सही मात्रा में ‘पानी’ ना पीने से होने वाले नुकसानों को जानकर खुद पर एहसान करें

0
818
low Drinking Water
Side effects of forgetting to drink water. Signs you are not drinking enough water. Alarming Side Effects of Not Drinking Enough Water: Ek Number News

आजकल लोगो की दिनचर्या में पानी पीने की मात्रा कम होती जा रही है जिससे गुर्दे में इंजरी, पेशाब कम आना और भी खतरनाक बीमारियां घेर रही है। गर्मियों में पानी पीने की मात्रा में कमी होने के कारण कई रोग घेर लेते है, गर्मियों में पानी पीने की मात्रा भरपूर होनी चाहिए।गर्मियों में पसीना भी बहुत आता है इसलिए शरीर मे पानी की मात्रा भी अधिक होनी चाहिये।

गर्मियों में उल्टी-दस्त को नजरअंदाज करना बड़ी भूल होगी। शरीर में पानी की मात्रा कम होने से गुर्दो में कई समस्या उतपन्न हो रही है। ब्लडप्रेशर कम होने पर गुर्दे में खून की कमी होने से कई पेशेंट को डायलसिस पर रखना पड़ा। सूरज की तेज किरणों में अधिक शारीरिक परिश्रम करने वालों की मांसपेशियां अलग होकर गुर्दे में घुस रही हैं।

डॉक्टरो के मुताविक थोड़ी सी भी इंजरी गुर्दे को पूरी तरह बर्वाद कर देगी। शुगर, थायरायड व पथरी के पेशेंट खतरे में है। गुर्दे में मांसपेशियों के कण फंस सकते हैं। अधिक शारीरिक परिश्रम करने वालों में पानी की मात्रा कम होने से तापमान अधिक होता है। मांसपेशियां फटने से ‘एक्यूट टयूबलर नेक्रोसिस’ हो जाता है, जिसमें मॉयोग्लोबिन का प्रोटीन गुर्दे में फंसकर इंजरी करता है।

इससे ‘क्रानिक किडनी डिसीज आफ अननोन रीजन’ का खतरा अधिक हो जाता है। अधिक देर तक व्यायाम करने वाले लोगो के गुर्दे में इंजरी अधिक मिल रही है। एक कैप्सूल डायरूटिक-‘मूत्र बढ़ाने वाला’ सेवन करने वालो में गुर्दा बैठने का खतरा अधिक है। पानी की मात्रा कम होने से टयूबलर इंजरी होती है।

गुर्दे में खराबी होने के लक्षण जैसे – पेशाब सही मात्रा में न होना, शरीर में सूजन की अधिक मात्रा सांस फूलना। प्रतिदिन कम से कम 10 ग्लास पानी पीना शरीर के लिए आवश्यक है। सामान्य मात्रा में दही, नारियल पानी, छाछ व नमक भी लें। सूरज की तेज किरणों में अधिक परिश्रम करने से बचे ।

उल्टी-दस्त होने पर उसे नजरअंदाज न करे तुरन्त ही ओआरएस(ORS) घोल पिये। गुर्दे के पेशेंट डॉक्टर के सम्पर्क में रहे।गर्मियों में पारा 40 डिग्री पार पहुंचने से शरीर में नमक और पानी की कमी हो जाती है। हीटस्ट्रोक के पेशेंट में गुर्दे में खून न पहुंचने से यह कार्य करना बंद कर देती है।

पथरी एवं गुर्दे के पुराने पेशेंट में संक्रमण फैलने के साथ ही किडनी खराब हो सकती है। स्थिति खरब होने पर शरीर में यूरिया क्रिटनिन का स्तर बढ़ने लगता है। शुगर, थायरायड, एवं पथरी के पेशेंट्स में गुर्दा फेल का खतरा अधिक होता है। बुजुर्गो और बच्चों में भी खतरा होने की संभावना अधिक होती है। इसलिए भरपूर मात्रा में पिये।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here