हमेशा वायरल रहने वाले IAS दीपक रावत के बारे में जानें, संघर्ष के बाद मुश्किलों से जूझते हुए बने अफसर

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IAS Deepak Rawat story
IAS Deepak Rawat Biography In Hindi. Story Of IAS Deepak Rawat will inspire you. How Deepak Rawat will cracked UPSC Exam.

Photo Credits: IAS Deepak Rawat on Social Media

Mussoorie: देश में 90 प्रतिशत युवा सिविल सर्विसिस के सपने देखते है। हर साल लाखों युवा आईएएस एग्जाम के लिए एलिजिबल होते है साथ ही दिन प्रति दिन कॉम्पिटिशन भी बढ़ते जा रहा है। UPSC की परीक्षा देश की सबसे कठिन परीक्षा है।

अगर विद्यार्थी इस परीक्षा में सफलता पाना चाहता है, तो स्टूडेंट्स को सही रणनीति के साथ कड़ी मेहनत करने की जरुरत होती है। ऐसा करने से वह यूपीएससी की परीक्षा में सफलता जरूर हासिल करता हैं। बहुत से स्टूडेंट्स असफलताओं से हारकर तैयारी ही छोड़ देते है।

परंतु बहुत सारे ऐसे लोग भी है, जिनको निरंतर असफलता मिली, परंतु वह हार से डरे नहीं बस अपने लक्ष्य की तरफ एकाग्रचित होकर प्रयासरत रहे और आखिर में सफलता हासिल कर ही लेते है। क्योंकि कोशिश करने वालों की हार नहीं होती। आज हम बात करेंगे एक ऐसे ही आईएएस ऑफिसर की जिन्होंने हार नहीं मानी और अपने लक्ष्य को हासिल किया।

हमने कई बॉलिवुड फिल्में देखी होगी, जिसमें आईएएस ऑफिसर अपने काम को TV चैनल नहीं, तो सोशल मीडिया के माध्यम से देशवासियों तक पेश करने का प्रयास करते है। अब ऐसा ही कुछ रीयल लाइफ यानि की असल जिंदगी में भी देखने को मिल रहा है। जानकारी के मुताबिक देश के युवा आईएएस ऑफिसर भी अब सोशल मीडिया में अपने काम को देशवासियों तक पेश करने लग गए है।

दीपक रावत का सामान्य परिचय

भारतीय आईएएस अधिकारी दीपक रावत का जन्म 24 सितंबर 1977 को उत्तराखंड (Uttarakhand) राज्य के मसूरी (Mussoorie) में हुआ था। ये सोशल मीडिया पर अपने बेबाक और शख्त रवैया के लिए काफी चर्चा में रहते है। आईएएस अफसर दीपक रावत का स्वाभाव बहुत ही तेज़ है।

इन्होंने 2012 मे UPSC क्रैक किया और एक आईएएस ऑफिसर (IAS Officer) बने। हरिद्वार के डीएम बनने से पहले इनकी पोस्टिंग नैनीताल में थी। दीपक रावत एक साधारण परिवार से है।

इन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा मसूरी के सेंट जॉर्ज कॉलेज से की फिर आगे की पढ़ाई के लिये दिल्ली चले गए। फिर वहां के हंसराज कॉलेज दिल्ली यूनिवर्सिटी से अपना ग्रेजुएशन पूरा किया। फिर जवाहरलाल नेहरु यूनिवर्सिटी से अपनी पोस्ट ग्रेजुएशन पूरा किया।

आईएएस बनने का सफर

दीपक रावत ने पहले से अपना लक्ष्य UPSC नहीं चुना था। उन्होंने UPSC की तैयारी तब शुरू की जब उनके कुछ दोस्त आईएएस बनने का सपना लिए यूपीएससी की तैयारी कर रहे थे। उन्हें तैयारी करता देख दीपक रावत ने भी तैयारी शुरू कर दी और यही से दीपक रावत का IAS बनने का सफर शुरू हुआ।

कठिन परिश्रम से भी उन्हें वो सफलता नहीं मिल रही थी, क्योंकि इतनी मेहनत के बाद भी वे IAS की परीक्षा पास नहीं कर पा रहे थे, लेकिन इन्होंने इस असफलता से हार नहीं मानी और दूसरा मौका समझकर फिर से तैयारी में लग गए।

कुछ समय बाद अथक परिश्रम से परीक्षा पास की और उनकी मेहनत रंग लाई परंतु उनका चयन आईआरएस (IRS) के लिए हुआ। इस लिए उन्होंने एक बार फिर से एग्जाम देने का फैसला किया, क्योंकि उनका लक्ष्य आईएएस बनने का था और वह अपना सपना पूरा करना चाहते थे।

आखिरकार एक बार फिर परीक्षा देकर उन्होंने अपना सपना पूरा किया और वह एक आईएएस ऑफिसर बन गए। दीपक रावत ने एक इंटरव्यू के दौरान बताया कि यदि वह आईएएस ऑफिसर नहीं बन पाते, तो एक जर्नलिस्ट जरूर बनते।

आईएएस अधिकारी दीपक रावत (IAS Deepak Rawat) को कौन कौन से पद प्राप्त हुए

दीपक रावत को वर्ष 2011 में मजिस्ट्रेट बागेश्वर के रूप में नियुक्त किया गया, इसके बाद वर्ष 2012 में कुमाऊं मंडल विकास निगम के प्रबंध निदेशक के तौर पर तैनात किया गया। वर्ष 2014 से 2017 तक नैनी ताल में बतौर मजिस्ट्रेट काम किया और इसके बाद जिलाधिकारी हरिद्वार के रूप में कार्य किया। दीपक रावत एक ईमानदार आईएएस अधिकारी है और उनकी वर्तमान पोस्टिंग हरिद्वार में जिलाधिकारी के पद पर है।

अपने काम के प्रति ईमानदार और लगनशील होने के कारण दीपक रावत को ढेरो पुरस्कार मिल चुके है। दीपक रावत को अपने काम के प्रति समर्पण और अपना कार्य सच्ची निष्ठा से पूरा करने के लिए। वर्ष 2019 में केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के द्वारा राष्ट्रीय पुरस्कार दिया गया, जो उत्तराखंड के साथ साथ पूरे देश में गौरव की बात है।

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