आपको घुमाते हैं, सिरमौर की सबसे ऊंची पर्वत श्रृंखला, 12000 फीट की ऊंचाई पर खूबसूरती दीवाना बना देगी

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Sirmour Trip
All about Sirmour Himachal Pradesh Trip. Nearest Hill Station from Delhi and its mountain peak in Sirmour make you happy.

Sirmour: आज भागदौड़ वाली जिंदगी में लोग आबोहवा बदलने के लिए वीकेंड पर कहीं ना कहीं छुट्टियों का प्लान करते ही रहते हैं। जिसके लिए बहुत से लोकल डेस्टिनेशन हमारे आसपास मौजूद है, लेकिन यदि आप कुछ बेहतरीन एक्सपीरियंस लेना चाहते हैं, तो आपको किसी ने किसी पहाड़ी कैंप का प्लान जरूर करना चाहिए।

व्यस्तता वाली जिंदगी में अक्सर एक अच्छी फ्रेंड्स की कंपनी मिलना भी मुश्किल हो चला है। इसलिए आज हम आपको एक सोलो ट्रिप पर ले जाने वाले हैं। सोलो ट्रिप, युवाओं में अच्छा खासा फेमस हो चुका है, जिसमें एक व्यक्ति अकेले ही निकल पड़ता है।

अपने बैकपैक के साथ अपनी हॉलीडे डेस्टिनेशन की ओर। इस सोलो स्ट्रिप के कुछ फायदे भी है, क्योंकि इसमें किसी और के साथ टाइम टेबल मैच करने की झंझट नहीं होती।

होटल इंडस्ट्री की जानकारी के अनुसार आजकल सोलो ट्रिप पर आने वाले युवाओं की मात्रा हर साल बढ़ती जा रही है, चलिए चलते हैं हमारे साथ इस सोलो ट्रिप पर, जो की 12000 फीट की ऊंचाई पर जाकर खत्म होगी।

सिरमौर, कहां से शुरू करें जर्नी एवं कैसे पहुंचे

हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) के शिमला (Shimla) के करीब स्थित सिरमौर जाने के लिए आप कोई कार भी हायर कर सकते हैं या बस का सफर भी कर सकते हैं। सिरमौर हिमाचल का भौगोलिक दृष्टि से काफी अहम जिला है, जिसके अंतर्गत छोटे-बड़े कई गांव आते हैं।

सिरपुर का मुख्य कार्यालयीन क्षेत्र नाहन के नाम से जाना जाता है। हिमाचल प्रदेश में इन सभी क्षेत्रों के ट्रांसपोर्टेशन के लिए एचआरटीसी की बस सबसे सुविधाजनक पाई जाती है। हमारे आगे का ट्रेकिंग का सफर नहान से ही शुरू होने वाला है, मैंने अपनी पैकिंग कंप्लीट कर लिए और अगली सुबह नोहराधार के लिए निकलेंगे।

यहां प्रसिद्ध है महादेव का मंदिर जिसके दर्शन आपको अभिभूत कर देगा

दोस्तों इस ट्रिप मे दोपहर तक के सफर में नोराधार पहुंच गया और वहां से आगे की ट्रैक शुरू की कुछ लोकल लोगों की जानकारी के अनुसार समय बहुत बीत चुका था और रास्ता एकदम जंगली पथरीला और घुमावदार होने की वजह से उनकी सलाह थी कि मैं जैसे तैसे दूसरी नामक स्थान तक पहुंच जाऊं।

मैंने ऐसा ही किया, शाम हो चुकी थी, तो मैंने एक ढाबे में शरण ली और खाना खाकर वही विश्राम किया। फिर अगली सुबह मैंने अपनी ट्रैकिंग शुरुआत की तीसरी की ओर, मंजिल थी। सिरमौर की वह 12000 फीट पहाड़ी जिसमें महादेव जी का मंदिर (Mahadev Mandir) है।

सकरी पहाड़ी रास्तों से होते हुए जंगली जानवरों के डर के बीच जैसे तैसे मैंने स्ट्रकिंग को पूरा किया निश्चय ही यह शानदार अनुभव था और पूरी मेहनत के बाद मैं पहुंच गया महादेव के मंदिर, शिरगुल महादेव के नाम से जाने जाने वाले इस मंदिर का दर्शन करने के मात्र से ही सफर की पूरी थकान उतर गई एवं अभिभूत एहसास हुआ।

नोहराधार से वापस आप एक राउंड ट्रिप प्लान कर सकते हैं

शिवगढ़ महादेव (Shivgarh Mahadev) के दर्शन करने के बाद वही ट्रैकिंग रास्ते से वापस में नोहराधर तक आ गया, यहां से करीब 24 किलोमीटर दूर एक और प्रसिद्ध महादेव जी का मंदिर है, जिसे त्रिलोकपुर कहा जाता है।

हम इस के दर्शन करके यहां से आशीर्वाद लेने के बाद सोलन होते हुए चंडीगढ़ रवाना होंगे, यह ऐसा ट्रिप है, जिसमें एक ओर आप हिमालय की वादियों का आनंद लेंगे, वहीं एक राउंड ट्रिप करते हुए चंडीगढ़ शहर भी घूम सकते हैं।

ट्रेकिंग के लिए और भी स्पॉट्स प्रसिद्ध है हिमाचल में

अगर आप आने वाले समय में ऐसे ही किसी सोलो ट्रिप हिमाचल प्रदेश ट्रेकिंग के लिए आना चाहते हैं, तो मैं आपको बताना चाहूंगा, हिमाचल प्रदेश में एक से बढ़ के एक ट्रैकिंग स्पॉट हैं जिसके लिए दुनिया भर से हजारों लोग हर साल यहां आते हैं। इनके नाम है, कंचनजंगा ट्रैकिंग, चादर ट्रेक, गोमुख तपोवन ट्रैक, मारखा वैली ट्रैक, कुआरी पास, पिन पर्वती ट्रैक, नंदा देवी ट्रैक।

जब भी आप ट्रैकिंग प्लान करें सफर के लिए पास रखें एक सूटेबल मजबूत बैकपैक एवं कुछ आवश्यक चीजें जैसे एक अच्छी क्वालिटी का टॉर्च, सही गर्म कपड़े जो बारिश एवं बर्फ में सुरक्षित हो एवं कुछ जरूरी मेडिसिंस जो इमरजेंसी में आपको फिट रखने में हेल्प करेंगे।

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