
Photo Credits: Viral On Twitter
Mainpuri: महाभारत हमारे देश भारत का प्रमुख ग्रंथ काव्य है। इसका इतिहास बहुत ही पुराना है। इस काव्यग्रंथ को भारत का पौराणिक, ऐतिहासिक और धार्मिक ग्रंथ माना जाता है। महाभारत हिन्दुओं के प्रमुख धार्मिक ग्रंथों में से एक है।
महाभारत (Mahabharata) को पूरे विश्व का सबसे लंबा महाकाव्य और साहित्यिक ग्रंथ माना जाता है। महाभारत महाकाव्य की रचना वेदव्यास जी ने की थी। महाभारत की पूरी कथा कर्ण और उनके भाईयों के आस पास घूमती है। महाभारत का युद्ध विश्व का सबसे बड़ा धर्मयुद्ध माना जाता है।
राज्य उत्तरप्रदेश के मैनपुरी में 4000 साल पुराने हथियार मिले
इस काल से जुड़े राज्य उत्तरप्रदेश (Uttar Pradesh) के मैनपुरी (Mainpuri) में आज से लगभग 4000 साल पुराने हथियार मिले है। इन हथियारों के मिलने के बाद से ही वैज्ञानिक काफी उत्सुक नजर आ रहे है। अध्ययन से यह अनुमान लगाया गया है, कि यह हथियार द्वापर युग के है और इनका संबंध महाभारत काल से हो सकता है। क्या वास्तव में इन हथियारों का संबंध महाभारत काल से है आइये जानते है।
महाभारत के युद्ध में इस्तेमाल होने की है संभावना
हमारे देश के राज्य उत्तरप्रदेश का संबंध महाभारत काल (Mahabharat Period) से जुड़ा हुआ है। यह हम सभी बहुत अच्छे से जानते है। अभी हाल ही में यूपी के स्थान मैनपुरी में कई अस्त्र मिले है। यह अस्त्र मैनपुरी में एक खेत से मिले है। अध्ययन करने के बाद यह कहा जा रहा है, कि यह हथियार आज से लगभग चार हजार वर्ष पुराने (4000 Year Old) है।
इन अस्त्रों में भाला, कांता, तलवार और त्रिशूल शामिल है। यह सभी अस्त्र तांबे (Copper Weapons) के बताये जा रहे है। यह अस्त्र पुराने है जिससे ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है कि इनका संबंध महाभारत काल में होने वाली लड़ाई से हो सकता है। इन हथियारों के मिलने के बाद से पुरातत्वविदों में काफी उत्साह है।
प्राचीन काल में होते थे तेज और बड़े आकार के हथियार
इन हथियारों में जंग लग चुकी है। जब इन हथियारों की जॉंच की गई तो परिणाम में यह साबित हो गया कि आज से कई हजारों साल पहले भी भारतीय युद्धवीरों के पास में बहुत ही उन्नत किस्म के अस्त्र हुआ करते थे। युद्धवीर लड़ाई में उन्न्त प्रकार के तलवार और बड़े अस्त्र का उपयोग करते थे। प्राचीन काल (Ancient Time) में भी लोगों के पास लगभग चार फीट के तेज धारदार हथियार और तारामछली के आकार के भी हथियार हुआ करते थे।
किसान को जुताई के दौरान मिले ताम्र के हथियार
बताया जा रहा है कि उत्तरप्रदेश के मैनपुरी में स्थित गणेशपुर गॉंव (Ganeshpur Village) में एक किसान खेत पर जुताई कर रहा था। जब वह खेत की जुताई कर रहा था, उस समय उसे खेत में कुछ हथियार मिले।
जोगी बाबा के राज्य में छोटे से मैनपुरी के एक गांव के खेत से 4000 साल पुराने हथियार मिले हैं!
