यहाँ स्कूल की क्लास में आकर यह लंगूर रोज़ बैठ जाता है और टीचर को पढ़ाते हुए ऐसे सुनता है: VIDEO

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Monkey in School
Langur In School: Langur seen in classroom with other students in Jharkhand government school. Student Monkey viral video.

Photo Credits: Twitter Video Crap

Ranchi: जानवरो के हँसाने वाले हमको गुदगुदाने वाले वीडियो तो अक्‍सर ही सोशल नेटवर्किंग साइट पर हम देखते रहते है। कभी कभी कुछ जानवरो के वीडियो हमें काफी इमोशल कर जाते है। वही कुछ वी‍डियो ऐसे भी होते है जो हमें इंस्‍पायर करते है।

कभी कभी जानवर हम इंसानो से कही ज्‍यादा इंसानियत दिखाते है। आपने हर प्रकार के वीडियो जानवरो से जुडे सोशल साइट पर देखे होंगे। लेकिन आज जिस वायरल वीडियो को हम आपको दिखाएंगे उसे देखने के बाद आप काफी इंस्‍पायर होंगे।

आज का वायरल वीडियो (Viral Video) एक बंदर का है। इस वीडियो में आपको लंगूर स्‍कूल की क्‍लास (Langur In Schoool Classroom) मे बच्‍चो के साथ पढ़ता हुआ दिखाई देगा। आखिर क्‍या है पूरा वीडिया और कहा का है। आइये इस पोस्‍ट की सहायता से विस्‍तार से जानते है।

आज का वायरल वीडियो हजारीबाग जिले के दनुआ में स्थित एक उच्‍च विद्यालय जिसका नाम राजकीय विद्यालय है वहा का बताया जा रहा है। इस वीडियो के मुताबिक इस स्‍कूल में एक लंगूर नवमी कक्षा मे आकर रोज पढ़ाई करता है।

जी हॉं यह बंदर पिछले 1 सप्‍ताह से स्‍कूल में क्‍लास अटेंड करने आ रहा है। क्‍लास में आकर यह लंगूर रोज छात्र तथा छत्राओ के साथ बैठता है और क्‍लास अटेंड करता है। इस स्कूल में लंगूर की पिछले 1 हफ्ते से अटेंडेंस भी दर्ज हो रही है।

लंगूर का इस तरह स्‍कूल आना और बच्‍चो के साथ बैठकर पढ़ाई में इंटरेस्‍ट लेना यह एक्टिविटी लंगूर की सबके लिये एक कौलूहल बन गई है। इस स्‍कूल में लंगूर की हर रोज की उपस्थिति उसका वीडियो और फोटो बहुत वायरल हो रहा है।

इस वीडियो की सच्‍चाई जानने के लिये जब इस स्‍कूल के प्रिसिपल से जानकारी ली गई, तो उन्‍होंने बताया कि जैसे ही स्‍कूल 9 बजे से खुलता है। यह लंगूर स्‍कूल के परिसर में आ जाता है।

स्‍कूल में 9 बजे आने के बाद में जब स्‍कूल बंद होता है, तो शाम के 4 बजे के बाद ही यह लंगूर स्‍कूल से जाता है। मतलब यह लंगूर पूरे स्‍कूल के समय होने तक हर रोज इस स्‍कूल के परिसर में मोजूद रहता है।

आपको बता दे कि यह लंगूर लगभग 1 हफ्ते पहले अचानक से ही स्‍कूल में कक्षा नवमी कलास में घुस गया। वहां जाने के बाद में वेसे तो बहुत से छात्र लंगूर को देखकर डर रहे थे। लेकिन बंदर ने किसी भी प्रकार का नुकसान किसी बच्‍चे को नहीं पहुँचाया।

वह आकर चुपचाप से कक्षा नवमी मे लगी बेंच के लास्‍ट वाली बेंच में बैठ गया। इस दिन के बाद से यह लंगूर हर दिन किसी भी कक्षा में चला जाता है ओर पहली पक्‍तिं में बच्‍चो के साथ बैठ जाता है और पढ़ाई मे इंटरेस्‍ट भी लेता है। यह उसका डेली का रूटीन हो गया है।

इस बुधवार को ही यह लंगूर प्रिंसिपल के ऑफिस में पहुंच गया। वहा जाकर उनकी सामने की टेबल पर यह लंगूर जाकर बैंठ गया। जिसके बाद में इस लंगूर को भगाने की कोशिश की गई, लेकिन यह वहा से नहीं गया।

जेसे की स्‍कूल की घंटी बजी और क्‍लास शुरू हुई यह लंगूर भी दोडकर पहली कक्षा में जाकर बैठ गया। प्रिंसिपल का कहना है कि उन्‍होंने कई बार लंगूर को स्‍कूल परिसर से बाहर निकालने की कोशिशे की लेकिन वह हर बार विफल रहे।

स्‍कूल प्रबंधन की जो कमिटी के अध्‍यक्ष जिनका नाम सकलदेव यादव है। उनका कहना है कि उन्‍होंने इस लंगूर के विषय में वन विभाग को सूचित किया था। जिसके बाद एक टीम भी लंगूर को पकड़नने के लिये लिये वहां आये थे। पर वह भी उसे पकड़ नही पाये। वह भी इस कार्य में विफल हो गये। हालांकि उन्‍होंने यह भी कहा की यह बंदर किसी भी तरह से बच्‍चे को को्ई नुकसान नहीं पहुँचाता है।

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