
Bilaspur: बचपन के दिन भी क्या दिन हुआ करते थे। बिना किसी डर और झिझक के हम हर काम कर लिया करते थे। बचपन में शिक्षा की शुरुआत प्राथमिक स्कूल से होती है। हर बच्चे ने शिक्षा स्कूल से प्राप्त की है, स्कूल में ढेर सारे बच्चे हुआ करते थे, जो एक साथ मिलकर पढ़ाई करते थे। स्कूल के समय कुछ टीचर बहुत स्टिक हुआ करते थे तो कुछ प्यार से बच्चों को समझा कर पढ़ाया करते थे।
बच्चों के मन में टीचर के प्रति काफी मान और सम्मान देखा जाता है। दोस्तों अक्सर बच्चे अब स्कूल साइकिल से जाते हैं या फिर स्कूल बस या ऑटो से। हर बच्चा अपनी सुविधा के हिसाब से संसाधन का इस्तेमाल करता था और स्कूल जाता था। स्कूल के दिन तो हर कोई याद करता है, अपना बचपन कोई व्यक्ति नहीं भूल सकता।
बचपन एक ऐसी उम्र होती है, जब हम बहुत कुछ सीखते हैं और समझते हैं। उस वक्त हम सारी चीजें बिना झिझक के सीखा करते थे। परंतु बड़े होने के बाद ऐसा नहीं होता। दोस्तों हम बात करेंगे सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो की जिसमें एक बच्चा घोड़े में सवार होकर स्कूल (Boy go to school on horse) जाता है।
छत्तीसगढ़ के मनीष यादव की कहानी
दोस्तों हम बात कर रहे हैं, छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के बिलासपुर (Bilaspur) जिले से ताल्लुक रखने वाले मनीष यादव की। जिनकी वीडियो सोशल मीडिया पर काफी तेजी से वायरल हो रही है। होएगी भी क्यों ना उनका कारनामा देख हर कोई हैरान है।
मनीष यादव कक्षा पांचवी के विद्यार्थी हैं और वे अपने घर से स्कूल तक का रास्ता घुड़सवारी करते हुए तय करते हैं। शान से घोड़े पर बैठकर जब वे सड़कों से गुजरते हैं, तो लोग उनके दाग को देखकर आश्चर्यचकित रह जाते हैं। काफी सारे बच्चे ऐसे हैं, जो उन्हें देखकर अपने माता-पिता से घोड़े पर बैठने की जिद करते हैं। मनीष रोजाना अपने घोड़े पर ही बैठ कर स्कूल तक सफर करते हैं उनका यह अंदाज देख हर कोई उनकी प्रशंसा करता है।
दादा से सीखी घुड़सवारी
आपको बता दें मनीष यादव (Manish Yadav) की उम्र करीब 12 वर्ष है और वह एक छोटे कद के बालक हैं। परंतु वह घुड़सवारी इतनी शानदार करते हैं कि लोग देखकर उन्हें हैरान रह जाते हैं। मनीष बताते हैं कि उन्हें यह घुड़सवारी उनके दादा दाऊराम के द्वारा सिखाई गई है।
मजेदार बात यह है कि वह जिस घोड़े में यात्रा करते हैं वह घोड़ा भी उनके दादा नहीं उन्हें दिलाया था। मनीष के पिता अशोक यादव पेशे से एक किसान हैं और पालतू पशुओं को पाल कर अपना जीवन यापन कर रहे हैं। उनके पास घोड़े के अलावा अन्य पशु भी हैं जैसे गाय भैंस और बकरी। वे इनकी सेवा करके पैसे कमाते हैं और अपने परिवार को पालते हैं।
क्यों चाहता है मनीष घोड़े में सवार होकर स्कूल
दोस्तों आपके दिमाग में भी यह बात आ रही होगी कि यह बालक घोड़े में सवार होकर विद्यालय क्यों जाता है? तो आपको बता दें मनीष घोड़े पर सवार होकर स्कूल किसी दिखावे के लिए नहीं जाता, बल्कि यह उसकी मजबूरी है। क्योंकि यह बालक बिलासपुर के एक छोटे से गांव जिसका नाम बेलगहना का रहने वाला है।
उसके निवास स्थान से स्कूल की दूरी करीब 5 किलोमीटर है और रास्ता कच्चा और उबर खबर है जिसकी वजह से किसी वाहन से यात्रा करना बहुत मुश्किल है। दोस्तों मनीष शिक्षा के प्रति काफी लगाव है जिसकी वजह से उसने स्कूल तक का रास्ता बना लिया है।
बेलगहना गांव के निवासी का कहना है कि उन्होंने सरकार से अपने गांव की सड़क बनाने के लिए काफी निवेदन किया परंतु उनकी याचिका पर कोई सुनवाई नहीं की गई। बारिश के मौसम में यह स्कूल तक की गली और भी ज्यादा खराब हो जाती है, जगह-जगह गड्ढे और पानी भर जाता है, जिसकी वजह से पूरी सड़क पर कीचड़ हो जाती है। ऐसे में वहां से जा पाना काफी मुश्किल होता है। एक कारण यह भी है कि मनीष को घोड़े की सवारी के माध्यम से स्कूल जाना पड़ता है।
वायरल वीडियो
सोशल मीडिया पर मनीष यादव के द्वारा घुड़सवारी करते हुए स्कूल जाते हुए का वीडियो सोशल मीडिया पर काफी धूम मचा रहा है। रिपोर्ट के अनुसार मनीष रोजाना 9:00 बजे स्कूल के लिए निकलते हैं और शाम को 4:00 बजे घर वापस आते हैं।
वह रोजाना इसी तरह घोड़े में सवार होकर स्कूल जाते हैं, वहां जाकर वे अपने घोड़े का पूरी तरह से ध्यान रखते हैं। जब कक्षा में होते हैं, तो उनका घोड़ा मैदान की घास को चरता रहता है। जब वह चरकर वापस लौटता है, तो मनीष उसे खूटे से बांध देता है। लोग मनीष के ठाठ वाट को देखकर उन्हें एक खास अटेंशन देते हैं। मनीष का कहना है कि उन्हें उनके घोड़े से काफी लगाव है और वे घुड़सवारी करना बेहद पसंद करते हैं।



