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Gwalior, Madhya Pradesh: भारत में कोरोना के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के द्वारा जारी आंकड़ो के अनुसार भारत में अब तक कोरोना वायरस (COVID-19) के 12,380 मामले सामने आ गए हैं। इनमें से 1489 लोग ठीक हो गए हैं और 414 लोगों के प्राण जा चुके है। इससे संक्रमित लोगों की संख्या दुनिया में बढ़कर 21 लाख के करीब हो गई है। दुनिया में कोरोना वायरस ने अब तक 1 लाख से ज्यादा लोगों की जान ले ली है।
दूसरी ओर 10,477 मरीजों का इलाज चल रहा है। देश के कई हिस्से में कोरोनावायरस से संक्रमित मरीजों की देखभाल कर रहे डॉक्टर, नर्स और अन्य मेडिकल वर्कर्स में भी कोरोना संक्रमण की खबरें आई है। ऐसे में उनके लिए PPE Kit सबसे जरुरी चीज़ है। ऐसे में चीन ने भारत इन जरुरी सामान की सप्लाई की गई थी।
अब चीन से आए इन जरुरी सामान में से कई का उपयोग नहीं हो रहा है, क्योंकि वे भारत में हुई सुरक्षा जांच में फेल हो गए है। चीन इन उपकरणों को सप्लाई करने वाला दुनिया का सबसे अहम् देश है। इसके अलावा कोरोना वायरस की जांच के लिए चीन से 6।5 लाख टेस्टिंग किट आ रहे हैं। इससे पहले भी चीन से भारत जरुरी उपकरण आये है।
चीन इस कोरोना संकट के दौर में मेडिकल उपकरणो के निर्यात के पीठ पीछे पूरी दुनिया को धोखा दे रहा है। यूरोपीय देशों इटली और स्पेन सहित कई देखों को चीन ने घटिया पीपीई किट भेजे हैं, जिन्हें इस्तेमाल ही नहीं किया जा सकता है। आपको बता दे की N 95 मास्क और अन्न मास्क के नाम पर भी चीन ने ऐसी हरकतें की थी। इसी के चलते स्पेन ने भी चीन का माल वापस भेज दिया था। इतना ही नहीं पाकिस्तान को तो अंडरगारमेंटसे बने मास्क भेजे गए थे। अब भारत के साथ भी उसने ऐसा ही शर्मनाक मजाक किया है।
आपको बता दे की इससे पहले भारत में चीन से लगभग 1.70 लाख PPE kit की सप्लाई हुई थी, जिसमें से 50,000 किट क्वॉलिटी टेस्ट में फेल हो गए है । मीडिया के सूत्र ने बताया की 30,000 और 10,000 PPE kit के दो छोटे कंसाइनमेंट्स भी टेस्ट में पास नहीं हो पाए। इन उपकरणों की जांच डिफेंस रिसर्च ऐंड डिवेलपमेंट ऑर्गनाइजेशन (DRDO) की ग्वालियर स्थित लैबोरेटरी में हुई थी।
अब भारतीय अफसरों का कहना है की वे केवल CE/FDA से मान्यता प्राप्त PPE KIT ही खरीद रहे हैं। परन्तु सरकार को कई कंसाइनमेंट्स डोनेशन के तौर पर भी मिले हैं, जो क्वॉलिटी टेस्ट में खरे नहीं उतर पाए और ऐसे में उनका उपयोग नहीं किया जा रहा है। आपको पता हो की जिन किट्स को FDA/CE से मान्यता नहीं मिली है, उन्हें भारत में क्वॉलिटी टेस्ट से गुजरना होता है।
खबर ये भी है की क्वॉलिटी टेस्ट में जो उपकरण फेल हुए हैं, उन्हें देश की बड़ी प्राइवेट कंपनियों ने डोनेशन के तौर पर भारत सरकार को दिया था। भारत को हर दिन लगभग 1 लाख PPE की जरूरत है। हालांकि एक्सपोर्ट में गिरावट और वायरस के कहर के चलते दुनियाभर में मांग बढ़ने के कारण इन PPE KIT की सभी को सप्लाई कर पाया बहुत ही मुश्किल है।
Coronavirus: Around 50,000 China-Made PPE Kits Fail Safety Test At DRDO Labhttps://t.co/z7xbtZCbNK
— Swarajya (@SwarajyaMag) April 16, 2020
अब कोरोना वायरस के संक्रमण को कम करने की दिशा में आईआईटी और एम्स के एलुमनी ने अल्ट्रा वायलेट रोबोट बनाया है, जिससे अस्पताल को संक्रमणमुक्त किया जा सकता है। इससे पहले भी विदेश में कोरोना मरीज़ो के साथ नर्स रोबोट लखे जाने की तस्वीर और खबर आई थी। अगर भारत में भी ऐसा रोबोट तैयार कर लिया जाता है तो मेडीकल स्टाफ को बहुत सहायता मिल जाएँगी।






