Kolkata: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने हड़ताल पर चल रहे डॉक्टरों से अपने काम पर वापिस आने की अपील की है। ममता बनर्जी ने अपने ट्वीट से कहा कि सरकार ने डॉक्टरों की सभी मांगों को स्वीकार कर लिया है। ममता बनर्जी ने कहा कि डॉक्टर चाहें तो राज्यपाल या मुख्य सचिव से अपनी बात कर सकते हैं।
खवरो के अनुसार पश्चिम बंगाल में जारी डॉक्टरों और सरकार के के बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शाम को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। जिसमे CM ममता बनर्जी ने कहा कि डॉक्टरों के साथ हाथापाई असन्तोषजनक है। ममता ने कहा कि पश्चिम बंगाल में हजारों की संख्या में पेसेंट डॉक्टरों की हड़ताल से परेशान हुए हैं।
इन सब हालातो को देखते हुए West Bengal के मुख्य सचिव ने कहा है, कि अस्पतालों की सुरक्षा हमारे लिए सबसे महत्वपूर्ण प्रियॉरिटी है। खवरो के अनुसार, पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के NRS मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में एक पेशेंट के परिजनों ने दो डॉक्टरों पर वेबजह हमला कर दिया। जिसमें उनको काफी चोट आई और वे गंभीर रूप से घायल हो गये।
इस मामले के बाद मंगलवार से ही जूनियर डॉक्टर हड़ताल पर हैं। पेसेंट की मृत्यु अस्पताल में हो गई थी। सूत्रों के मुताविक इससे पहले भी हड़ताल कर रहे जूनियर डॉक्टरों ने अपनी सुरक्षा को खतरे में देखकर राज्य सचिवालय में ममता बनर्जी के साथ शनिवार को बंद कमरे में बैठक का निमंत्रण स्वीकार नही किया था।
West Bengal CM, Mamata Banerjee: I do not want to invoke Essential Services Maintenance (ESMA) Act in the state. I want the junior doctors to resume work as we have accepted all their demands. pic.twitter.com/dZNZAvv0J7
— ANI (@ANI) June 15, 2019
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने सभी मुख्यमंत्रियों को एक पत्र के साथ इंडियन मेडिकल एसोसिएशन द्वारा दिया गया अधिनियम जिसमे चिकित्सा सेवा जन एवं चिकित्सा सेवा संस्थान व हिंसा एवं संपत्ति को क्षति या नुकसान से रोक अधिनियम। 2017- की एक प्रति भी संलग्न की। उन्होंने डॉक्टरों पर हमला करने वाले किसी भी नागरिक के खिलाफ कड़ी कार्रवाही के मामले पर सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को आदेश दिए गए है।
Dr. हर्षवर्द्धन ने भविष्य में ऐसी किसी भी बारदात को रोकने की आवश्यकता है, उन्होंने कहा कि इसके लिए सख्त कानून होना चाहिए, ताकि डॉक्टर और अस्पताल अपने कर्तव्य पूरा कर सकें।
चिकित्साकर्मी को किसी भी घटनाओं का सामना ना करना पड़े। बिना किसी हमला के चिकित्सकर्मी अपना काम कर सकेंगे। उन्होंने सभी डॉक्टरों को सुरक्षा को देखते हुए कहा है कि डॉक्टर पर हमला करने वाले किसी भी नागरिक के खिलाफ कानून होना चाहिए जिसके द्वारा सख्त कार्रवाई की जाए सके जिससे ऐसा कदम दुबारा ना उठाया जा सके।



