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Jalore: मुंबई जिसे सपनों के शहर की संज्ञा दी गई है। इसका कारण यह है कि इस शहर में हर कोई जाकर इस शहर की चकाचौंध में खो जाना चाहता है। इस शहर को मायानगरी भी कहा जाता है। देश का हर युवा इस शहर में जाकर अपनी जिंदगी बिताना चाहता है।
अगर हम आपको कहे कि एक युवक जोकि इस सपनों के शहर में अपने कपड़ो के लाखों के टर्नओवर वाले व्यवसाय को छोड़ कर अपने गॉंव वापस आकर खेती करने लगा तो शायद आप यह सुन कर अचंभित हो जायेंगे। यह सुन कर आप सोच रहे होंगे कि सपनों के शहर में इतना बड़ा बिजनेस होना और इतनी अच्छी आरामदायम जिंदगी होने के बावजूद भी कोई ऐसा केसे कर सकता है। पर यह बात बिल्कुल सच है।
मदन जी का सफर
आज हम जिस व्यक्ति की कहानी लेकर आये है, उनका नाम मदन सिंह सोलंकी (Madan Singh Solanki) है और वह राजस्थान (Rajasthan) के जालोर (Jalore) जिले के तड़वा नामक स्थान रहते है। मदन जी मायानगरी मुंबई (Mumbai) से 2014 को अपना बिजनेस छोड़ कर गॉंव में आकर खेती करने लगे और अब अपने गॉंव में लाखो की कमाई कर रहे है।
आपको बता दे, कि मदन सिंह केवल 10वी पास है और उन्हें हमेशा से ही खेती (Farming) में नये नये तरीको का प्रयोग करना पसंद है। वैसे तो वह पहले भी खेती मे कई तरह के एक्सपेरिमेंट किया करते थे। लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिलती थी।
लगभग 5 साल तक उन्हें इस खेती में कोई सफलता हाथ नहीं लगी। लेकिन उन्होंने हार ना मानते हुए अपना प्रयास जारी रखा। सफलता प्राप्त करने के लिए उन्होंने और कड़ी मेहनत के साथ पहले से भी डबल जोश के साथ अपने कार्य में लग गये। आज उनका नया एक्सपेरिमेंट उनकी जिंदगी बदल रहा है। आपको बता दे, कि मदन अपने खेतो में फल सब्जी को उगाते है और इससे ही लाखो कि कमाई (Income In Lakhs) करते है।
कैसे हुई लाखों कि कमाई
आपको बात दे कि 5 साल बाद बर्ष 2019 में मदन जी ने अपने खेतों में दो पाली हाउस (Pali House) लगाई और इसमें वह सब्जियॉ उगाने लगे। इसके अलावा वह अपने फार्म हाउस में कांकरेज और गिर गाय का पालन करने लगे, जिससे उन्हें जो घी प्राप्त होता था।
उसका वह गुजरात राज में निर्यात करने लगे और अभी की बात की जाये, तो उन्होंने एक नया एक्सपेरिमेंट किया है, अब वह अनार और पपीते की खेती करने मे जुट गये है। मदन जी बताते है कि उन्होंने तुर्की सीड्स को खरीदकर खीरे की खेती (Kheere Ki Kheti) भी की है। जिससे उन्हें बहुत अधिक फायदा हुआ है।
आज उनकी यह ककड़ी जालोर मंडी में एक अलग ब्रांड बन चुकी है। मदन जी कहते है, की आगे भी वह पपीते और अनार की खेती करेंगे। इस बार वह इसकी कमाई का टारगेट 1600000 रूपये रखेंगे और इस बार वह इन अनारों का केवल भारत ही नहीं, बल्कि दूसरे देश बांग्लादेश मे भी निर्यात करेंगे।
मदन जी बताते है कि उन्होंने जो 2 पाली हाउस बनाये है। वह 2000 स्क्वायर फीट में है। मतलब 2000 2000 स्क्वायर फीट के 1-1 पॉली हाउस है। जिसमें मदन ने खीरा और ककड़ी की खेती (Cucumber Farming) करते है और साथ में सब्जियॉं भी उगाते है। जिससे उन्हें उसकी अच्छी पैदावार प्राप्त होती है।
वह बताते है उनके 2000 स्क्वायर फीट के 1 पॉली हाउस में वह 4000 खीरे के पौधे लगते है। यह खेती वह साल में 2 बार करते है। जिससे उन्हें अच्छा खासा फायदा भी होता है।
पानी की बचत का रखते है ख्याल
मदन खेती करते समय पानी की बचत पर भी ध्यान देते है। मदन सिंह बताते है, की उनके खेत में एक टयूबवैल है। जिसमें उनके खेत में पॉली हाउस में पानी की सिंचाई के लिए ड्रिप सिस्टम भी लगा है।
जिससे उन्हें कम पानी में सिंचाई करने में सुविधा मिलती है और कम पानी में ही अधिक सिंचाई हो जाती है। इसके अलावा भी पानी बचाने के लिए वह फव्वारा टेकनीक का इस्तेमाल करते है। ताकि पानी कम यूज हो और उनके खेत का सारा एरिया कवर हो जाये।
मदन सिंह जैसे लोग उन लोगो के लिए एक उदाहरण है, जो यह कहते है कि खेती से लाखो की कमाई नहीं की जा सकती है। उनकी मेहनत और नये तरह से खेती करने की चाहत ही उन्हें इस मुकाम पर लेकर आ गई है, कि वह आज खेती से लाखों कि कमाई कर पा रहे है। मदन सिंह जी को हम उनकी इस उपलब्धि के लिए बधाई देते है।




