
Mumbai: भारतीय हमेशा सीमित साधनों में नई नई तकनीकी का उपयोग करने के लिए जाने जाते हैं। इसे देशी भाषा में ‘जुगाड़’ (Jugad) कहते हैं। भारत एक जुगाड़ प्रधान देश कहलाता हैं। आए दिन लोग ऐसे ऐसे जुगाड़ करके ऐसा कुछ बनाते हैं। जिसे देखकर हर कोई आश्चर्य में पड़ जाता है।
उत्तरप्रदेश के बस्ती जिले के कप्तानगंज थाना क्षेत्र के रौताइनपुर ग्राम निवासी शिव पूजन का जुगाड़ू कार का वीडियो सोशल मीडिया में चर्चा का विषय बना हुआ है। देशी तकनीक पर बनी यह कार महिंद्रा ग्रुप के चेयरमैन आनंद महिंद्रा (Anand Mahindra) को भा गई है।
ट्विटर हैंडिल पर इसे शेयर करते हुए, आनंद महिंद्रा ने बस्ती (Basti district, Uttar Pradesh) के इस देशी इंजीनियर कि खूब तारीफ कि है। इसको लेकर शिव पूजन का परिवार ही नहीं समूचा गांव शिवपूजन के कलाकौशल पर गौरवान्वित महसूस कर रहा है।
भारतीय लोग हमेशा ही सीमित संसाधनों का उपयोग करके नये एक्सपेरिमेंट करने में आगे रहते है। हाल ही में ट्विटर पर एक वीडियों वायरल हो रहा है। इस वीडियों में एक दूध वाला (Milk Seller) फॉर्मूला वन (Formula One Car) जैसी कार पर दूध लेकर जाता हुआ दिखाई दे रहा है। उसका व्हीकल किसी रेसिंग कार की तरह दिखाई देता है।
इस वीडियो में कार की स्टीयरिंग और कुर्सी फिट है। जिसे एक व्यक्ति जैकेट और हेलमेट पहनकर रोड पर दौड़ा रहा है। गाड़ी में लदे दूध कंटेनरों से लग रहा कि वह एक दूध वाला है। इस वीडियों को देख कर आनंद महिन्द्रा ने भी उस क्रियेटिव व्यक्ति से मिलने की इच्छा जाहिर की है।
कैसे आया जुगाड़ू कार बनाने का विचार
सभी का मन हित है कि बड़ा होकर इंजीनियर बने या डॉक्टर या कोई बड़े अफसर। लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर रहता है। हर किसी के पास पर्याप्त साधन नही होते है कि वे अपने सपनो को पूरा कर सके। खुली आंखों से सपने तो सभी देखते है लेकिन उनको सभी सच नही कर पाते है। सपनो को सच करने के लिए जुनून होना चाहिये।
बचपन से ही नये कार्य करने की रुचि रखने वाले शिवपूजन इंजीनियर तो बनना चाहते थे, लेकिन परिवार की आर्थिक स्थिति सही ना होने के कारण उन्होंने अपने सपने को दबा लिया। इन्होंने पहले रंगाई पुताई का काम सीखा और इसी से गुजारा करने लगे।
शौक बढ़ा तो पेंटिंग भी करनी शुरू कर दी। दीवारों पर चित्रकारी व राइटिंग का काम सराहा जा रहा था। लेकिन इसमें कमाई न होता देख पांच वर्ष पूर्व उन्होंने वेल्डिंग का काम सीखा और गेट, ग्रिल आदि बनाने लगे। यहीं से उसके मन में जुगाडु कार बनाने का ख्याल आया।
भाइयों ने दिया साथ
किसी भी काम को शुरू करने के लिए खर्च तो करना पड़ता है, शिवपूजन के लिए ये बहुत बड़ा सवाल था कि पैसे कैसे आएंगे काम शुरू करने के लिए। शिवपूजन बताते है कि इस पर आने वाले खर्च को वहन करने की बारी आई तो उनके भाइयों ने साथ दिया और एक लाख रुपये का इंतजाम हो गया।
तीन महीने की कड़ी मेहनत से जुगाडू कार बनकर तैयार हुई। उनकी यह कार 40 से 50 किलो मीटर कि स्पीड से सड़कों पर दौड़ती है। यह पहली बार सड़क पर दौड़ी तो सबने वाह-वाह कर उनकी खूब तारीफ की। हौसला बढ़ा तो कार को और बेहतर मॉडल देने में जुट गये। इसके निर्माण पर सवा लाख रुपये खर्च हुए हैं।
इंटरनेट मीडिया पर वीडियो हुआ वायरल
शिवपूजन (Shivpujan) कहते हैं, कि उन्हें नहीं पता था कि यह वीडियो किसने डाला, फिलहाल जिसने भी ऐसा किया उसने उनकी मेहनत को समाज के सामने लाकर बड़ा उपकार किया है। राह चलते तारीफ करने पर कई लोगों के साथ उन्होंने फोटो खिंचवाई है। लेकिन अब इतनी बड़ी ऑटोमोबाइल कंपनी के चेयरमैन से तारीफ मिलने के बाद उनके हौसले काफी बुलंद है। वह भी आनंद महिंद्रा ने मिलने को लेकर काफी उत्सुक है।
आनंद महिन्द्रा ने जमकर की तारीफ
महिंद्रा ग्रुप (Mahindra Group) के चेयरमैन आनंद महिंद्रा इस ट्राइक से काफी प्रभावित हुए। उनके वायरल वीडियो (Viral Video) को शेयर करते हुए उन्होंने कहा कि यह व्हीकल रोड रेगुलेशन्स को भले ही पूरा ना करता हो। लेकिन यह जूनून तारीफ के काबिल है। इसके साथ ही आनंद महिंद्रा ने दूध बेचने वाले इस शख्स मिलने की इच्छा जाहिर की है।
I’m not sure his vehicle meets road regulations, but I hope his passion for wheels remains unregulated…This is the coolest thing I’ve seen in a long while. I want to meet this road warrior… https://t.co/lZbDnge7mo
— anand mahindra (@anandmahindra) April 29, 2022
उन्होंने विडियों शेयर करते हुये लिखा कि ‘शायद यह कार सड़क के नियमों का पालन नहीं करती है, लेकिन मुझे उम्मीद है कि कारों के लिए उन शख्स का जुनून बहुत ज्यादा है। मैंने लंबे समय बाद एक अच्छी चीज देखी है। में इस रोड वॉरियर से मिला चाहता हूँ।’ शिवपूजन का क्रिएशन वाकई तारीफ के काबिल है।



