
Darbhanga: भारत की बेटियां अब भारत से बाहर भी अपने देश का नाम रोशन कर रही हैं। देश में तस्वीरें बदलते हुए नजर आ रही हैं। एक समय ऐसा था कि बेटियां केवल घर की और किचन के शान बढ़ाने के लिए हुआ करती थी। पुराने वक्त में बेटियों के साथ जुल्मों के चलते कोई नहीं चाहता था कि उनके घर में बेटियों का जन्म हो।
ऐसा नहीं था कि लोग बेटियों को पसंद नहीं करते थे इतना तो वह भी जानते थे कि यदि बेटा कुलदीपक है, तो बेटियां कुल को बढ़ाने वाली है। यदि वह नहीं होंगे, तो न समाज आगे बढ़ेगा ना कुल आगे बढ़ेगा। बेटियों पर होने वाले जुल्मो सितम के कारण ही लोगों में दहशत का माहौल था कि बेटियां सुरक्षित नहीं है।
आधुनिक समय में भी यह परेशानियां है, परंतु अब बेटियां खुद को सुरक्षित रखने के लिए तरह-तरह की योग्यताओं में निपुण होती जा रही है और अपने दुश्मनों का सामना अकेले करने के लिए तैयार भी होती हैं। वर्तमान समय में देश की तस्वीरों को बदलने वाली देश की बेटियां ही हैं, जिन्होंने अपने नेक कर्तव्य से देश के इतिहास को बदलने का वीणा उठा लिया है।
25 सितंबर को मनाया गया बेटी दिवस
पूरे वर्ष में एक निश्चित दिन होते हैं जिसमें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई दिवस को मनाया जाता है। इसी कड़ी में शामिल है, अंतरराष्ट्रीय बेटी दिवस जो हर वर्ष 25 सितंबर को मनाया जाता है। इस वर्ष विश्व के अलग-अलग देशों में तरह-तरह की प्रतियोगिताएं रखी है। जिसमें अमेरिका में भी एक प्रतियोगिता का आयोजन हुआ, जिसमें बिहार की एक बिटिया जो अमेरिका में निवासरत है।
उसने इस प्रतियोगिता में ना केवल भाग लिया, बल्कि अमेरिकी विद्यार्थियों को पीछे छोड़ कर मेरिट में सबसे ज्यादा अंक हासिल किए। इस बिटिया का नाम ईसा एस ठाकुर (Isha Sahara Thakur) है और यह मूल रूप से एक भारतीय महिला परंतु इस समय वे अमेरिका (America) में रहती है। ईसा एस ठाकुर के इस काम ने पूरे भारत को गौरवान्वित किया है।
पढ़ाई के दौरान कई मेडल हासिल किए
ईशा एस ठाकुर (Isha S Thakur) की मां रियल एस्टेट बिजनेस करती हैं, इसीलिए आज से कई साल पहले ईसा एस ठाकुर अपने परिवार के साथ बिहार राज्य से अमेरिका चली गई और वहां जाकर बस गई। वह बचपन से ही काफी इंटेलिजेंट थी और अमेरिका जाकर उनकी योग्यता में और ज्यादा निखार आ गया।
वर्तमान समय में वे अमेरिका के न्यू मैक्सिको क्षेत्र में निवास कर रही है और अपनी शिक्षा भी वहीं से प्राप्त करें। ईशा अपनी कला से स्कूल की पढ़ाई के दौरान ही कई मेडल के हकदार हो गई थी और जब मैट्रिक्स की पढ़ाई की तो आपको बता दें। उन्होंने मैट्रिक्स में अपने स्कूल के सहपाठियों से कई ज्यादा नंबर ला कर हमारे देश की शान बढ़ा दी।
ईसा एस ठाकुर बन गई है सेलिब्रिटी
25 सितंबर को अमेरिका में विश्व बेटी दिवस के रूप में मनाया गया, तो मेट्रिक में ज्यादा अंक लाने की खुशी में ईसा एस ठाकुर को अमेरिकी राष्ट्रपति के द्वारा सम्मानित किया गया और उन्हें गोल्ड मेडल (Gold Medal) देकर ढेर सारी बधाइयां दी गई।
साथ ही ईसा एस ठाकुर की तस्वीरें अमेरिकी अखबारों में पहले पन्ने पर बड़ी-बड़ी हेडिंग के साथ छापी गई जिसे देख कर और पढ़ कर कई सारे लोग उन्हें बधाइयां देने के लिए उनके घर पहुंचे। इस समय सोशल मीडिया पर भी ईशा की तस्वीर वायरल हो रही है।
बिहार की बेटी #ईसा_एस_ठाकुर ने लहराया अमेरिका में परचम, भारत का नाम रौशन किया, अमेरिकी बच्चों को पछाड़ मैट्रिक में लाई सबसे ज्यादा नंबर..।
जय हिन्द.. जय भारत 🚩🚩🙏🏻 pic.twitter.com/W9DkXxkqfL— संजय (@abhi000027) October 1, 2022
सोशल मीडिया के माध्यम से जब यह खबर भारत आई, तो भारत में भी एक खुशी का माहौल बन गया लोगों ने ईशा एस ठाकुर की कामयाबी को काफी अच्छी तरह मनाया और उन्हें उनके उज्वल भविष्य के लिए ढेर सारी शुभकामनाएं दी।
ईसा एस ठाकुर देश के बच्चों के लिए एक उदाहरण है
वैसे देखा जाए तो देश में कई सारे ऐसे बच्चे हैं जो देश के साथ-साथ विदेश में भी अपना नाम रोशन कर रहे हैं परंतु इशा एस ठाकुर भारतीय बच्चों के लिए एक मिसाल है। वे सभी बच्चों को आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है।
#ब्रह्मर्षि_समाज
#भूमिहार_ब्राह्मण समाज की बेटी #इसा_एस_ठाकुर इस वर्ष #अमेरिका के न्यू मैक्सिको में दसवीं की परिक्षा में सर्वाधिक अंक लाकर #गोल्ड_मेडल प्राप्त की।।#जय_जय_रनवीर 🚩🚩 pic.twitter.com/tPPMnrdukT— ANTI RESERVATION 🇮🇷 (@bhumihar_c) September 27, 2022
भारत को ऐसे ही बच्चों की जरूरत है, जो भारत देश को विकासशील देश से विकसित देश की तरफ लेकर जाए। देश में कई ऐसे बच्चे हैं, जो विदेश में पढ़ रहे हैं और हमारे देश को आगे ले जाने की तैयारी कर रहे हैं। हम उन बच्चों को उनके उज्जवल भविष्य के लिए उनके नेक कामों के लिए ढेर सारी शुभकामनाएं देते हैं।



