कांग्रेस के लिए बुरी खबर आने का सिलसिला रुक ही नहीं रहा है और कांग्रेस नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया के सितारे इन दिनों गर्दिश में चल रहे हैं। एक तो ज्योतिरादित्य सिंधिया इस बार का लोकसभा चुनाव हार गए और अपनी खानदानी गुना सीट बचा नहीं पाए। ऐसी में हार की समीक्षा तो ज्योतिरादित्य सिंधिया को मध्यप्रदेश के गुना में करनी चाहिए थी, किन्तु सिंधिया हार की समीक्षा करने उत्तर प्रदेश चल दिए।
इसका खामियाजा भी उन्हें भुगतना पड़ा, ज्योतिरादित्य सिंधिया की इस बैठक में कांग्रेस के आला नेता नदारत रहे और कन्नी काटते रहे। खवरो के मुताबिक कानपुर से चुनाव लड़े श्रीप्रकाश जायसवाल इस बैठक में उपस्थित नहीं रहे। ज्योतिरादित्य सिंधिया के लिए यह काफी अपमानजनक है और गुना हारने के बाद कांग्रेस में उनका कद कम होता दिखा रहा है।
सूत्रों के मिली खवरो के अनुसार पूर्व केंद्रीय मंत्री और फर्रुखाबाद से कांग्रेस प्रत्याशी सलमान खुर्शीद भी लखनऊ पार्टी मुख्यालय में शामिल नही हुये और इस बैठक में सम्लित ना होने के क्या कारण हो सकते है कि कई बड़े नेता इस मीटिंग से दूर ही दिखाई दिये। धौरहरा से लोकसभा का चुनाव प्रतयाशी जितिन प्रसाद भी इस मीटिंग से दूर ही नजर आये।
कांग्रेस के सीनियर नेता और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के प्रभारी ज्योतिरादित्य सिंधिया लखनऊ में पार्टी के बुरे रवैये की आलोचना करने पहुंचे। पराजय होने के कारणों पर बातचीत के लिए यह महत्वपूर्ण था कि वो नेता भी बैठक में शामिल रहते जो चुनाव में प्रत्याशी रहे थे। लेकिन इस बैठक से करीब वो सभी कांग्रेसी नेता अदृश्य थे, जिनसे फीडबैक ज्योतिरादित्य सिंधिया को लेना था।
जो काँग्रेस नेता मीटिंग में शामिल रहे, उन्होंने अपनी पराजय के लिए वीक संगठन, दल-बदलु नेताओं , नेताओं और कार्यकर्ताओं की एकजुटता न होने को भी को जिम्मेदार का हिस्सा बताया। खवरो के मुताबिक इन नेताओं की अनुपस्थिति के बारे में ज्योतिरादित्य सिंधिया के ओर से कोई प्रतिक्रिया नजर नहीं आई है। इन नेताओ के अनुपस्थिति होने मीटिंग की बातचीत अधूरी रह गई।
Jyotiraditya Scindia, Congress General Secy: As far as our thinking at present is concerned we'll contest Assembly elections on our own, but they're 3 yrs away. Our focus is on strengthening Congress, its workers, giving opportunity to good candidates&prepare for elections.(14.6) pic.twitter.com/NMvl8jvNMS
— ANI UP/Uttarakhand (@ANINewsUP) June 14, 2019
समीक्षा मीटिंग के बाद पत्रकारों से वार्तालाप करते हुए सिंधिया ने कहा कि 2022 का विधानसभा चुनाव पार्टी पूरी एकजुटता के साथ लड़ेगी। उन्होंने कहा, “2022 के विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने कुछ महत्वपूर्ण जानकारी दी और सुझाव दिए ताकि संगठन को स्ट्रांग किया जा सके।
चुनाव परिणाम संतोषजनक नही है, लेकिन हम आने वाले चुनाव पूरी एकजुटता मजबूत संगठन के साथ लड़ेंगे।” बैठक के अहम मामलों में प्रियंका गांधी वाड्रा को 2022 विधानसभा चुनाव के लिए मुख्यमंत्री उमीददबार घोषित करना भी सम्लित रहा। ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा, “प्रियंका को मुख्यमंत्री का उम्मीदवार घोषित करने से लिए पार्टी एकजुट होकर फैसला लेगी। लेकिन अभी हमारी प्राथमिकता संगठन को एकजुट स्ट्रांग करने की है।”



