
Palitana: इस खबर को पढ़ने के बाद बहुत सारे लोग शॉक्ड हो जाएंगे। कि भारत देश में एक ऐसा भी शहर है जहां पर मांसाहार पूर्ण रूप से प्रतिबंधित है और वह पूरा शहर केवल शाकाहारी भोजन (Vegetarian Food) करता है। जी हां यह बात पूरी तरह से सत्य है।
हम बात कर रहे है भारत के गुजरात राज्य में एक ऐसा शहर है, जिसका नाम पालीताणा (Palitana) है, जिसमें मांसाहारी भोजन पूर्ण रूप से प्रतिबंधित है और यहां के सारे लोग केवल शाकाहारी भोजन ही करते हैं। यहां कोई भी ऐसा व्यक्ति नहीं है, जो मांसाहारी हो यह बात सुनने में थोड़ी अजीब जरूर है।
यहां पर जैन धर्म के मानने वाले अधिकांश लोग रहते है और जनरली सभी लोग जानते हैं की जैन धर्म अहिंसा को मानता है उनका जो धर्म है उसका एक ही नारा है, अहिंसा परमो धर्मा, जिसमें किसी भी व्यक्ति को जानते बुझते हुए तकलीफ ना पहुंचाना ही उनके धर्म का मुख्य उद्देश्य है।
अनेकता में एकता के दर्शन
हम सभी जानते हैं कि भारत अनेक राज्यों और संभागों से मिलकर बना है यहां भारत के हर राज्य में अलग-अलग परंपराएं और धार्मिक नियम लागू हैं हर 10 से 20 किलोमीटर के अंतर से हर गांव शहर में आपको नई-नई परंपराएं और नियम देखने को मिलेंगे।
हमारे संविधान में भी अनेकता में एकता का नारा जोर शोर से चलता है। भारत में सभी धर्मों के लोग निवास करते हैं जिसमें मुख्य रुप से 4 धर्म विशेष है हिंदू मुस्लिम सिख ईसाई और इन सभी धर्मों का नारा भाईचारा है।
सबको अपने अपने धर्म का पालन करते हुए भाईचारा और इंसानियत को निभाना है, भारत एक धर्मनिरपेक्ष राज्य है, जहां पर किसी भी धर्म को सर्वोपरि नहीं माना जाता है। सभी को अपने अपने धर्म का पालन करने का पूर्ण अधिकार प्राप्त है और सभी हंसी खुशी अपने रीति रिवाज परंपराएं और प्रथाओं को सुचारू रूप से चलाते आ रहे हैं, इसलिए हम कह सकते हैं कि भारत में अनेकता में एकता के दर्शन होते हैं।
विश्व का पहला ऐसा शहर जो पूर्ण रूप से शाकाहारी है
भारत देश के गुजरात (Gujarat) राज्य में पालीताणा नामक एक ऐसा शहर है, जहा के सभी लोग शाकाहारी (Vegetarian) है। यहा के अधिकांश लोग जैन धर्म (Jain Religion) को मानने वाले और जैन समाज से है, जो अपने धर्म के प्रति बहुत ही अधिक जागरूक और अपने धर्मों को लेकर चलने वाले है। शहर में एक ऐसी घटना हुई, तब से सरकार ने भी उस शहर में मांसाहार पर प्रतिबंध लगा दिया।
आपको बता दें वर्ष 2014 में पालीताणा शहर के 200 से भी अधिक जैन ऋषि-मुनियों में मांसाहार पर प्रतिबंध लगाने के लिए भूख हड़ताल की थी। उनकी मांग सरकार से यह थी कि वे जानवरों के साथ होने वाले हिंसक व्यवहार और बूचड़खाना को बंद करवाएं।
उनके यह हड़ताल इतनी ज्यादा शक्तिशाली थी कि सरकार को भी उनके आगे घुटने टेकने पड़े। तब से इस शहर में मांसाहार (Non Veg Food) पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध (Banned) लग गया है और यदि व्यक्ति ऐसा करते पाया गया तो उस पर कठोर से कठोर कार्यवाही करने का भी प्रावधान है।
The Palitana temples were built over a period of 900 years starting in the 11th century. It is in the Bhavnagar district of Gujarat. It is a full city with more than 900 temples of different sizes dedicated to the 24 Tirthankaras from base to the peak of the Shatrunjaya hill. pic.twitter.com/L98gCAoxT6
— Riddhi Jain (@riddhayyy) August 17, 2020
यह शहर गुजरात राज्य के भावनगर जिले के अंतर्गत आता है और केबल शहर के अंदर ही जैन धर्म के व्यक्तियों ने अपने 1000 से ज्यादा मंदिर बना रखे हैं। इससे शहर की पहचान ही जैन धर्म से है इसीलिए गुजरात राज्य के भावनगर जिले के अंतर्गत आने वाला शहर पालीताणा विश्व का पहला और आखरी शाकाहारी शहर (World First Vegetarian City) होगा।
पालीताणा को जैन धर्म का गढ़ भी कहा जाता है
पालीताना शहर जैन धर्म के व्यक्तियों के लिए सबसे पवित्र स्थली है यह शहर खूबसूरत पहाड़ों के बीच बसा है इस शहर को जैन धर्मों का गण भी कहा क्योंकि इस शहर में जैन धर्म से संबंधित कई सारे मंदिर बने हैं, जो आदिनाथ को अर्पित किए गए है चौमुखा मंदिर, कुमारपाल, समप्रति राज, विमल शाह मंदिर इस शहर के काफी ज्यादा प्रसिद्ध मंदिर है।
Palitana The World’s first Vegetarian City
Palitana is counted among the purest and most revered destination for those who follow #Jainism.
In fact, it is absolutely illegal to kill animals for eating purposes here, and selling eggs or meat is a strict no.
1/2@LostTemple7 pic.twitter.com/KA97Yvnps4— Pravesh Jain © (@SolarisePravesh) October 2, 2020
संगमरमर के पत्थरों से निर्मित मंदिर देखने में इतने खूबसूरत होते हैं कि लोग हैरान हो जाते हैं। उसकी सुंदरता देख कर। 11वीं और 12वीं सदी में पालीताणा शहर में मंदिरों का निर्माण ऋषि-मुनियों के द्वारा कराया गया था। वहां की मान्यता है कि वही एक जगह है, जहां पर जैन धर्म के अनुयायियों को मोक्ष मिलता है।
इस शहर में पहुंचने का रास्ता
यदि आपके मन में भी इस शहर को घूमने और अधिक जानने का मन हो रहा है तो आप एक बार जरूर जाए। इस शहर में जाने के लिए आपको गुजरात राज्य के भावनगर जिले में पहुंचना है, वहां से दक्षिण पश्चिम से 50 किलोमीटर की दूरी पर पालीताणा शहर स्थापित है।
The tops of mountains are often holy places to Jains & therefore pilgrimage destinations
From palitana to shikarji , Girnar to shravanabelagola , Jains hv pioneered in the art of building temples on mountain ,they carved entire temple city on them…#InternationalMountainDay pic.twitter.com/WmUSDl824d
— agamshastra (@truejainology) December 11, 2019
50 किलोमीटर की दूरी तय करने के लिए आप हवाई मार्ग और रेल मार्ग का प्रयोग कर सकते हैं। भावनगर हवाई अड्डा से पालीताणा की दूरी करीब 62 किलोमीटर है। और यदि आप रेल या बस से जाना चाहते हैं, तो बड़ोदरा और अहमदाबाद से आपको पालीताणा के लिए बस या रेल मिल जाती है।