हथियारों की बनावट महाभारत के युद्ध में प्रयोग हुए हथियारों जैसी है, जिसे पुरातत्व विभाग वाले भगवान श्रीकृष्ण काल यानी द्वापर युग के बता रहे हैं!हथियार कांसे, सोने और चांदी धातु से बने हैं pic.twitter.com/dJCVQALRDX— vijay singh🔸cawnpore (@VijaySinghcawn) June 25, 2022
किसान को जब यह हथियार मिले तो उसे लगा कि यह हथियार शायद सोने के होंगे। यह सोचकर वह किसान उन हथियारों को अपने घर लेकर चला गया। लेकिन किसान को खेत में पुराने हथियार मिलने की बात पूरे गॉंव में पता चल गई और किसी ने चुपके से पुलिस को इस बारे में सूचना दे दी।
जब पुलिस को इसकी सूचना मिली तो भारत की परातत्व सर्वेक्षण की टीम गॉंव गणेशनगर में पहुँची। वहां पहुँचकर पुरातत्व की टीम ने किसाने के घर से 39 ताम्र के हथियार प्राप्त किये। हथियार मिलने के बाद पुरातत्व की टीम ने इस ताम्रनिधि को विभाग में सौप दिया।
जॉंच से पता लगा कि 4000 साल पुराने है यह हथियार
विभाग के द्वारा जब इनकी जॉंच की गई और जॉंच में खुलासा हुआ कि यह हथियार आज से लगभग चार हजार साल पुराने है। अधिक अध्ययन करने पर यह भी पता लगा कि इन हथियारों का सम्बंध द्वापर युग से है। भुवन विक्रम जो कि आर्कियोलॉजी के निदेशक है। उन्होंने यह दावा किया है, कि यह सभी अस्त्र जो कि तांबे के है। वह पाषाण युग के है। पाषाण युग जिसे कॉपर एज कहा जाता है।
यूपी के मैनपुरी में गणेशपुर गांव में खेत समतल करने दौरान एक किसान को कुछ हथियार मिले। बात प्रशासन तक पहुंची खुदाई के बाद इतने हथियार मिले की सब आश्चर्य में पड़ गए। ये सभी तांबे के हैं और करीब 4000 साल पुराने बताए जा रहे हैं। इस तरह की खोज हमारे इतिहास को नए आयाम दे सकते हैं। pic.twitter.com/dVadw8pqYk
— Ashok devda महाकाल की नगरी उज्जैन (@AsHoKDevDa7799) June 28, 2022
आगरा में सर्किल के अधीक्षक राजकुमार पटेल ने इस खोज को बड़ी खोज बताया है। उनसे जब इसकी जानकारी ली गई तो उन्होंने बताया कि यह हथियार शुरूआत में देखने पर ही 1800 ईसा पुर्व के समय के लगते है।
ये सनातन धर्म है.. 🚩.. जितना खोदोगे उतना गहरा मिलता जाएगा
सत्यता को प्रमाण की आवश्यकता नहीं.. 👌
उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जनपद में एक किसान के खेत में खुदाई के दौरान करीब चार हजार साल पुराने ताँबे के नुकीले हथियार मिले जिसे द्वापर युग महाभारत काल से जोड़कर देखा जा रहा है। pic.twitter.com/puhyZn8CVG
— 𝓴 𝓴 𝓼𝓪𝓰𝓪𝓻🌷कमल🌷(विश्वकर्मा) 🇮🇳 (@vishwakarmakks) June 25, 2022
उन्होंने जानकारी देते हुए यह भी बताया कि आगरा, मैनपुरी, गंगा बैल्ट और एटा यह सभी ताम्रनिधियों वाली संस्कृति के क्षेत्र है। इनका इतिहास 3800 वर्ष से भी पुराना है। पुरातत्व विभाग के लिए यह खोज बहुत ही बड़ी है। इससे महाभारत काल के धर्मयुद्ध की पुष्टि करने में बल मिलेगा



