
Delhi: दुनिया से अच्छे लोगों की संख्या दिन प्रतिदिन कम होती जा रही है। ऐसा हम इसलिए कह रहे हैं क्योंकि लोगों के मन से ईमानदारी, वफादारी और दान जेसे बड़े भाव खत्म होते जा रहे है। लेकिन कह्ते है जब तक संसार मे थोड़े बहुत गिनती के भी अच्छे लोग हैं। तब तक ये दुनिया सही ढंग से चलती रहेगी, हंसती रहेगी।
देश अमेरिका (America) मे निवास करने वाले एक शख्स ने कुछ ऐसा किया है, जिससे वह किसी मिसाल की तरह लोगों के सामने जाने जा रहे है। आज कल हम देखते है कि सोशल मीडिया से अक्सर ही लोगों की किस्मत बदल जाती है।
यही हुआ अमेरिका मे रहने वाले व्यक्ति के साथ मे। सिर्फ 20 साल की इस उम्र मे फ्रैंकलिन ने कभी यह नहीं सोचा कि इन्टरनेट के इस जमाने में सोशल मीडिया के कारण वह इतने प्रसिद्ध होंगे कि लोगों की सहायता से एक दिन उनकी लाइफ बदल जाएगी।
हर दिन फ्रैंकलिन करते है 27 किलोमीटर का सफर
फ्रैंकलिन (Deontay Franklin) अमेरिका के ओकलोहामा (Oklahoma) मे निवास करते है। आपको बता दे फ्रैंकलिन 27 किलोमीटर का हर दिन सफर करते है। आपको बता दे फ्रैंकलिन पैदल चलकर रोज काम करने के लिए जाते हैं।
फ्रैंकलिन की उम्र अभी सिर्फ 20 साल की है उनका जीवन बिल्कुल भी आसान नहीं है कौन चाहता है कि वह इतनी परेशानी उठाए, लेकिन गरीबी लोगो को यह करने पर मजबूर कर ही देती है।
अपको बता दे की फ्रैंकलिन बफेले एक कुक हैं। लेकिन वह जिस जगह कुक की नौकरी करते हैं। वह उनके घर से काफी दूर है। फ्रेंकलिन वाइल्ड विंग्स मे काम करते है। दूरी की बात करे तो वाइल्ड विंग्स की दूरी फ्रेंकलिन के घर से 13 किलोमीटर है। इस कारण आने जाने मे हर दिन फ्रैंकलिन 27 किलोमीटर पैदल चलते है और अपना सफर तय करते है।
पहले निकलते थे हर रोज घर से 3 घण्टे पहले
फ्रैंकलिन का ऑफिस उनके घर से दूर होने के कारण उनको घर से हर दिन 3 घंटे पहले निकलना पड़ता था। फ्रैंकलिन कहते हैं कि उनको हर रोज इतना बड़ा और लंबा रास्ता तय करने की प्रेरणा अपनी माँ से मिलती है। आपको बता दे फ्रेंकलिन की मां इस दुनिया मे नहीं है जब फ्रेंकलिन सिर्फ 16 वर्ष के थे। तब उनकी माता जी गुजर गई थी।
माइकल लिन नाम के व्यक्ति ने फ्रेंकलिन को सड़क पर देखा
अभी कुछ हफ्ते पहले फ्रैंकलिन को पैदल रास्ते पर जाते माइकल लिन नाम के व्यक्ति ने देखा। व्यक्ति ने फ्रैंकलिन को जब इतनी तपती धूप में पैदल सड़क पर जाते देखा। तो उन्हे फ्रेंकलिन पर दया आ गई। माइकल ने फ्रेंकलिन को अपनी गाड़ी में बैठने को कहा।
फ्रेंकलिन ने उनके ऑफर को स्वीकारा और फिर वह दोनो गाड़ी के अंदर बैठकर बातचीत करने लगे। बातों बातों मे जब माइकल ने फ्रेंकलिन के मुह से यह सुना कि हर रोज वह 27 किलोमीटर तपती धूप मे पैदल चलते है। तो माइकल ने फ्रैंकलिन की हेल्प करने का डिसाइड कर लिया।
सोशल मीडिया से मिली फ्रेंकलिन को मदद
माइकल ने सोशल मीडिया का सहारा लेते हुए फ्रैंकलिन की एक फोटो को पोस्ट कर दिया और उस पोस्ट के सहारे फ्रेंकलिन के लिए लोगों से मदद मांगी। इस पोस्ट को केरी कॉलिन्स नाम की एक महिला ने देखा।
इसे देखने के बाद महिला ने चैरिटी चलाने वाले स्वयं के पति से बात की और फ्रैंकलिन की मदद के लिए कहा। धीरे धीरे फ्रेंकलिन के विषय में हर किसी को पता लग गया ओर सब ने फ्रेंकलिन की मदद करने का ठाना।
फ्रैंकलिन की मदद करने सब आए आगे
केरी ने फ्रेंकलिन के लिए अपने चैरिटी ग्रप से मदद मांगी तथा इसके अलावा सोशल मीडिया की मदद लेते हुए भी फ्रैंकलिन के लिए लोगों से मदद मांगी। देखते ही देखते हर कोई फ्रेंकलिन की मदद करने आ गया। केरी के पास में पैसों का खूब भरमार हो गया।

सबसे पहले फ्रेंकलिन की मदद के लिए चैरिटी ग्रुप ने उनको साइकिल दी। उसके बाद मे फ्रैंकलिन की मदद करने एक ग्रुप बनाया गया। जिसका नाम ‘गो फंड मी’ (GoFundMe) था। इस ग्रुप मे दान देने वालों की धीरे धीरे भरमार हो गई। इस ग्रुप मे फ्रेंकलिन की हेल्प के लिए पूरे 35 लाख जमा हो गए।
अब फ्रेंकलिन इन पैसो की सहायता से वेल्डिंग की पढ़ाई कर रहे हैं। इसके साथ साथ वह अपने कुक की जॉब भी कर रहे है। इन पैसों की सहायता से फ्रेंकलिन अपनी आगे की पढ़ाई कर रहे है। लोगों ने जो फ्रेंकलिन की मदद की जिससे उनका जीवन अब आसान हो गया है। जिस तरह लोग उनकी मदद के लिए आगे आए वह काबिले तारीफ है।



