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Puttur Taluk: माना जाता है कि कोई भी व्यक्ति कही भी पैदा हुआ हो, लेकिन अगर उसमें किसी चीज को पाने कि शिद्दत है, तो वह उसे हासिल कर ही लेता है। सफलता किसी भी परिस्थिति कि मोहताज नहीं होती। अगर हमने एक बार दृढ़ निश्यच कर लिए कि हमें कामयाबी हासिल करनी है। तो एक दिन कामयाबी हमारे कदम जरूर चूमती है और यह भी सत्य है कि किसी व्यक्ति की सफलता से उसकी आने वाली पीढ़ी की स्थिति तय होती है।
आज हम आप लोगों को एक ऐसे व्यक्ति की जीवन सफलता के बारे में बता रहे हैं, जोकि एक गरीब निर्धन परिवार में जन्में थे। लेकिन उन्होंने अपनी कड़ी मेहनत जज्बे और लगन से एक ऐसा मुकाम हासिल कर लिया कि उनकी आगे आने वाली पीढ़ी को भी जीवन में किसी तरह कि कठिनाईयों का सामना नहीं करना पड़ेगा। उन्होंने अपनी लगन और मेहनत से अपनी आने वाली पीढ़ियों के लिए करोड़ों रुपए कमा कर रख दिये है। आइये जानते हैं उस व्यक्ति के बारे में।
कामत जी कि पारिवारिक स्थिति
हम जिस व्यक्ति कि बात कर रहे हैं, वह कर्नाटक के पुत्तुर तालुका (Puttur Taluk) स्थित मुलकी गाँव के रहने वाले है। उनका नाम रघुनन्दन श्री निवास कामत (Raghunandan Srinivas Kamath) है। जिनका जन्म एक गरीब निर्धन परिवार में हुआ था। लेकिन फिर भी उन्होंने गरीबी के आगे घुटने ना टेकते हुए ऐसा कार्य किया कि आज करोड़ो कि संपत्ती के मालिक बन चुके है।
इनके पिता फल और सूखी लकड़ियाँ बेचकर अपने पूरे परिवार का पालन पोषण एवं देखभाल करते थे। बड़ी मुश्किल से इनके पिता जी अपने सात बच्चों और अपने पूरे परिवार का पेट भर पाते थे। उनके काम से जो भी उन्हें मुनाफा होता था।
वह सब अपने परिवार के लालन पोषण में खर्च हो जाता था। चूँकि कामत जी के पिता जी फल बेचने का काम करते थे इस वजह से कामत जी को भी सभी फल के स्वाद के बारे में अच्छी जानकारी थी और यही उनके बिजनेस करने में सहायक साबित हुआ।
जैसे ही समय आगे बढ़ा कामत जी के भाई बड़े हो गए और परिवार का खर्चा चलाने और परिवर को सम्हालने के लिए उनके भाई लोग काम करने लगे। वह मुंबई जो कर शिफ्ट हो गये। सन् 1966 में आर एस कामत जी भी अपने परिवार की जिम्मेदरियाँ निभाने और परिवार की गरीबी दूर करने के उद्देश्य से अपना सहयोग देने के लिए पैसे कमाने अपने भाईयों के पास मुंम्बई (Mumbai) आ गये।
कैसे आया आइसक्रीम का बिजनेस (Ice-Cream Business) करने का विचार
मुंबई में गोकुल (Gokul) नाम से कामत और उनके भाई ढाबा चलाने लगे। कामत के भाईयों ने उनको भी अपने ढाबे पर लगा लिया था। उनके ढाबे पर जब भी कोई कस्टमर आइसक्रीम खरीदता था, तो उन्हें देखकर कामत एक दिन कुछ अलग करने का विचार मन में लेकर आते थे।
धीरे-धीरे वह आइसक्रीम के बिजनेस के बारे में सोचने लगे। फिर 1983 में उनकी शादी हो गई। कुछ समय के बाद उन्होंने आइसक्रीम का बिजनेस करने का डिसिजन लिया। हालांकि यह कदम बहुत ही मुश्किलों से भरा था, क्योंकि उनकी कंडीशन उस समय अच्छी नहीं थी और बिजनेस के लिए पैसे जुटा पाना उनके लिए संभव नहीं था।
जूहू से की अपने बिजनेस कि शुरूआत
अपने बिजनेस को शुरू करते हुए कामत ने 14 फरवरी 1984 को जूहू बीच में नेचुरल आइसक्रीम (Natural Ice Cream) के नाम से एक आउटलेट (Outlet) की शुरुआत कर दी। उनकी आइसक्रीम की सबसे खास बात यह थी, कि उसका टेस्ट बहुत ही प्राकृतिक था।
Raghunandan Kamath
Son of a Poor Fruit Vendor, Made His
Way From A Mud House In A
Karnataka village To Mumbai, A
Few Decades Ago.
