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Jabalpur: 2 साल पहले भी JCB बुलडोज़र (Bulldozer) पर बहुत मेमे बने थे और यह भारी मशीन गाडी बहुत वायरल हुई थी। फिर भारत में योगी बाबा ने इस JCB बुलडोज़र को और अधिक सुर्ख़ियों में आ दिया। उनकी राह पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री भी चल दिए और बुलडोज़र मामा (Bulldozer Mama) कहलाने लगे।
हाल ही में ब्रिटैन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन (British PM Boris Johnson) ने भी JBC मशीन पर बैठकर इसे सुर्ख़ियों में ला दिया। ऐसे में लोगो के मन में सवाल आया की यह JCB आई कहा से और यह नाम कैसे पड़ा। आज हम इसकी हिस्ट्री जानेंगे।
आज के समय में JCB मशीन पीले रंग में देखी जाती है, परन्तु इनकी शुरुआत में इसका रंग नीला और लाल हुआ करता था। जब यह भारी भरकम चीज़ दुनिया के सामने आई थी, तब इसका नाम जेसीबी नहीं था। JCB उस कंपनी का नाम है, जो ये मशीन बनाती है। इस मशीन का सही नाम बैकहो लोडर (Backhoe loader) है। आज के समय में इसे JCB कहा जाने लगा है।
कुछ मीडिया रिपोर्ट्स को खंगालने के बाद पता चला की साल 1945 में शुरू हुई JCB कंपनी ने साल 1953 में पहला बैकहो लोडर निर्मित किया था। शुरुआत में यह मशीन ट्रैक्टर के साथ जुड़ी होती थीं, फिर आगे चलकर इसके मॉडल में बदलाव किए गए।
JCB बनाने वाली कंपनी ब्रिटिश है। इस JCB एक्सावेटर्स लिमिटेड का मुख्यालय रोसेस्टर स्टाफोर्डशायर में स्थित है। इस कंपनी के मालिक और फाउंडर ब्रिटिश अरबपति जोसेफ सायरिल बम्फोर्ड थे। 2001 में जोसेफ का निधन हो गया था और उनकी कंपनी का नाम उन्हीं के नाम पर रखा गया, जो JCB हो गया।
🇬🇧🇮🇳 UK–INDIA TRADE: British construction, agriculture, waste handling and demolition equipment manufacturer JCB opens another factory in India, expected to create 1,200 jobs. The new £100m facility in Gujurat is the company's sixth plant in India. https://t.co/Cxl2M2WtWS pic.twitter.com/VRXBmn8NVR
— Robert Kimbell (@Rob_Kimbell) April 23, 2022
उस दौर में इसका रंग नीला और लाल था। आगे चलकर इस मशीन में बहुत कुछ चेंज किये गए और साल 1964 में एक पीले रंग का बैकहो लोडर निर्मित किया गया। यह नई मशीन बहुत सफल हुई और फिर इन मशीनों का रंग तब से पीला ही हो गया। अब अन्न कंपनियां भी ऐसी मशीन बनती है, परन्तु इन मशीनों का रंग पीला ही रखा जाता है।
JCB मशीन का निर्माण भारत में भी होता है
इस भारी मशीन का निर्माण भारत में भी होता है। JCB India की 5 फैक्ट्री और एक डिजाइन सेंटर हमारे देश में भी मौजूद है। JCB ग्रुप की 6th फैक्ट्री गुजरात के वडोदरा में बन रही है। इसके बनने के बात भारत में 6 फैक्ट्री हो जाएँगी। भारत में बनने वाली JCB मशीनों का एक्सपोर्ट 110 से ज्यादा देशों में किया जा रहा है।
#BorisJohnson visits #JCB #Bulldozer factory at Halol GIDC, Panchmahal in #Gujarat | Catch the day's latest news and updates: https://t.co/pEfh6XUYzU pic.twitter.com/lZV1bxwAHn
— Economic Times (@EconomicTimes) April 21, 2022
इन बड़ी मशीनों का इस्तेमाल अवैध निर्माण गिराने, निर्माण कार्य करने, खेती, वज़न उठाने हुए जमीन खोदने में किया जाता है। JCB के अलावा भारत में ACE, वोल्वो, महि्ंद्रा एण्ड महिंद्रा, L एंड T जैसी कई कंस्ट्रक्शन इक्यूपमेंट मैन्युफैक्चरिंग कंपनियां हैं, जो इस मशीनों का निर्माण करती हैं। इनकी कीमत 10 लाख रुपए से 50 लाख रुपए तक बताई जाती है।



