Delhi: हम देख रहे है कि यात्रियों को सुविधा हो इसलिये रेलवे हर बार ही नई सेवा प्रदान कर रही है। जब भी कोई त्योहार होता है, तो अक्सर ही ट्रेन की सभी सीट बुक हो जाती है। ऐसे में सीट बुकिेग करने पर टिकट हमें कन्फर्म ना मिलकर वेटिंग में मिलती है।
रेलवे (Indian Railway) द्वारा दी जा रही नई सेवा में अब से हैंड हेल्ड टर्मिनल (एचएचटी) की सहायता से हर दिन लगभग 7000 यात्रियों को सीट कंफर्म (Train Confirm Seat) उपलब्ध कराई जा रही है। पहले यह नियम था कि रिजर्वेशन सीट का चार्ट जब तैयार हो जाता था। तो सीट कंफर्म नहीं हो पाती थी। ऐसे में लोग टीटीई (TTE) को पैसे देकर सीट कंफर्म करवाते थे।
अब तुरंत ही मिलेगी खाली बर्थ सीट की जानकारी
लेकिन अब से ऐसा नहीं होगा अब यह जो नया नियम जारी होगा इससे अधिक संख्या में यात्री लाभान्वित होंगे। इसके साथ ही टीटीई जो सीट आवंटन की मनमर्जी करता था। उस पर विराम लगेगा।

सुविधा के अनुसार अब से आरएसी अर्थात प्रतीक्षा सूची वाले यात्री ट्रेन में समय की स्थिति के अनुसार जो भी खाली बर्थ है। उसकी उपलब्धता है या नहीं। उसकी जानकारी एचएचटी वाले टीटीई से ले सकते है।
इस सुविधा के होने से वह यात्री जिनकी टिकट कन्फर्म नहीं हो पाती है। वह बिना पैसे खर्च किये सीट कन्फर्म कर पाएंगे। रेलवे की यह सुविधा यात्रियों को काफी लाभान्वित करेगी।
1390 ट्रेन में हो चुकी है सुविधा शुरू
पीटीआई ने जो आंकडे पेश किये है। उसके अनुसार यह परियोजना जोकि अभी कुछ महीने पहले ही शुरू कि गई है। इसके अंतर्गत 1390 ट्रेन के जो टीटीई है। वह एचएचटी का यूज कर रहे है। जिसकी सहायता से हर रोज 5448 आरएसी तथा 2759 वेटिंग सूची वाले यात्री को कंफर्म टिकट मिल रही है। वही आरएसी तथा वेटिंग सूची वाले जो यात्री है।

उन्हें अप्रयुक्त खाली बर्थ भी लगभग 7000 की संख्या में एचएचटी की सहायता से अलॉट हो रही है। यह सुविधा भले ही अभी ज्यादा ट्रेनों मे नही दी गई है। लेकिन आने वाले समय में सभी लंबी दूरी वाली ट्रेन में एचएचटी उपलब्ध हो जायेगी।
क्या होती है एचएचटी जाने
एचएचटी का यूज डिजिटल भुगतान के विकल्प की सहायता से सभी यात्री को जुर्माना अतिरिक्त किराया और अन्य शुल्क भी वसूलने के उद्देश्य से किया जा रहा है। अगर आप यह सोच रहे है कि एचएचटी क्या है तो आपको बता दे कि एचएचटी आईपैड की शेप का होता है। इस आईपेड वाले एचएचटी में यात्री के रिजर्वेशन चार्ट होते है। यह एचएचटी टीटीई के पास में होता है।
इस डिवाइस में जीपीआरएस होता है। जिसकी सहायता से यात्री के रिजर्वेशन की प्रणाली केंद्रीय सर्वर से कनेक्ट रहती है। सर्वर से कनेक्ट होने के कारण जैसे ही ट्रेन किसी स्टेशन पर रूकती है सारी टिकट बुकिंग की लिस्ट अपडेट हो जाती है।
वेटिंग वाले यात्री को मिल रहा लाभ
अगर यात्री ट्रेन से उतर जाता है, तो उसकी सीट खाली बताने लगती है। वही अगर कोई रिजर्व सीट वाला व्यक्ति किसी कारण वश अंतिम समय में भी अपनी टिकट केंसिल करता है। तो उसकी अपडेट भी एचएचटी में आ जाती है। जैसे ही बर्थ खाली होता है वह यात्री जिनकी टिकट कन्फर्म (Ticket Confirm) नही होती है।
उसकी सूचना उसे मोबाइल पर एसएमएस की सहायता से दे दी जाती है। इस डिवाइस से आरएसी और वेटिंग वाले यात्री को काफी सुविधा मिल रही है। रेलवे की यह नई सुविधा वेटिंग वाले यात्री को काफी लाभान्वित कर रही है।





