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Agra: जीवन मरण का एक कठोर सत्य है। जो आया है वो जाएगा भी ईश्वर ने किसी को अमर करके नही भेजा। इंसान के कर्म ही उसकी पहचान होती है। आज काफी सारी महान हस्ती है, जिनके जाने के बाद भी दुनिया उन्हे याद करती है। क्योंकि उन्होंने दुनिया के सामने अपनी एक नेक छवि बनाई है।
भगवान ने इंसान को एक पेट दिया है, जिसके लिए वो दिन रात मेहनत करता है और अपने साथ अपने परिवार का भी पेट पालता है। उम्र का काम से कोई तालुक नही है, हर उम्र का व्यक्ति आज कोई न कोई काम कर रहा है। आज की इस पोस्ट में एक ऐसे ही दादा की बात करेंगे, जिनकी उम्र करीब 90 वर्ष थी। तब भी वे काम करते लोगो को उनके द्वारा बनाये गए कांजी बड़े बेहद पसंद थे।
उस दादा की छवि लोगो के मन में एक नेक पुरुष की बनी थी, इसलिए दादा के जाने के वर्षो बाद भी लोग उन्हें पूछते हुए उनके दुकान पर जाते है। कांजी बड़े वाले बाबा (Kanji Vade Waale Baba) ने दुनिया को एक संदेश देकर गए की उम्र चाहे कोई भी हो बस काम करने का जज्बा होना चाहिए।
कांजी बड़े वाले बाबा की कहानी
फिरोजाबाद की सड़को से गुजर रहे एक दंपती जो स्कॉर्पियो में बैठे खिड़की का शीशा नीचे कर कांजी बड़ा बना रही महिला से पूछा की कांजी बड़े वाले बाबा कहा गए, तो उस महिला के आंखो में आंसू भर आए। आंसू को पोछते हुए उस महिला ने कहा कि बाबूजी को गए एक वर्ष से ज्यादा हो गया।
अब उनके द्वारा दिये गए गुण से उनकी विरासत को बरकरार रख रही हैं। महामारी के चलते सोशल मीडिया पर एक ब्लॉगर द्वारा आगरा (Agra) के कांजी-बड़े वाले बाबा को काफी वायरल (Viral) किया गया।
अब बाबा की मुस्कान देखिए!💕
मैं #Agra वाले ‘काँजी बड़े वाला’ बाबा के पास गया था।स्थानीय SHO नरेंद्र शर्मा सर को भी सूचना दी,वो भी आ गए।अपने स्तर से जो बना,उनकी मदद की।
लोग पहुँचने लगे हैं,बाबा खुश हैं।
~बुजुर्गों की मदद को हाथ तो बढ़ाओ, ईश्वर आपको चार गुना दे देगा।#BabaDaDhaba pic.twitter.com/E37UslTIzt— SACHIN KAUSHIK (@upcopsachin) October 10, 2020
आपको बता दें आगरा शहर के कमला नगर की प्रोफेसर कॉलोनी के पार्क के बाहर कांजी-बड़े की दिहाड़ी लगाने वाली महिला बबली कुशवाहा (Babli Kushwaha) की बात कर रहे है। ये कांजी बड़े वाले बाबा नारायण सिंह (Narayan Singh) की बहू बबली है। जो सात जून 2021 से अपने ससुर की मृत्यु के उपरांत कांजी-बड़े की दुकान लगा कर अपने ससुर के द्वारा दिए गए व्यापार को चला रही है।
ससुर के जाने के बाद बहु ने संभाला ससुर का कारोबार
ससुर की मृत्यु के पश्चात बहु ने अपने ससुर का स्वाद बरकरार रखने की ठानी। आज बबली उसी जगह अपनी दुकान लगाती है जहा पर उसके ससुर लगाया करते थे। वह शाम के छह बजे से रात दस बजे तक कांजी बड़े की दुकान लगाती हैं।
कांजी बड़े वाले बाबा के नाम से प्रसिद्ध हुए आगरा के 91 वर्षीय नारायण सिंह ने आर्थिक तंगी से जूझते हुए कैंसर से दम तोड़ दिया।परिवार की अर्थिक स्थिति बहुत खराब है। परिवार को मदद की जरूरत है।@CMOfficeUP @myogiadityanath @PMOIndia @OfficeOfDMAgra @ndtvindia @aajtak @ABPNews @ANI pic.twitter.com/AFtriyF04x
— Mohan Chaudhary (@MohanCh23387356) June 13, 2021
हर दिन कोई न कोई व्यक्ति बाबा के बारे में पूछता ही है। बबली बताती कि हर 100 दिन पूरे होने पर सबसे पहले आने वाले दस ग्राहकों को मुफ्त में कांजी-बड़ा खिलाती हैं। अभी तक उन्हे 400 दिन पूरे हो रहे है, अभी भी उनकी यह रीति चली आ रही है।
लाइट के समस्या से परेशानी होती है
बबली कहती है कि जिस स्थान पर बाबा अपनी दिहाड़ी लगाते थे, वो जगह आज भी वैसे ही चमकती है। बाबा को लोगो का खूब प्यार मिला। बबली आगे कहती है। कि जहा वे अपना ठेल लगाती है, वहा पर लाइट की अच्छी व्यवस्था नहीं है। वो लाइट कभी चालू रहती है, तो कभी बंद हों जाती। अगर यह लाइट ठीक हो जाती हैं फिर कोई समस्या नहीं है।
वीडियो के वायरल होने से कारोबार में मिली थी गति
महामारी की मार से झेल रहें, आर्थिक परेशानी कांजी बड़े वाले बाबा नारायण सिंह का एक वीडियो धनिष्ठ के द्वारा इंस्टाग्राम पर पोस्ट किया जो काफी ज्यादा वायरल हुआ था। शेयर वीडियो के कैप्शन में उन्होंने लिखा कि कांजी बड़े वाले बाबा के स्टाल (Kanji Vade Baba Stall Agra) पर उनके द्वारा बनाए गए स्वादिष्ट बड़े खाए और उनकी सहायता करे। जितना आपसे हो सके।
आगरा के जिलाधिकारी प्रभु नारायण सिंह पहुंचे कांजी बड़े वाले बाबा की ठेल पर।
500 रुपये देकर खरीदे सारे कांजी बड़े।
90 वर्षीय नारायण सिंह का बढ़ाया हौंसला, हर मदद का दिया भरोसा. @DrSatyaSaraswat pic.twitter.com/pcwLlNUskb— Anil Tiwari (@Interceptors) October 10, 2020
उस वक्त इस वीडियो को काफी लोगो ने देखा था। जिससे उन्हे काफी मदद भी मिली। कांजी बड़े की दिहाड़ी लगाए 90 वर्ष के बाबा का वीडियो फिल्म अभिनेत्री स्वरा भास्कर के साथ सेकडो लोगों ने अपने ट्विटर पर शेयर किया था। सभी लोगो ने बाबा की मदद के लिए लोगो से अपील की। अब बाबा के जाने के बाद उनकी बहू (Bahu) बाबा के स्वाद और उनके नाम को बनाए रखने के लिए मेहनत कर रही है।



