यह समुद्री पौधा कोरोना वायरस के इलाज़ की दवाई बनाने में मदतगार: भारतीय रिसर्च संसथान का दावा

0
472

Image Credits: Flickr

Mumbai, Maharashtra: कोरोना वायरस (Coronavirus) के पॉजिटिव मामले भारत में थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। अब लॉकडाउन की स्थिति में भी मामले बढ़ रहे हैं। भारत में इस वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या 9153 हो गई है। पिछले 24 घंटों में कोरोना के 795 नए कोरोना मामले देखने को मिले हैं और 35 लोगों की जाने गई है। देश में अभी तक 309 लोगों के प्राण कोरोना ने लील लिए है, हालांकि 857 मरीज इस बीमारी से ठीक भी हुए हैं।

मध्यप्रदेश के इंदौर में भी कोरोनावायरस के मामले बढ़ते जा रहे हैं। इंदौर के मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर प्रवीण जादिया ने जानकारी दी है कि आज कोरोना के 22 नए मामले सामने आए हैं और एक मरीज के प्राण गए है। इंदौर में अब संक्रमितों की संख्या 328 हो गई है और 33 लोगों की जान जा चुकी है। महाराष्ट्र में आज 82 नए मामले सामने आए हैं। इनमें से 59 मामले मुंबई में सामने आए हैं। राज्य में अब तक 2,064 मामलों की पुष्टि हो गई है।

200 से ज्यादा देशों में फैल चुका कोरोनावायरस अब तक एक लाख से ज्यादा जानें ले चुका है। दुनियाभर में 18 लाख से ज्यादा लोग इससे संक्रमित हैं। अमेरिका में कोरोना वायरस के मामले 550,000 से ज्यादा हो गए हैं। जॉन्स हॉपकिंस विश्वविद्यालय के आंकड़ों के अनुसार, अमरीका में कोरोना वायरस मामलों की संख्या 5,54,000 से अधिक है। यहाँ प्राण जाने की संख्या 21,900 से अधिक है, जिसमें अकेले न्यूयॉर्क शहर में 6,898 प्राण ले लिए हैं।

Corona Virus Update
Demo Image

अब तरह तरह के ऐसे दावे किये जा रहे हैं की कोरोना वायरस की दवाई या वैक्सीन बनाने में इस चीज़ का उपयोग कारगर स्बिट हो सकता है। कुछ फार्मा कप्म्पनी ने कोरोना की दवाई या वैक्सीन साल के अंत या अहले साल की शुरुआत में बना सकने का दावा भी किया था। अब इसी कड़ी में एक और बात सामने आई है। एक समुद्री पौधे (Marine Plant) की मदत से कोरोना का इलाज खोजा जा रहा है।

समुद्री लाल शैवाल (Marine Red Algae) से प्राप्त यौगिकों का उपयोग सैनिटरी वस्तुओं पर एक कोटिंग सामग्री के तौर पर किया जा सकता है और इसके आवला लाल शैवाल का उपयोग कोविड-19 (Coronavirus) से लड़ने के लिए एंटीवायरल दवाओं के उत्पादन में भी किया जा सकता है। रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के वैज्ञानिकों द्वारा किए गए एक अध्ययन में यह बात पाई गई है।

शोधकर्ताओं ने कहा कि प्राकृतिक स्रोतों, जैसे कि वनस्पतियों और जीवों, बैक्टीरिया, कवक और बड़े पौधों से प्राप्त उत्पादों में वायरस के कारण होने वाली बीमारियों से लड़ने की काफी क्षमता होती है। अगर गौर किया जाये तो समुद्री लाल शैवाल में वाकई में बहुत से मेडिकल गुण होते हैं। समुद्री लाल शैवाल कई बैक्टीरिया से लड़ने में सक्षम होता है।

मीडिया में IANS के हवाले से आई खबर के अनुसार पॉलीसैकराइड्स जैसे समुद्री घास, अल्गीनेट्स, फूकोडिन, कारागीनन, रमनन सल्फेट जैसे प्राकृतिक यौगिकों में गजब की एंटीवायरल ताकत होती है। इस अध्ययन का शीर्षक ही ‘मरीन रेड अल्गा पोरफिरिडियम एज ए सोर्स ऑफ सल्फेटेड पॉलीसकाराइड्स फॉर कंबेटिंग अगेंस्ट कोविड-19’ (Marine Red Alga Porphyridium sp as a Source of Sulfated Polysaccharides (SPs) for Combating Against COVID-19) है।

जिसमें अध्ययन ने हालिया प्राप्त आंकड़े के संदर्भ में समुद्री शैवाल (Samudra Shaiwal) से प्राप्त सल्फेट पॉलीसैकराइड्स के संभावित एंटीवायरस क्षमता की जांच की गई है। प्रीप्रिंट्स में प्रकाशित अध्ययन के मुताबिक, पोरफाइरिडियम (लाल सूक्ष्म शैवाल) से प्राप्त एसपी (सल्फेट पॉलीसेकेराइड) की एंटीवायरल गतिविधि पर दुनिया भर में विभिन्न विश्लेषण रिपोर्ट से स्पष्ट है कि शैवाल कई वायरल रोगों यहाँ तक के कोरोना वायरस के उपचार में एक महत्वपूर्ण कारक साबित हो सकता है।

हालाँकि कोरोना वायरस संक्रमित मरीज़ के इलाज़ में अभी तक सबसे कारगर दवा भारत में उपलोग की गई Hydroxycloroquine दवाई को कारगर माना गया है। यह Hydroxycloroquine टेबलेट्स भारत में ही बनाई जाती है और अब भारत इसे कोरोना से लगने के लिए पूरी दुनिया में सप्लाई कर रहा है।

Modi Trump in Medicine
Demo Image

PM मोदी सरकार ने हाइड्रॉक्सी क्लोरोक्विन और पैरासिटामॉल दवाओं के निर्यात की छूट दे दी थी। इस पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत की सराहना की थी। ट्रम्प ने कोरोना के इलाज में काम आने वाली मलेरिया की दवा हाइड्रक्लोक्वीन भारत द्वारा भेजे जाने पर PM Modi की सराहना की थी।

हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन मलेरिया की दवा है, जो कोरोना के इलाज में बेहद असरदार मानी जा हैँ और अमेरिका को इस दवा की बहुत जरूरत है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था की प्रधानमंत्री मोदी महान हैं और बहुत शानदार हैं। कोरोना वायरस से धराशाही अमेरिका के राष्ट्रपति ने कहा कि अमेरिका ने भारत से 29 मिलियन दवा की डोज खरीदी है। अधिकांश दवा भारत से मिलेगी।

हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्विन (Hydroxycloroquine) भारत में मलेरिया के इलाज की पुरानी और सस्ती दवा है। कोरोना के बढ़ते संक्रमण के बीच देश के स्वास्थ्यकर्मी यह दवा एंटी-वायरल के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं। इसके चलते सरकार ने पिछले महीने हाइड्रोक्सीक्लोरोक्विन के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया था। नासा के वैज्ञानिकों ने भी मलेरिया निरोधक हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्विन को कोरोना से लड़ने में कारगर बताया था।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here