ऑटो रिक्शा वाले ने सवारी को अपने बेटे की 12वीं की मार्कशीट दिखाई, 600 में 592 अंक देश हैरान रह गये

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Auto driver
Auto Rickshaw Driver demo file photo.

Demo File Photo Used

Akola: इस संसार में हर माता पिता की क्‍या इच्‍छा होती है, बस यही कि उनके बच्‍चें जीवन में कुछ ऐसा कर जाये कि उनका भविष्‍य सुरक्षित हो जाए। माता पिता चाहते है कि उनके बच्‍चे ऐसा मुकाम को हासिल करें कि वह समाज में सर उठा कर चल सके। माता पिता चाहते है, कि एक दिन उन्‍हें भी उनके बच्‍चों के नाम से जाना जाये और उन्‍हें अपने बच्‍चों पर गर्व करने का मौका मिले। इससे फर्क नहीं पड़ता की माता पिता किस आर्थिक वर्ग से आते है।

चाहे आम परेंट्स हो या फिर कोई सेलीब्रिटी। सब यही चाहते है, कि उनके बच्‍चे उनसे भी ज्‍यादा तरक्‍की करे। बस इसलिए माता पिता अपने बच्‍चों को किसी भी चीज की कमी नहीं होने देते हे। चाहे माता पिता अपने जीवन में कितनी भी परेशानियों का सामना कर रहे हो।

वह दिन रात मेहनत करते है, पर अपने बच्‍चें को किसी भी चीज की कमी नहीं होने देते। अभी हाल ही में आरमाधवन ने भी गर्व करते हुए अपने बच्‍चे की स्‍विमिंग में मेडल जीतने की सक्‍सेस स्‍टोरी सोशल मीडिया पर शेयर की थी।

अभी का समय दसवी और बारहवी के रिजल्‍ट का चल रहा है। सभी राज्‍य में दसवी और बारहवी के रिजल्‍ट घोषित हो रहे है। रिजल्‍ट आने के बाद से आये दिन हम बच्‍चों कि सक्‍सेस स्‍टोरी पढ़ रहे है। अभी हाल ही हमने सुना की जयपुर में एक ऑटोचालक की पुत्री ने 96 फीसदी अंक हासिल किए। हमने हरियाणा कि कहानी भी सुनी जिसमें एक कंडक्‍टर के बेटे ने अपने राज्‍य में टॉप किया।

इसके अलावा हमने बिहार में एक मॉं की स्‍टोरी भी सुनी। जिसमें एक बेटा अपनी मॉं की मार्कशीट शेयर करते हुए गर्व महसूस कर रहा था। क्‍योंकि उस बेटे की मॉं ने चुपके से कडी मेहनत करके पढ़ाई की और दसवी में 79 फीसदी अंक लेकर पास हो गई। इन्‍हीं सक्‍सेस स्‍टोरी के बीच में आज हम आपके पास एक ऐसे टॉपर बच्‍चे की कहानी लेकर आये है। जिसके पिताजी महाराष्‍ट्र में ऑटो चलाते है और उस ऑटोचालक के बेटे ने 12वी में 98.66 प्रतिशत हासिल किये है।

ऑटो चालक के बेटे ने 98 फीसदी अंक हासिल किए

आज के दौर में बच्‍चे दसवी और बारहवी में बहुत ही अच्‍छा प्रदर्शन करते है, इसमें कोई दौराह नहीं है। लेकिन हर बच्‍चे की स्‍टोरी हम तक नहीं पहुँच पाती है। कुछ कि अखबार तक पहुँचती है तो कुछ की सिर्फ स्‍कूल बोर्ड तक ही सिमट कर रह जाती है। लेकिन इंटरनेट के इस दौर में ज्‍यादातर खबरे हम तक किसी भी तरह से पहुँच ही जाती है।

आज की यह सक्‍सेस स्‍टोरी है, महाराष्‍ट्र (Maharashtra) राज्य के अकोला (Akola) में रहने वाले गरूद सचिन बालू (Garud Sachin Balu) की है। विकास अरोड़ा नाम के व्‍यक्‍ति ने सचिन की स्‍टोरी सोशल मीडिया पर एक तस्‍वीर के साथ शेयर की। उन्‍होंने बताया कि महाराष्‍ट्र के सचिन ने बारहवी की परीक्षा में 600 अंक में से 592 अंक यानि की 98.66 प्रतिशत अंक हासिल किये है।

ऑटो चालक ने पेसेंजर को दिखाई अपने बेटे की मार्कशीट

सचिन के पिताजी ऑटो रिक्‍शा (Auto Rickshaw) चलाते है। अपने बच्‍चे की इस सफलता को देखकर पिताजी की छाती गर्व से फूल गई। लेकिन सचिन की कहानी अखबार और न्‍यूज चेनलों में से किसी की भी हेडलाइन नहीं बन पाई। लेकिन पापा को बच्‍चे की सफलता पर बहुत ही गर्व हुआ। सचिन के पिताजी को अपने बच्‍चे की सफलता पर इतने खुश हुए कि अपनी खुशी को वह पेसेंजर से व्‍यक्‍त करने से खुद को रोक नहीं पाए।

सचिन के पिताजी ने ऑटो में आ रहे हर पेसेंजर (Passenger) को अपने बच्‍चे के अंक के बारे में बताया। उन्‍होंने अपने बच्‍चें की मार्कशीट (Marksheet) पेसेंजरों को दिखाई। सभी पेसेंजर एक पिता की यह खुशी देखकर बहुत ही इमोशनल हो गये। सभी ने सचिन के पिता को उनके बच्‍चे की सफलता पर बधाई दी। इसके साथ ही सचिन के अच्‍छे भविष्‍य की कामना की।

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