जरुरत है।
एक ओर जहाँ भारतीय सेना चीनी सेना के सामने डटकर कड़ी है, तो वही एक भारतीय TV News Channel भारतीय सेना के खिलाफ ही प्रोपेगेंडा और फेक न्यूज़ चला रहा है। अब भारत के सोशल मीडिया यूजर ऐसा आरोप Media Channel पर लगा रहे हैं। लोगो ने इस राष्टीय चैनल को फेक न्यूज़ फैक्ट्री बताया है।
अभी चीन का सबसे बड़ा सर दर्द भारत बना
आपको बता दे की अभी चीन का सबसे बड़ा सर दर्द भारत बना हुआ है और परेशानी का कारण ये है की भारत उन विदेशी कंपनियों को लगातार अपने देश में आने का न्योता दे रहा है, जो कोरोना के कारण चीन छोड़ कर कही और शिफ्ट होना चाहती है। चीन भारत पर दबाव बनाना चाहता है, ताकि भारत विदेशी कंपनियों को अपने यहाँ न शिफ्ट होने दे और दबाव बनाने के लिए चीन ने सिक्किम, अरुणांचल और लद्दाख बॉर्डर पर सैन्य गतिविधियाँ बढ़ा दी है।
अभी के हालिया वक़्त में चीन की हर चाल और षड्यंत्र को सीमा पर भारतीय सैनिक नाकाम कर रहे है, पिछले ही दिनों सिक्किम के नाकु लाल चीन की सेना ने गुस्ताखी की तो में 4 भारतीय सैनिकों के बदले 13 चीनियों को ज़मीन की धूल चाट कर वापस जाना पड़ा था। भारतीय सेना तो चीन को सबक सीखा ही रही है। परन्तु देश के कुछ लोग और मीडिया कुछ फेक न्यूज़ चलाने वाले चीन का साथ दे रहे है।
NDTV ने चीन का साथ देते हुए भारत पर ही दवाब बनाने का भर्षक प्रयास किया है, वो भी झूठी खबर चलाई। ऐसे झूठी खबरों से भारतीय सैनिको का मनोबल तोड़ने का काम किया जाने का आरोप Twitter यूजर द्वारा जताया जा रहा है। आपको ज्ञात ही की 23 मई को Channel ने खबर चलाई प्रकाशित करि की लद्दाख में चीनी सेना ने भारतीय सेना के सैनिको को बंधक बना लिया और भारतीय सैनिको को अपने कब्जे में ले लिय। चीन द्वारा कब्जे में लेने के बाद फिर भारतीय सैनिको को छोड़ दिया गया, TV Channel ये कह रहा है की उसे ये जानकारी सूत्रों ने दी है।
#India #China pic.twitter.com/hprBmOiSRn
— NDTV (@ndtv) May 23, 2020
इसके बाद भारतीय सेना ने इस खबर पर 24 मई को तत्काल एक्शन लेते हुए इसे फेक न्यूज़ घोषित किया है। भारतीय सेना ने कहा की ‘चीनी सेना ने किसी भारतीय सैनिक को बंधक नहीं बनाया, ये खबर पूरी तरह फेक न्यूज़ (False News) है। इसके लिए के बयान पर न्यूज़ एजेंसी ANI ने भारतीय सेना के हवाले से जानकरी देते हुए एक ट्वीट करते हुए लिखा की “The Indian Army denied reports that suggested that an Army patrolling party was detained by Chinese soldiers in Eastern Ladakh sector”. अब लोग इस फेक न्यूज़ पर सरकार से तत्काल कोई कारवाही करने की मांग कर रहे हैं।
The Indian Army denied reports that suggested that an Army patrolling party was detained by Chinese soldiers in Eastern Ladakh sector
Read @ANI Story | https://t.co/J3f2ueDqTb pic.twitter.com/6ihfQgi6FS
— ANI Digital (@ani_digital) May 23, 2020
अब लोग यह आरोप लगा रहे है की TV Channel ने ये काम इसलिए किया ताकि भारत पर दवाब बनाया जा सके और भारतीय सरकार और प्रधानमंत्री मोदी को कमजोर बताया जा सके। इसके अलावा Channel भारतीय सेना और सैनिको का मनोबल भी तोडना चाहता है और बताना चाहता था की चीन की सेना बहुत ताकतवर है। ऐसा करके कोई प्रोपेगेंडा चलाया जा रहा है।
How your media @ndtv lie. Share maximum. Shame them.#India #China #IndianArmy @adgpi pic.twitter.com/XuDXnSTQ6h
— Chiru Bhat | ಚಿರು ಭಟ್ (@mechirubhat) May 24, 2020
A social media user wrote ‘How your media NDTV lie. Share maximum’ to show all India that how they publishing fake news against Indian army. Indian army also denied reports that suggested that an Army patrolling party was detained by Chinese soldiers in Eastern Ladakh sector.
सोशल मीडिया पर एक यूजर का आरोप है की एक तरफ भारतीय सेना चीन को लगातार मुहतोड़ जवाब दे रही है वहीँ देश के ही भीतर कुछ संगठन और फेक न्यूज़ चलाने वालों ने भारतीय सेना के खिलाफ चीनी प्रोपगंडा शुरू कर चुके है। अब लोग भारतीय सरकार ने TV Channel के खिलाफ सख्त से सख्त कार्यवाही की मांग कर रहे है। कुछ लोग तो इस चैनल का बहिष्कार भी कर रहे हैं। इस झूठी खबर को Channel के ट्विटर अकाउंट से ट्वीट किया गया है।



