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Ayodhya/Uttar Pradesh: कोरोना वायरस के चलते पूरे देश में लॉक डाउन लगा हुआ है। अब लॉकडाउन के चौथे चरण में कंस्ट्रक्शन के कामों में कुछ रियायत दी गई थी। इसी के चलते उत्तर प्रदेश के अयोध्या में 67 एकड़ जमीन पर राण जन्म भूमि पर राम मंदिर का काम शुरू हो गया। अभी राम मंदिर निर्माण के लिए जमीन समतल करने का काम चल रहा है।
राम जन्मभूमि परिसर में 11 मई से जमीन को समतल करने और बैरीकेडिंग हटाने का काम किया जा रहा है। इस दौरान खुदाई करने पर यहां काम कर रहे लोग चकित रह गए। खुदाई में देवी-देवताओं की खंडित मूर्तियां, पत्थर के पुष्प कलश और नक्काशीदार खंबो के अवशेष मिले हैं। यह मंदिर के अवशेष प्रतीत होते है। इससे यह पता चल जाता है की यहाँ पर कभी या हज़ारों साल पहले विशाल मंदिर रहा होगा।
मीडिया में आई खबर के मुताबिक श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने अब तक जहां खुदाई हुई है, वहां आसपास के स्थान से बड़ी मात्रा में देवी-देवताओं की खंडित मूर्तियां, पुष्प कलश, पिलर प्राप्त हुए हैं। मीडिया के सूत्रों स्व प्राप्त जानकारी में खबर मिली है की अभी तक यहाँ से ब्लैक टच स्टोन के 7 खंबे, 7 रेडसैंड स्टोन के खंबे, 5 फुट के नक्काशीनुमा शिवलिंग और मेहराब के पत्थर प्राप्त हुए हैं।
जय श्री राम ।। राम जन्म भूमि को समतल करने के लिए की जा रही खुदाई में राम जन्म मंदिर में सबूत मिले। कई हिन्दू पिलर, मुर्तिया और चिन्ह मिले pic.twitter.com/hbcxCkDVUB
— sanatanpath (@sanatanpath) May 20, 2020
यह जानकारी विश्व हिंदू परिषद के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने दी। विनोद बंसल ने बताया की अयोध्या के डीएम की अनुमति के बाद श्री राम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र ट्रस्ट की ओर से श्री राम जन्मभूमि परिसर में राम मंदिर के निर्माण के लिए भूमि के समतलीकरण और पुराने संकरे रास्ते को हटाने का कार्य चल रहा है। जिसके फलस्वरूप आज खुदाई में यह हिन्दू मंदिर के साक्ष्य मिले है।
प्राप्त जानकारी में बताया कि डीएम एके झा ने इस काम की मंजूरी दी है। इस मंदिर निर्माण कार्य के दौरान कोरोना महामारी के चलते सुरक्षा और नियमों का पूरा ध्यान रखते हुए मास्क और सोशल डिस्टेसिंग का पूरा पालन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मंदिर परिसर की सफाई और दर्शन मार्ग में लगे एंगल, पत्थर और बैरिकेडिंग को अलग करने में 3 जेसीबी, 1 क्रेन और 10 मजदूर लगाए गए हैं। इसके बाद यहां मंदिर के लिए प्लेटफॉर्म तैयार किया जाना है। जिन पर काम चल रहा है।
अयोध्या : राम मंदिर निर्माण के लिए जमीन समतल करने के कार्य के दौरान देवी-देवताओं की खंडित मूर्तियां और पत्थरों के नक्काशीदार खंबे मिले।
भव्य मंदिर होने के सबूत . pic.twitter.com/clq4GxASoA— Ek Number News (@EkNumberNews) May 20, 2020
इससे पहले खबर आई थी की भारत की केंद्र सरकार ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए गठित ‘श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट’ को दान अर्थात डोनेशन देने वालों को इनकम टैक्स में छूट देने का फैसला किया था। भारत सरकार के इस फैसले से अयोध्या राम मंदिर बनने की गति को और अधिक बल मिलेगा।
अयोध्या : राम मंदिर निर्माण के लिए जमीन समतल करने के के कार्य के दौरान देवी-देवताओं की खंडित मूर्तियां और पत्थरों के नक्काशीदार खंबे मिले।
भव्य मंदिर होने के सबूत 👍👍 pic.twitter.com/SK9QellSpi— Nitin Uploader (@NitinUploader) May 20, 2020
केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) द्वारा राम मंदिर ट्रस्ट (Ram Mandir Trust) को डोनेशन और फंडिंग देने वालों को इनकम टैक्स कानून की धारा 80 G के तहत कुछ छूट दी जाएगी। केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने ‘श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट’ को ऐतिहासिक महत्व का स्थान और सार्वजनिक पूजन स्थल की श्रेणी में रखा है। इससे चंदा देने वालो को वित्त वर्ष 2020-21 से इनकम टैक्स में छूट मिलेगी।
आपको बता दे की इनकम टैक्स कानून की धारा 80-G के तहत किसी भी सामाजिक, राजनैतिक और जनहितकारी संस्थाओं समेतके अलावा सरकारी राहत कोषों में दिए गए डोनेशन और चंदे पर टैक्स में छूट लेने का अधिकार प्राप्त होता है। परन्तु टैक्स में यह छूट हर दान या चंदे पर एक जैसी नहीं होती बल्कि कुछ नियमों और शर्तों के साथ इसकी प्रोसेस होती है।
जानकारी हो कि भारत के सुप्रीम कोर्ट ने पिछले वर्ष 9 नवंबर को राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद में ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए विवादित 67 एकड़ भूमि हिंदू पक्ष को सौंप दी थी। जबकि सरकार से मस्जिद निर्माण के लिए मुस्लिम पक्ष को अयोध्या में ही किसी महत्वपूर्ण स्थान पर 5 एकड़ भूमि आवंटित करने का निर्देश दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने साथ ही केंद्र सरकार को 3 महीने के अंदर मंदिर निर्माण के लिए ट्रस्ट गठित करने का आदेश दिया था। इसके बाद केंद्र सरकार ने 8 फरवरी को ‘श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट’ का गठन किया था।




