
Gwalior: हर माता पिता का सपना होता है कि उनका बच्चा खूब पढ़ लिखकर एक सफल इंसान बने। मां-बाप सोचते हैं कि जो मुसीबत उन्होंने झेली है, उनके बच्चे कभी ऐसी मुसीबत ना झेलें। कहते हैं एक किसान का बेटा बड़ा होकर किसान ही बनता है और एक डॉक्टर का बेटा डॉक्टर बनता है, परंतु ऐसा हर समय नहीं होता है। जो माता-पिता खेती किसानी करके अपने बच्चे को पढ़ाते हैं और घर परिवार संभालते हैं उनके बच्चे बहुत अच्छी तरह जानते हैं कि उनके माता-पिता कितनी मेहनत और परिश्रम के बाद पैसा कमाते हैं।
खेती किसानी पहले के समय में इतनी आसान नहीं हुआ करती थी, पहले किसान बुबाई कटाई और जितनी भी प्रक्रिया खेती किसानी में होती है, वह सारी वह अपने हाथों से किया करते थे। इसीलिए माता-पिता खुद मेहनत करके अपने बच्चों को पढ़ाते है और उनके भविष्य को सवारने के लिए अथक प्रयास करते है।
जिस तरह माता पिता का कर्तव्य अपने बच्चों के लिए होता है, उसी प्रकार बच्चों का कर्तव्य भी अपने माता-पिता के प्रति होता है। आज हम इस लेख के माध्यम से एक ऐसे बेटे की बात करेंगे जो अपनी माता की प्रतिक्रिया देखने के लिए वर्दी पहन कर खेतों में उनसे मिलने पहुंचा तो आइए जाने कैसा था एक डीएसपी बेटे की मां का रिएक्शन।
सोशल मीडिया में वायरल वीडियो
वैसे तो सोशल मीडिया में रोजाना कुछ ना कुछ खास खबरें वायरल होती ही है। कुछ खबरें ऐसी होती है, जो हंसी ठिठोली में निकल जाती है परंतु कुछ वीडियोस खबरें ऐसी होती है जो हमारे मन को जीत लेती है कुछ ऐसी ही वीडियो वर्तमान में सोशल मीडिया में काफी तेजी से वायरल हो रही है।
यह वीडियो मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) राज्य की बताई जा रही है, जिसे डीएसपी संतोष पटेल (DSP Santosh Patel) ने अपने ट्विटर अकाउंट पर शेयर किया है। संतोष पटेल ने इस वीडियो के साथ एक कैप्शन भी लिखा है जिसमें उन्होंने बहुत ही सुंदर तरीके से अलंकार का प्रयोग किया है वह कहते हैं “मां से मातृभूमि पर मातृभाषा में ममतामयी बातें”।
वीडियो में आप देख सकते हैं कि संतोष पटेल जो मध्यप्रदेश में ओपीडी के पद पर कार्यरत हैं। छुट्टियों के दौरान एक बेटा अपनी मां से मिलने के लिए जाता है, तो उसे पता चलता है कि उसकी मां खेतों में काम कर रही है इसीलिए वह खेतों में ही उनसे मिलने पहुंच जाता है।
मां बेटे की बातचीत
सोशल मीडिया पर वायरल इस वीडियो (Viral Video) में मां बेटे ने दुनियादारी की बातें की। जिसमें एक मां ने अपने बेटे को यह संदेश दिया कि जीवन में काम कभी खत्म नहीं होता व्यक्ति जब तक जीवित है और उसके हाथ पैर सही सलामत है तब तक उसे कार्य करते रहना चाहिए।
बेटा का कहना है कि अब उनका बेटा डीएसपी बन गया है, इसीलिए उन्हें खेतों में काम करने की जरूरत नहीं है। डीएसपी संतोष पटेल के साथ उनका भतीजा भी है जो इस वर्तालाब में बीच-बीच में खुद को इंवॉल्व कर रहा है।
भतीजा कहता है कि अम्मा चाचा पैसा नहीं भेजते हैं क्या तब मां कहती है कि पैसे तो खूब भेजता है और हमारा खर्चा भी बढ़िया चलता है, परंतु उनका घर में मन नहीं लगता और चारा काटना पैसों को पालना उनका आज का नहीं बल्कि वर्षों से चला आ रहा काम है इस काम से वे पीछे नहीं हटना चाहती। वे आज भी गौ सेवा करती है और जितना हो सकता है उतना में काम करती है।
मां की यह बात लोगों के दिल को छू गई
वार्तालाप के दौरान डीएसपी संतोष अपनी मां से कहते है की क्यों इन चक्कर में पड़ी हो। बढ़िया से जीवन जियो आपको किस बात की कमी है। तब मां कहती है कि जीवन भर गरीबी में यही काम किया है। अच्छा वक्त आया तो इस काम को कैसे छोड़ दें। तब बेटा मां से पूछता है कि पढ़ाई नौकरी करना अच्छा है या खेती बातें करना अच्छा है।
#माँ से #मातृभूमि पर #मातृभाषा में बातें #policenews #Dsp pic.twitter.com/Li47EyLySY
— Santosh Patel DSP (@Santoshpateldsp) February 27, 2023
तब मां उत्तर में कहती है कि दोनों ही अपने स्थान पर बढ़िया है, नौकरी करने वाला पढ़ाई लिखाई करके नौकरी करता है और सम्मान पाता है, परंतु 100 बीघा जमीन वाला आदमी एक नौकरी करने वाले आदमी को पीछे छोड़ देता है। यही फर्क है एक नौकरी करने वाले में और खेती पाती करने वाले में। डीएसपी संतोष की मां ने उन्हें जीवन का बहुत ही बढ़िया उपदेश दिया है।
डीएसपी संतोष ने कहीं यह बातें
डीएसपी संतोष बताते हैं कि उन्हें 5 वर्ष हो गए डीएसपी बने। वे पहली बार अपनी माता से मिलने इस तरह खेतों में पहुंचे और वहां उन्होंने मातभाषा में अपनी मां से बातचीत। संतोष बताते हैं कि उनके घर का माहौल बिल्कुल भी पढ़ाई लिखाई वाला नहीं था।
उनके माता पिता खेतों में काम करते थे, परंतु उनकी मां ने शुरू से अपने बेटे को पढ़ाई के प्रति जागरूक करते रहे इतना ही नहीं उनकी मां ने कई तरह से अपने बेटे को सबक सिखाया और आज उसे इस लायक बनाया।



