
Chhindwara: एक महिला अपने जीवन काल में ढेर सारे फर्जो को एक साथ लेकर चलते हैं। महिला किसी की बेटी होती है किसी की पत्नी किसी की मां तो किसी की बहन। इतने फर्ज के बाद भी महिला हमेशा शीतल होती है। बेटी के फर्ज में एक बेटी अपने माता-पिता के लिए घर की राजकुमारी और लक्ष्मी होती है।
पूरे भारत में बेटियां मां लक्ष्मी और दुर्गा का स्वरूप होती हैं। वर्ष में दो बार नवरात्रि के समय बेटियों को मां दुर्गा का स्वरूप माना जाता है वह घरों में पूजी जाती हैं। कुछ घरों में बेटियां एक तोहफा होती है तो कुछ घरों में बेटियां बोझ।
वर्तमान समय में बेटियां अब बोझ नहीं है, बल्कि माता पिता के बुढ़ापे का सहारा और इस पिछड़े भारत को आगे ले जाने का एक सहारा है। आज के समय में बेटियां हर क्षेत्र में अपना नाम रोशन कर रही हैं।
भारत के बहुत से घर ऐसे हैं जहां बेटियों के जन्म पर खुशी से ढोल नगाड़े बजते हैं तो कुछ घर ऐसे हैं जिन्हें बेटी के जन्म पर खुशी नहीं होती। आज के इस लेख के माध्यम से हम एक ऐसे पिता के बारे में बताएंगे जिसने बेटी के जन्म पर अपनी पूरी दुकान फ्री में लोगों को खिला दी। तो आइए जाने उस व्यक्ति के बारे में।
मंगोड़ी वाले ने खिलाए 500 लोगों को फ्री में मंगोड़े
बताया जा रहा है कि यह शख्स मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) के छिंदवाड़ा (Chhindwara) जिले का है। व्यक्ति ठेले में मंगोडे बेच कर अपना जीवन यापन करता है। जानकारी से पता चला है कि बीते दिन उसके घर में बेटी का जन्म हुआ। जिसकी खुशी में वह अपने ठेले के सारे मंगोडे फ्री में लोगों को खिला दिए करीब 500 लोगों ने इस मंगोड़े वाले के मंगोड़े खाएं वह भी मुफ्त में।
इतना ही नहीं एक बैनर में उस व्यक्ति ने लिखवाया है कि उसके घर में बेटी का जन्म हुआ है, जिसकी खुशी में वह लोगों को फ्री में मंगोड़े (Mangode) खिलाना चाहता है। इस पिता की खुशी को देखकर लोग भी उसकी खुशी में शामिल होने आए।
जय बजरंगबली नाम से है दुकान
जानकारी के अनुसार इस मंगोड़े वाले का नाम प्रशांत उइके (Prashant Uikey) है। प्रशांत रोजाना अपनी मंगोड़ी का ठेला छिंदवाड़ा जिले के छोटे तालाब के पास लगाता था। उनके मंगोड़े काफी ज्यादा प्रसिद्ध है, इसीलिए प्रतिदिन उनके दुकान पर भीड़ दिखाई देती है।
लोग उनके पास रोजाना मंगोड़े पैसे देकर खाकर जाते थे परंतु जब उन्होंने मुफ्त में मंगोड़ी खिलाए तो लोग आश्चर्यचकित रह गए। प्रशांत की दुकान का नाम जय बजरंगबली है उस एरिया में यह दुकान काफी ज्यादा प्रसिद्ध है।
ग्राहकों ने मुफ्त में मंगोड़े खिलाने की वजह पूछी
जब लोगों ने प्रशांत से मुफ्त में मंगोड़े खिलाने की वजह पूछी तो प्रशांत ने खुशी-खुशी बताया कि उनके घर में लक्ष्मी स्वरूपा बेटी का जन्म (Newly Daughter Born) हुआ है, जिसकी खुशी में वह मंगोड़ी लोगों को खिला रहे हैं।
इसके बाद उनकी दुकान में आए ग्राहकों ने भी खुशी-खुशी मंगोड़े खाए और प्रशांत को उनके पिता बनने की खुशी में ढेर सारी शुभकामनाएं दी साथ ही उनकी खुशी में शामिल हुए। लोग बेटा होने की खुशी में मिठाइयां बांटते हैं ढोल नगाड़े बजाते हैं पर एक पिता ने अपने बेटी होने की खुशी में अपनी सारी दुकान लोगों को खिला दी। इससे बड़ी खुशी की बात क्या होगी।
प्रशांत के खुशी का ठिकाना नहीं
प्रशांत कहते हैं कि उनके घर में पहली बार कन्या का जन्म हुआ जो उनके लिए लक्ष्मी और मां दुर्गा स्वरूप है वह काफी ज्यादा खुश हैं कि वे पहली बार एक बेटी के पिता बने।
उनका कहना है कि अक्सर लोगों के घर में बेटी होने पर शोक जैसा प्रतीत होता है परंतु वे बेहद खुश हैं कि उनके घर में बेटी ने जन्म लिया क्योंकि बेटी से ही घर का आंगन है उसके किलकारियां उसके नन्हे कदमों में पायलों की छन-छन से पूरा घर आंगन गूंज उठता है। प्रशांत की इस सोच ने कई लोगों को मुंह बंद करने पर मजबूर कर दिया।



