
Patan: अपने भविष्य को सिक्योर करने के लिए हर व्यक्ति पैसा जमा करता है, आजकल लोग बैंक में पैसा जमा करते है। हर व्यक्ति चाहता है कि जब उसे जरूरत हो तो उसे अपनी जमा पूँजी बिना किसी परेशानी के मिले। इसलिए लोग बेंक में पैसे जमा करना चाहते है।
अक्सर ऐसा होता है कि हम जितने पैसे बैंक में जमा करते है। उतने ही पैसे का लेनदेन बैंक से करते है या फिर एफडी बनाते है, तो थोड़े बहुत ब्याज के बाद हमें उतनी ही जमा पूँजी वापस मिल जाती है। लेकिन ऐसा हो कि आप बैंक में किसी दूसरे काम से जाये और बैंक वाले आपको हाथ में लाखों रूपये थमा दे।
आपको कैसा महसूस होगा, यह बात आपको सुनने में पूरी तरह काल्पनिक लग रही होगी। शायद आप इस पर भरोसा करने में कतरा रहे होंगे। पर यह बात पूरी तरह सच है।
किसान की मृत्यू के बाद परिवार को मिले 15 लाख रूपये
आपको बता दे यह घटना मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) राज्य के पाटन (Patan) में हुई है। मध्यप्रदेश के पाटन में स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (State Bank Of India) की शाखा में एक किसान परिवार अपने घर के मुखिया की मृत्यू के बाद उनके नाम के बैंक खाते को बंद करवाने बैंक गया। तो बैंक वालों ने उनके परिवार को 15 लाख रूपये का चैक देने की बात कही।
जिसे सुनने के बाद किसान के परिवार को समझ नहीं आया कि आखिर इतना पैसे उन्हें क्यूँ दिया जा रहा है। जब वह हैरानी से देखने लगे तो बेंक के मेनेजर ने उन्हें जानकारी देते हुए बताया कि यह राशि उन्हें क्लेम के तौर पर दी जा रही है।
दरअसल किसान ने बैंक में अपना एक खाता खुलवाया था। जिसे केसीसी खाता (KCC Account) कहते है और इसी खाते में एक पॉलिशी उनके घर के मृतक सदस्य ने ले रखी थी। जिस वजह से उन्हें यह पैसा दिया जा रहा है। इस खाते के बारे मे किसान के पूरे परिवार को भनक तक नहीं थी।
खाता बंद करवाने गया था परिवार
आपको बता दे एमपी के पाटन जनपद के अंतर्गत आने वाले गॉंव मांदा में एक किसान जनवेश कुमार (Janvesh Kumar) रहते थे। उनकी जब मृत्यू हुई, तो जनवेश जी का बेटा अपने दादा को लेकर उनके नाम का बैंक खाता बंद करवाने गया। जब वह बैंक पहुँचे तो उन्हें बताया गया कि दरअसल उनके पिताजी ने बैंक में 15 लाख रूपये (15 Lakh Rupees) की केसीसी बीमा पॉलिसी (KCC Insurance Policy) ली थी।
1800 रूपये में थी 15 लाख की केसीसी पॉलिसी
स्वर्गीय जनवेश जी ने बैंक में 1800 रूपये की 15 लाख रूपये की केसीसी पॉलिशी ली थी। छत पर काम करते वक्त अचानक जनवेश जी फिसल गये थे। जिस वजह से उनकी मृत्यू हो गई थी। जब उनकी मृत्यू हुई तो घरवालो ने सोचा कि उनका खाता बंद करवा दिया जाये।

खाता बंद करने के उद्देश्य से ही वह बैंक पहँचे। परन्तु वहॉं जाकर उन्हें पता लगा कि जनवेश ने 15 लाख रूपये की जीवन बीमा पॉलिसी करवा रखी है। जिसके बारे में जानने के बाद उनकी ऑंख फटी की फटी रह गई। क्योंकि इसके बारे में उन्हें बिल्कुल भी जानकारी नहीं थी।
मृतक के पिताजी को मिली बीमा रकम
जब परिवार वाले स्टेट बैंक गये तो वहाँ के अधिकारियो ने जनवेश जी के बेटे और पिता जी को जानकारी देते हुए बताया की उनके घर मुखिया जनवेश कुमार ने बैंक में केसीसी खाता खुलवाया था। जिसमें उन्होंने 15 लाख रूपये बीमा पॉलिशी ली थी।
यह जानकारी पता लगते ही जनवेश जी का पूरा परिवार अचंभित हो गया। क्योंकि उन्हें इस बारे में बिल्कुल भी अंदाजा नही था। यह जानकारी बताने के बाद बैंक वालों ने सभी कागजी कार्यवाही पूरी की और किसान के पिताजी को पॉलिशी की सारी रकम 15 लाख रूपये सौंप दी। किसान के पिताजी को यह पैसे इसलिए मिले क्योंकि मृतक जनवेश जी ने अपने परिवार से अपने पिताजी को नामिनी बनाया था।




