
Ajmer: देश में जितने भी पढ़े-लिखे युवक हैं, सब अपने करियर की दिशा कक्षा दसवीं के बाद तय कर लेते हैं। कुछ युवक ऐसे होते हैं जो साधारण डिग्री हासिल करके कॉन्पिटिटिव तैयारी में जुट जाते हैं और कुछ ऐसे होते हैं, जो डिग्री प्लस डिप्लोमा करके भी कॉन्पिटिटिव तैयारी करते हैं।
दोनों में फर्क यह है कि साधारण डिग्री करने वाले अभ्यार्थी केबल कॉम्पिटेटिव हैं उनका सहारा होता है, जबकि डिग्री प्लस डिप्लोमा करने वाला अभ्यर्थी अपना सेकंड ऑप्शन बनाकर चलता है। भारत में 80 फ़ीसदी युवा ऐसे हैं, जो प्रशासनिक सेवा का हिस्सा बनना चाहते हैं।
हर वर्ष यूपीएससी की परीक्षा (UPSC Exam) आयोजित होती है, जिसने लाखों उम्मीदवार अपने सपनों के साथ इस परीक्षा में बैठते हैं, परंतु कुछ गिने-चुने ही लोग होते हैं, जो इस परीक्षा को पास करके अपने सपनों को पूरा करता है।
वैसे तो हर वर्ष ढेरों युवक-युवती इस परीक्षा को पास करते है। परंतु जब एक गरीब परिवार का बच्चा यूपीएससी जैसे कठिन परीक्षा में पास होता है और अच्छे पद में चयनित होता है, तो यह खबर बन जाती है। ऐसी ही एक आईएएस अधिकारी (IAS Officer) हैं, स्वाति मीना (IAS Swati Meena) जिन्होंने संसाधनों के अभाव में भी यह सफलता हासिल की।
आईएएस अधिकारी स्वाति मीना
स्वाति मीणा का जन्म राजस्थान (Rajasthan) के अजमेर (Ajmer) में हुआ। उनकी शिक्षा भी अजमेर से ही पूरी हुई। स्वाति की माता एक बिजनेसमैन है और वे पेट्रोल पंप का संचालन करती हैं। स्वाति पढ़ाई लिखाई के मामले में शुरू से ही होशियार थी, इसलिए उनकी मां चाहती थी कि वह पढ़ लिख कर एक अच्छी डॉक्टर बने स्वाति को भी इस बात से कभी ऐतराज नहीं था, वह अपनी मां के सपने को पूरा करना चाहती थी। परंतु जब-जब भी कक्षा आठवीं में पढ़ रही थी।
उसी दौरान स्वाति की मां की दूर की बहन एक अधिकारी बनी थी। तब स्वाति के मन में यूपीएससी और अधिकारी बनने को लेकर काफी सारे सवाल उठे इन सारे सवालों का जवाब स्वाति ने अपने पिता से मांगा और उनके मन में भी यूपीएससी परीक्षा में पास होने का मन बना। उनके पिता ने जब यूपीएससी परीक्षा के बारे में विस्तार से बताया, तो उन्होंने इस परीक्षा को पास करने के लिए पूरी तरह से मन बना लिया और ठान लिया कि वे एक अधिकारी ही बनेंगी।
पिता का काफी सपोर्ट मिला
स्वाति बताती हैं कि जब उन्होंने यूपीएससी परीक्षा की तैयारी करने का मन बनाया, तो उनके पिता उनकी सपोर्ट में खड़े हो गए। वे बताती हैं कि उनके पिता स्वाति के इस फैसले से काफी खुश हुए। स्वाति के पिता ने जब उन्हें देखा कि उनकी बेटी यूपीएससी परीक्षा को पास करने का मन बना चुकी है, तो उन्होंने उसकी काफी सहायता की। स्वाति के परिवार में काफी सारी अधिकारी थे उनकी मदद से और उनके पिता की मदद से उन्होंने काफी अच्छी तैयारी की।
Swati_Meena_IAS_Distt_Magistrate
Bhrashtachar_अनन्याय_Virodhi_Officer
B.Chandralekha_Ki_Tarz_Par@nrendrabhaimodi @hindustanse @pandey_braj pic.twitter.com/9xPZVkFVJh— ऊँDr N_Singh (@DrNandanSingh1) March 10, 2017
स्वाति के पिता आए दिन स्वाति का इंटरव्यू लिया करते थे, जिससे कॉन्फिडेंस लेवल बढ़ गया और वे और मन लगाकर तैयारी करने लगे। उनके पिता की मेहनत तब सफल हुई जब वे वर्ष 2007 में 260 वी रैंक लॉकर यूपीएससी परीक्षा में चयनित हुई। बताया जा रहा है कि स्वेता उस समय मात्र 22 वर्ष की थी वह उस समय की सबसे कम उम्र की अधिकारी बनी।
पहली पोस्टिंग मध्यप्रदेश में हुई
स्वाति मीणा की ट्रेनिंग के पश्चात उन्हें सबसे पहले मध्यप्रदेश का केडर मिला। जहां उन्होंने मंडला (Mandla) जिले में कलेक्टर का कार्यभार संभाला। जैसे ही उनकी पोस्टिंग हुई तो विभाग के द्वारा उन्हें खनन माफियाओं के खिलाफ काफी सारी रिपोर्ट प्राप्त हुई।
Meet IAS officer Swati Meena who cleared UPSC exam at 22 years, became the youngest officer #IAS #motivation pic.twitter.com/6vjzbTXziV
— Shalini (@Shalini44267153) December 9, 2022
स्वाति बताती हैं कि जब बे मंडला में एक अधिकारी की हैसियत से पहुंचे, तो उस इलाके में खनन माफियाओं का काफी दबदबा था। जब उन्होंने इस बात को समझा तो उन माफियाओं के खिलाफ कार्यवाही करना शुरू कर दी धीरे-धीरे खनन माफियाओं का दबदबा समाप्त होने लगा जिससे भ्रष्टाचार पर रोक लगी। इसके बाद वहां के लोगों ने आईएएस अधिकारी स्वाति मीणा को दबंग ऑफिसर का दर्जा दिया। इसके बाद से ही स्वाति मीणा का सफर शुरू हुआ।
स्वाति मीणा ने अपने कार्य के झंडे गाड़े
स्वाति मीणा बताती है कि उनकी मध्यप्रदेश के खंडवा में भी पोस्टिंग हुई। उनके कार्यकाल के दौरान काफी चुनौतीपूर्ण माहौल था वे बताती हैं कि मुठभेड़ में मारे गए आतंकियों का शव जब उनके क्षेत्र में पहुंचा, तो वहा के आतंकियों ने शहर का माहौल खराब करने की भरपूर कोशिश की परंतु स्वाति ने अपने प्रशासनिक साथियों के साथ मिलकर इस चुनौती को भी आसानी से निपटा दिया।
IAs office at the age of 22 year swati meena success tory pic.twitter.com/FxyYRICynx
— Viral Story (@ViralStory1) March 17, 2023
इसी प्रकार IAS स्वाति मीणा सामने एक बार और काफी बड़ी चुनौती आई थी। दशहरा के समय शस्त्र पूजा के समय माहोल खराब हो रहा था तब स्वाति की एके-47 से हवाई फायरिंग करनी पड़ी जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर भी खूब वायरल हुआ था।




