
Patna: बालिकाओं की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए सरकार कई सारे प्रयास कर रही है। जिससे महिला और पुरुष के फर्क को कम किया जा सके। समाज महिला और पुरुष से बनता है, जिसमे महिलाओ को पुरुष से हमेशा कमजोर माना जाता है। अब सरकार महिलाओ के हित में कार्य कर उसे सशक्त बना रही है।
पहले की महिलाएं अशिक्षित थी, उन्हे शिक्षा का अवसर नहीं मिल पाता था। लेकिन अब महिला शिक्षित ही नही बल्कि आत्मनिर्भर भी है। देश के कई स्थानों पर महिलाओ का बोल बाला है, महिला घर परिवार संभालने के साथ देश भी संभाल रही है, नवजोत सिम्मी, टीना डावी जेसे कई उदाहरण है, जो आईएएस आईपीएस अधिकारी (IAS-IPS Officers) बन कर देश और प्रशासन को संभाल रही है।
इसमें सरकार भी उन बेटियो का पूरा साथ दे रही है, जो अपने लिया और अपने करियर के लिए गंभीर रहती है। देश की सरकार के साथ प्रदेश की सरकार भी अपने स्तर से छात्रों के हित में काम कर रही है। आपको बता दें, बिहार की सरकार ने स्नातक पूर्ण करने के बाद आगे की शिक्षा के लिए छात्राओं को 50 हजार रुपया की धन राशि देने जा रहे है, आइए विस्तार से जानते है।
बिहार राज्य में एक नई पहल
बेटियों (Daughters) को पढ़-लिखकर आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से बिहार सरकार के द्वारा बेटियों के लिए एक खास योजना शुरू है। इस योजना के तहत बिहार सरकार बिहार की उन बेटियां की मदद करने जा रही है, जिसने अपना ग्रेजुएशन पास कर लिया है और वो आगे पढ़ने की इच्छुक है।

उन बेटियो को सरकार की ओर से 50 हजार रुपये की धन राशि दी जाएगी। इस योजना की खासियत है कि मुख्यमंत्री स्नातक बालिका प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत दी जाने वाली धन राशि सीधे उन बेटियों के अकाउंट में ट्रासफर की जाएगा।
चुनाव के दौरान किए वादा जो होगा पूरा
मिली जानकारी से पता चला की विधानसभा चुनाव 2020 के समय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने भाषण के दौरान इस बात की घोषणा की। वे अपने भाषण में बोले की यदि भविष्य में दोबारा नीतीश कुमार की सरकार बनती है, तो ग्रेजुएशन पूर्ण की हुई छात्राओं को 50-50 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी, जिससे वे अपनी आगे की पढ़ाई कर सकेंगी। सरकार अब अपने द्वारा किए गए वादे को पूरा करने की तैयारी कर रही है।
प्रोत्साहन राशि को ट्रांसफर करने का प्रस्ताव तैयार हो चुका है
मिली जानकारी के अनुसार बिहार सरकार के शिक्षा विभाग ने मुख्यमंत्री स्नातक बालिका प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत ग्रेजुयेट बालिकाओं के खाते में योजना की धन राशि जमा करने का प्रस्ताव पारित हो चुका है। बहुत जल्द यह राशि बेटियो के खाते में पहुंच जाएगी।

खबर के अनुसार इस प्रस्ताव को वित्त विभाग के पास उनकी सहमति के लिए भेजा जा रहा है। इस के बाद कैबिनेट से सहमती ली जाएगी। तत्पश्चात इस योजना की शुरुआत होगी। इस योजना का लाभ लेने के लिए सरकार के द्वारा मान्यता प्राप्त महाविद्यालय से अपना स्नातक पूर्ण की हुई छात्रा ही इस योजना की पात्र होंगी।
करीब 1.50 लाख बेटिया इस योजना के अंतर्गत आती है
मिली जानकारी से सूचना प्राप्त हुई की सरकार की गणना के मुताबिक मुख्यमंत्री स्नातक बालिका प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत करीब 1.50 लाख ग्रेजुएशन पूर्ण की हुई छात्रा है, जिन्हे इस योजना का लाभ मिलेगा। वर्तमान में उन बेटियो को 25-25 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जा रही है।
अधिकारी ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि बीते वर्ष भी 1.4 लाख एप्लीकेशन उन्हे प्राप्त हुए थे, जिस में से करीब 84,344 बेटियों को धन राशि दी गई है और बाकी के आवेदनों में कुछ न कुछ गलती रही जिसके कारण हमे उन्हे यूनिवर्सिटी वापस भेजना पड़ा। संशोधन के बाद एक बार फिर उनके आवेदन भेजे जाएंगे तो उन छात्राओं को भी प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।