Today He Runs A 300 Cr
Turnover Ice Cream Company
"NATURALS"
lt Doesn't Matter Where You Start,
What Matters is Where You Want To Be@Naturalicecream pic.twitter.com/ap0SUSbXfO— Vikash Singh (@emvikkkash) September 22, 2021
शुरूआत में उनके आइसक्रीम पार्लर (Ice Cream Parlour) पर ज्यादा लोग नहीं आया करते थे और वह इस बात को लेकर काफी परेशान भी रहा करते थे। इस परिस्थिति से उभरने के लिए वह हमेशा अपने बिजनेस को बढ़ाने के बारे में सोचते रहते थे।
अपने बिजनेस को आगे बढ़ाने के लिए और आइसक्रीम को ज्यादा से ज्यादा लोग खरीदे इस लिए कामत ने आइसक्रीम के साथ साथ मसालेदार पाव भाजी बेचने का काम शुरू कर दिया। अब होता यह था कि पावभाजी खाने के लिए आने वाले सभी लोग तीखा खाकर कामत की ठंडी और मीठी आइसक्रीम खाते थे। और धीरे-धीरे उनकी आइसक्रीम को सही पहचान मिलने लगी। उनकी दुकान फेमस होने लगी और उन्हें इससे काफी फायदा होने लगा।
कई तरह के फ्लेवर है आइसक्रीम में
प्रारंभ में कामत जी के आइसक्रीम पार्लर में आम, चॉकलेट, सीताफल, काजू और स्ट्रॉबेरी जैसे फ्लेवर वाली आइसक्रीम मिला करती थी। उनकी आइस्क्रीम पूरी तरह से शुद्ध होती थी। उसमें किसी तरह की मिलावट नहीं होती थी। इस कारण धीरे-धीरे लोगों का उन पर भरोसा बढ़ने लगा।
How a small-time fruit vendor’s son built one of the most revered ice cream brands of India
Mega Thread on Raghunandan Kamath, the man behind Naturals Ice Cream
Would appreciate a Retweet as it helps us educate more investors and inspire us in producing more such content. pic.twitter.com/R3Bu6SmbIA
— Abhijit Chokshi | Investors का दोस्त (@stockifi_Invest) November 6, 2021
उसके बाद उन्होंने पावभाजी बेचना बंद कर दिया और अपनी नेचुरल आइसक्रीम पार्लर को ही चालू रखा। लेकिन धीरे धीरे बाजार में आइसक्रीम का कॉम्पटीशन बहुत ही बढ़ गया और इस समस्या से निजात पाने के लिए आर एस कामत जी ने अपने ग्राहकों से बातचीत करनी शुरू कर दी। जिससे उन्होने यह जाना कि उनके देसी फ्लेवर के अलावा भी मार्केट में आइसक्रीम के कई विदेशी किस्म के फ्लेवर्स बाजार में आ रहे है।
इसके बाद उन्होंने आइसक्रीम फ्लेवर्स में कटहल, कच्चा नारियल और कालाजामुन फ्लेवर भी ऐड कर लिया। इन फ्लेवर्स को बनाने के लिए आर एस कामत ने खुद ही एक अलग तरीके की मशीन भी बनवाई। इन मशीन को इन्होंने खुद से ही अपनी जरूरत के हिसाब से डिजाइन करवाया।
Raghunandan Kamath, son of a fruit vendor from a small village in Karnataka made his way to Mumbai.
He set up one of Mumbai’s first artisanal #IceCream parlours. Today, #Naturals has had revenue over ₹100 crore in each of the last few years.
Be unique, be successful! pic.twitter.com/LGenn1VNST
— Jayesh Gangan (@AwaaraMusaafir) December 4, 2020
इसके बाद बाद आर एस कामतजी की आइसक्रीम का उत्पादन और भी बढ़ गया और ग्राहकों द्वारा डिमांड भी बढ़ गई। कामतजी की कंपनी नेचुरल आइस्क्रीम “Natural Ice Cream” ने आज पूरे देश में अपनी एक अलग पहचान बना ली है।
कंपनी की अपनी एक अलग वेबसाइट है, जिसके जरिए आज पूरे देश में उनके 135 से भी ज्यादा आउटलेट हैं। सिर्फ 5 फ्लेवर्स से शुरू हुई, उनकी आइस्क्रीम कंपनी, आज 20 फ्लेवर्स की आइसक्रीम बन गई है और यह लोगों तक अपना फ्लेवर पहुंचा रही है। आज कामत जी के 100 से ज्यादा स्टोर है। जिसके जरिए वह करोड़ो रूपए कि कमाई बिजनेस हो रही हैं। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़ उनकी कंपनी आज 300 करोड़ का साम्राज्य बन चुकी है।



