
Mumbai: महेंद्र सिंह धोनी (Mahendra Singh Dhoni) को कौन नहीं जानता हर बच्चा जब गली में क्रिकेट खेलता है तो, कहीं ना कहीं उसके मन में बड़े होकर महेंद्र सिंह धोनी जैसा ऑलराउंडर बनने की सोच जरूर होती है। वैसे तो ढेर सारे महान क्रिकेटर हैं हमारे भारत के इतिहास में परंतु महेंद्र सिंह धोनी ने ऑलराउंडर और बतौर कैप्टन एक अलग ही मुकाम हासिल किया।
वह बेस्ट कीपर के रूप में भी प्रसिद्ध हुए। एक बेहतरीन कैप्टन कहलाए क्योंकि, उनके साथ खेलने वाले प्लेयर्स का कहना है कि, बतौर कैप्टन वह ना केवल अच्छे डिसीजन लेते हैं बल्कि, साथ के प्लेयर्स को मार्गदर्शन भी देते हैं कि, कैसे वह अपने प्रदर्शन को बेहतर से बेहतर कर सकते हैं। बैटिंग में उनका हेलीकॉप्टर शॉट विश्व प्रसिद्ध है और अपनी जुहारू बैटिंग परियों और मेहनत की वजह से वह भारत के सबसे बेस्ट मैच फिनिशर के रूप में भी जाने जाते हैं।
अगर किसी मैच को जीतने के अंतिम पड़ाव में रनों का पहाड़ लगा है और धोनी अगर क्रीज पर हैं तो, दर्शकों को यह यकीन रहता है कि, ये रन जरूर बनेंगे। इसीलिए इन्हें एक अच्छा डिपेंडेंट भी बोला जाता है। आज हम धोनी के द्वारा मारे गए उस विनिंग सिक्स की बात करेंगे जो 2011 में वर्ल्ड कप जिता लाया था।
महेंद्र सिंह धोनी का जन्म एवं कैरियर की शुरुवात
दोस्तों 7 जुलाई 1981 भारत के बिहार राज्य में देश के सबसे सफल कैप्टन महेंद्र सिंह धोनी जी का जन्म हुआ था। वो हिस्सा वर्तमान में झारखंड के नाम से जाना जाता है। महेंद्र सिंह धोनी को पहली बार 1998 में बिहार के कोल फील्ड लिमिटेड की क्रिकेट टीम के अंतर्गत खेलने का मौका मिला तब वो 12वीं कक्षा की पढ़ाई कर रहे थेा।
बहुत ही लंबा सफर तय करते हुए पहली बार भारतीय क्रिकेट टीम की ओर से 2004 में बांग्लादेश के ऑपोजिट अपने मैच का डेब्यू किया था। भारतीय टीम में विकेटकीपिंग और बैट्समैन के तौर पर जल्द ही इन्होंने अपने जलवे बिखेरने शुरू कर दिए। नतीजा एक समय बाद महेंद्र सिंह धोनी को देश का सबसे बेहतरीन मैच फिनिशर का खिताब मिल गया।
वर्ल्ड कप में मारा गया धोनी का “विनिंग सिक्स” जिसके वीडियो देख चुके हैं करोड़ों लोग
हम बात कर रहे हैं 2 अप्रैल 2011 को मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेले गए वर्ल्ड कप फाइनल मैच की। जिसमें भारत का मुकाबला श्रीलंका से हो रहा था और श्रीलंका ने पहली पारी में बैटिंग करते हुए भारत को 274 रनों का एक बड़ा टारगेट दिया था।
यह फाइनल मैच था तो जाहिर है इसका प्रेशर भी टीम के साथ-साथ देख रहे दर्शकों पर भी था कि, क्या यह वर्ल्ड कप हम जीत पाएंगे। पूरी टीम ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए लक्ष्य के करीब पहुंचे। उस समय धोनी क्रीज पर थे और जब जीतने में महज कुछ रनों की जरूरत थी, तो प्रेशर के बावजूद महेंद्र सिंह धोनी ने एक सिक्स जड़ दिया।
" Mahendra Singh Dhoni Hitting the 2011 World Cup Winning Six is the Biggest Moment in the Indian Cricket History "
– JOS BUTTLER ❤ pic.twitter.com/BKLlemhbsW
— CricketWithLove 😍🏏 (@cricket_widlove) May 18, 2021
जिसके बाद भारत का रन स्कोर हो 276 रन हो गया और देश ने पूरे 28 साल बाद वर्ल्ड कप के खिताब को दोबारा प्राप्त किया। धोनी द्वारा मारा गया ये सिक्स ही विनिंग शॉट (Dhoni Winning Six) के रूप में आज भी लोगों में बहुत चर्चित है।
अपनी कप्तानी में जिता चुके हैं देश को दो बड़े वर्ल्ड कप
महेंद्र सिंह धोनी अपनी फील्ड में सबसे डिपेंडेबल बैट्समैन और कैप्टन के तौर पर प्रसिद्ध हुए। इनके साथ खेलने वाले अन्य खिलाड़ियों का कहना है कि धोनी एक ऐसे प्लेयर है, जो ना केवल स्वयं को ग्रूम करके रखते थे।
can never get enough of watching Dhoni hitting 6 n winning us the World Cup 🏏 🇮🇳 pic.twitter.com/TNUbV30eGZ
— eat pray cinema (@gaurav06_) April 2, 2022
अपने साथ खेलने वाले लोगों को भी कुछ इस तरह कदर एडवाइज करते हैं कि एक नॉन परफॉर्मर क्रिकेटर भी उनकी संगति में बेहतर प्लेयर बनके उभरता है और शायद यही वजह है कि धोनी ने अपनी कैप्टंसी में एक वनडे वर्ल्ड कप के साथ-साथ T-20 का वर्ल्ड कप देश को जिता दिया।
1983 में जीता था भारत ने प्रथम वर्ल्ड कप
भारत ने प्रथम वर्ल्ड कप आज से करीब 40 साल पहले लंदन के विश्व प्रसिद्ध मैदान लॉर्ड्स में जीता था। कपिल देव की कैप्टंसी में जहां भारत ने 183 रनों का लक्ष्य रखा था। इसमें अपने प्रतिद्वंदी जो विश्व की सबसे खतरनाक क्रिकेट टीम मानी जाती थी, वेस्टइंडीज को सिर्फ 140 रनों में समेट के इतिहास रच दिया था।




